Home » Personal Finance » Property » UpdatePM Modi laid foundation stone of Delhi Meerut expressway on 31st Dec 2015

दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस-वे का काम फिर अटका, नहीं शुरू हो पाया सेक्शन दो

डेढ़ साल बाद भी दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस-वे के दूसरे सेक्शन का काम शुरू नहीं हो पाया है

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नई दिल्‍ली। डेढ़ साल बाद भी दिल्‍ली मेरठ एक्‍सप्रेस-वे के दूसरे सेक्‍शन का काम शुरू नहीं हो पाया है। इस एक्‍सप्रेस-वे का शिलान्‍यास पत्‍थर स्‍वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रखा था। यह काम तीन सेक्‍शन में होना है, इसमें से दो सेक्‍शन में तो काम शुरू हो चुका है, लेकिन एक सेक्‍शन में काम शुरू नहीं हो पाया है। दिल्‍ली बॉर्डर से डासना तक बनने वाले इस सेक्‍शन को लेकर लगातार विवाद बना हुआ है। काफी प्रयासों के बाद इस सेक्‍शन का कॉन्‍ट्रेक्‍ट तो दे दिया गया, लेकिन अब कॉन्‍ट्रेक्‍ट लेने वाली कंपनी का फाइनेंशियल डिस्क्लोजर नहीं हो पा रहा है। हालांकि नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) को उम्‍मीद है‍ कि इस हिस्‍से का काम भी 15 अगस्‍त तक शुरू हो जाएगा।
 
किस कंपनी के पास कॉन्‍ट्रेक्‍ट
दिल्‍ली-यूपी बॉर्डर से लेकर डासना तक बनने वाले सेक्‍शन का कॉन्‍ट्रेक्‍ट लगातार विवादों में रहा। पहले तो कोई कंपनी कॉन्‍ट्रेक्‍ट लेने का तैयार नहीं थी, लेकिन इस साल की शुरुआत में चार कंपनियों ने बिडिंग में हिस्‍सा लिया। इनमें से एक कंपनी ने कोर्ट में चैलेंज कर दिया। इसके चलते बिडिंग प्रोसेस रोक दी गई। बाद में यह कॉन्‍ट्रेक्‍ट एपको-चेतक को दे दिया गया। एपको इंफ्रा मध्‍यप्रदेश और चेतक राजस्‍थान की कंपनी है। दोनों कंपनियों का ज्‍वाइंट वेंचर है। इसी कंपनी को तीसरे सेक्‍शन (डासना से हापुड़) का भी कॉन्‍ट्रेक्‍ट दिया गया है।
 
अब क्‍या है दिक्‍कत
एनएचएआई के एक वरिष्‍ठ अधिकारी ने बताया कि एपको-चेतक का फाइनेंशियल डिस्‍क्‍लोजर न होने के कारण काम शुरू नहीं हो पाया है। जबकि तीसरे सेक्शन, जिसका कॉन्‍ट्रेक्‍ट भी एपको-चेतक के पास है का काम शुरू हो गया है। उम्‍मीद थी कि एक अगस्‍त से दिल्‍ली-डासना का काम शुरू हो जाएगा, लेकिन अभी कंपनी को किसी बैंक ने फाइनेंस के लिए हामी नहीं भरी है। कंपनी लगातार बैंकों से बात कर रही है। उम्‍मीद है कि अगले सप्‍ताह तक बैंक प्रोजेक्‍ट को फाइनेंस करने के लिए तैयार हो जाएंगे, जिसके बाद 15 अगस्‍त को काम शुरू हो जाएगा।
 
दिसंबर 2015 में हुआ था शिलान्‍यास
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 दिसंबर 2015 को इस प्रोजेक्‍ट का शिलान्‍यास किया था। इसका मकसद देश के सबसे जाम वाले हाइवे को चौड़ा कर एक्‍सप्रेस-वे में तब्‍दील करना है। इस प्रोजेक्‍ट की कॉस्‍ट 7566 करोड़ रुपए है। काम जल्‍दी पूरा हो, इसके लिए दिल्‍ली से हापुड़ तक के रास्‍ते को तीन हिस्‍सों में बांटा गया, जबकि हापुड़ से मेरठ के लिए अलग प्रोजेक्‍ट तैयार किया गया।
 
कितना काम हो चुका है पूरा
सबसे पहले निजामुद्दीन (दिल्‍ली) से यूपी बॉर्डर सेक्‍शन का काम शुरू हुआ और इस पर तेजी से काम चल रहा है। एनएचएआई अधिकारी के मुताबिक अब तक 54 फीसदी काम पूरा हो चुका है। इसी तरह डासना से हापुड़ सेक्‍शन का काम 15 फीसदी पूरा हो चुका है। 
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