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प्रॉपर्टी पर ऐसे कैलकुलेट होता है कैपिटल गेन टैक्‍स, ये हैं बचने के आसान टिप्‍स

प्रॉपर्टी की बिक्री से होने वाले प्रॉफिट पर कैपिटल गेन टैक्‍स देना होता है। आइए जानते हैं‍ कि प्रॉपर्टी की बिक्री पर कैपिटल गेन टैक्‍स के नियम क्‍या हैं और इससे कैसे बचा जा सकता है।

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नई दि‍ल्ली। प्रॉपर्टी की बिक्री से होने वाले प्रॉफिट पर कैपिटल गेन टैक्‍स देना होता है। अगर प्रॉपर्टी तीन साल के भीतर बेची जाती है तो शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्‍स और तीन साल के बाद बिक्री पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्‍स लगता है। आइए जानते हैं‍ कि प्रॉपर्टी की बिक्री पर कैपिटल गेन टैक्‍स के नियम क्‍या हैं और इससे कैसे बचा जा सकता है।
 
कैपिटल गेन टैक्स की क्या होती है रेट
लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स की दर 20 फीसदी है। वहीं शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स की दर सेलर्स के इनकम टैक्स स्लैब के आधार पर तय की जाती है। अगर सेलर 10 फीसदी इनकम टैक्स के स्लैब में है तो शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स भी 10 फीसदी लगेगा।
  
तीन साल से पहले कैपिटल गेन टैक्‍स में छूट नहीं
अगर, आप कैपिटल गेन टैक्‍स छूट लेना चाहते हैं तो यह जानना बहुत जरूरी है कि तीन साल के अंदर खरीदी हुई प्रॉपर्टी को बेचने पर कैपिटल गेन टैक्‍स छूट नहीं मिलता है। कैपिटल गेन टैक्‍स छूट लेने के लिए तीन साल के बाद प्रॉपर्टी की बिक्री होनी चाहिए।
 
फ्लैट-मकान पर कैपिटल टैक्‍स के नियम
फ्लैट या मकान की बिक्री पर कैपिटल गेन टैक्‍स लाभ पर लगता है। इसको ऐसे समझें। अगर आपने एक फ्लैट 20 लाख रुपए में खरीदा और उसे 25 लाख रुपए में बेचते हैं तो कैपिटल गेन टैक्‍स 5 लाख रुपए पर लगेगा। इससे बचने के लिए नई प्रॉपर्टी में 5 लाख रुपए का निवेश करना होगा।
 
पैतृक प्रॉपर्टी पर भी लगता है टैक्‍स
टैक्‍स एक्सपर्ट सुभाष लखोटिया ने बताया कि पैतृक प्रॉपर्टी की बिक्री पर कैपिटल गेन टैक्‍स लगता है। ऐसे में आप पैतृक या खुद से खरीदी प्रॉपर्टी बेचते हैं और लाभ होता है तो कैपिटल गेन टैक्‍स देना होगा।
 
जमीन की बिक्री पर कैपिटल गेन टैक्‍स के नियम
जमीन की बिक्री पर भी कैपिटल गेन टैक्‍स देना होता है। उदाहरण के लिए आपने कोई जमीन 2 लाख रुपए में खरीदी थी और उसे 10 लाख रुपए में बेचा है तो 8 लाख रुपए पर कैपिटल गेन टैक्‍स देना होगा। इससे बचने के लिए आपको किसी नई प्रॉपर्टी में 8 लाख रुपए का निवेश करना होगा। अगर, आपने 6 लाख रुपए ही निवेश किया तो बचे 2 लाख पर 20 फीसदी की दर से कैपिटल गेन टैक्‍स देना होगा।  
 
अगली स्‍लाइड में पढ़ें कैसे बचे कैपिटल गेन टैक्‍स से...
तस्‍वीरों का इस्‍तेमाल प्रस्‍तुतिकरण के लिए किया गया है। 
 
 कैसे बचाएं कैपिटल गेन टैक्‍स
 
 
बांड में निवेश कर बचाएं टैक्‍स
 
प्रॉपर्टी टैक्‍स के जानकार चार्टर्ड अकाउंटेंट संगीत कुमार गुप्‍ता ने मनीभास्‍कर को बताया कि कैपिटल गेन टैक्‍स से बचने के लिए कैपिटल गेन बांड में निवेश करना फायदेमंद होता है। निवेशक आरईसी और एनएचआई द्वारा जारी किए जाने वाले कैपिटल गेन बांड में निवेश कर कैपिटल गेन टैक्‍स से बच सकते हैं। हालांकि, इस बांड में एक वित्त वर्ष में 50 लाख रुपए से अधिक का निवेश नहीं कर सकते हैं। प्रॉपर्टी की बिक्री से हुए प्रॉफिट को 6 महीने के अंदर बांड में निवेश करना होता है। बांड का लॉक इन पीरियड तीन साल के लिए होता है।
 
नई प्रॉपर्टी में निवेश कर बचाएं
 
टैक्‍स एक्‍सपर्ट सुभाष लखोटिया ने बताया कि अगर आप अपनी पुरानी रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी को बेचकर नई प्रॉपर्टी खरीदते हैं तो कैपिटल गेन टैक्‍स से बच सकते हैं। पुरानी रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी की बिक्री कर नई खरीदने का उद्देश्‍य पैसा कमाना नहीं होता है। इसलिए इनकम टैक्‍स के सेक्‍शन 54 के तहत इसमें छूट मिलती है। हालांकि, आप नया मकान तीन साल तक नहीं बेच सकते हैं। अगर इससे पहले बेचते हैं तो टैक्‍स छूट का फायदा नहीं ले पाएंगे।
 
इंडेक्सेशन का करें इस्‍तेमाल
इंडेक्सेशन वह प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से कैपिटल एसेट की लागत और कीमत को कॉस्ट इंफ्लेक्‍शन इंडेक्स के साथ समायोजित किया जाता है। दूसरे शब्दों में कहें तो इंडेक्सेशन से यह पता चलता है कि मुद्रास्फीति के चलते आपका रिटर्न कितना कम हो गया। फिर सरकार इसी आधार पर टैक्‍स कम कर देती है। इस तरह मुद्रास्फीति के जरिए कैपिटल एसेट से हुआ फायदा कम हो जाता है और टैक्‍स बचाने में मदद मिलती है।
 
यानी, प्रॉपर्टी जितनी पुरानी होती है उतना ही कैपिटल गेन टैक्‍स कम लगता है। उदाहरण के लिए मोहन ने 2005 में एक मकान 35 लाख रुपए में खरीदा और उसे 2015 में 45 लाख रुपए में बेच दिया। कॉस्ट इंफ्लेशन इंडेक्स से गणना करने पर प्रॉपर्टी की कीमत करीब 43 लाख रुपए हुई। ऐसे में मोहन को सिर्फ 2 लाख रुपए पर 20 फीसदी की दर से टैक्‍स देना होगा, न कि 10 लाख रुपए पर।
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