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चार साल बाद रियल एस्टेट में रिवाइवल के संकेत, प्रॉपर्टी खरीदने का सही समय

लगभग चार साल की मंदी के बाद रियल एस्‍टेट मार्केट में रौनक देखने को मिल रही है।

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नई दिल्‍ली। लगभग चार साल की मंदी के बाद रियल एस्‍टेट मार्केट में रिवाइवल के संकेत हैं। इसकी तीन वजह मानी जा रही हैं। एक, जिन लोगों ने इन्‍वेस्‍टमेंट के मकसद से मकान खरीदे हुए थे, अब वे अब निराश हो चुके हैं और स्‍टॉक किए गए मकान बेचने लगे हैं । दूसरा, अनसोल्‍ड इन्‍वेंटरी बढ़ती देख डेवलपर्स प्राइस निगोशीएशन की स्थिति में दिख रहे हैं। तीसरा, सरकार के कई पॉलिसी डिसीजन के कारण बायर्स का विश्‍वास बढ़ा है। यानी कि, यह एक सही समय है, जब आप घर खरीद सकते हैं और जमकर मोल भाव कर सकते हैं। 

 

 

33 फीसदी बढ़ी सेल्‍स 
 
2018 का पहला क्‍वार्टर (जनवरी से मार्च) रियल एस्‍टेट सेक्‍टर के रिवाइवल के संकेत दे रहा है।  रियल्‍टी पोर्टल प्रोपटाइगर की रिपोर्ट के मुताबिक देश के नौ बड़े शहरों में पहले क्‍वार्टर में लगभग 80 हजार यूनिट्स बिकी, जो पिछले सालके पहले क्‍वार्टर के मुकाबले 33 फीसदी अधिक रही। सबसे अधिक बढ़ोतरी (69%) नोएडा में रिकॉर्ड की गई। जबकि अनारॉक प्रॉपर्टी कंसलटेंट द्वारा 7 शहरों में किए गए सर्वे में कहा गया है कि 2017 के पहले क्‍वार्टर के मुताबिक, 2018 के पहले क्‍वार्टर में 12 फीसदी की वृद्धि हुई है। अनारॉक के चेयरमैन अनुज पुरी के मुताबिक, बढ़ती सेल्‍स से यह साबित होता है सीरियस होम बायर्स मार्केट में वापस आ रहे हैं। 

 

अनसोल्‍ड इन्‍वेंट्री घटी 
दिलचस्‍प पहलू यह है कि हाउसिंग सेल्‍स में हुई वृद्धि के कारण मार्केट में अनसोल्‍ड इन्‍वेंट्री में कमी आई है। यानी कि, मार्केट में बने बनाए घरों की खरीददारी हो रही है। रियल एस्‍टेट डाटा एवं रिसर्च फर्म प्रोपइक्विटी के मुताबिक 2018 के पहले क्‍वार्टर के बाद अनसोल्‍ड इन्‍वेंट्री में 2 फीसदी की कमी आई है। देश में जहां पहले 608949 यूनिट अनसोल्‍ड थी, जो अब 595074 रह गई है। 

 

क्‍यों बेच रहे हैं स्‍टॉक 

प्रॉपर्टी पोर्टल मैजिक ब्रिक्‍स की हेड (कंटेंट एंड एडवाइजरी) ई. जयाश्री कुरुप ने moneybhaskar.com से कहा कि जिन लोगों ने अब तक हाउसिंग यूनिट्स (इन्‍वेंटरी) होल्‍ड की हुई थी, जिनमें इन्‍वेस्‍टर्स और डेवलपर्स भी हैं को लगने लगा है कि अब प्राइस नहीं बढ़ने वाले, इसलिए उन्‍होंने अपने स्‍टॉक बेचने शुरू कर दिए हैं। 

 

सेकेंडरी मार्केट में तलाशें प्रॉपर्टी 
प्रॉपर्टी पोर्टल 99एकड़ डॉट कॉम के चीफ बिजनेस ऑफिसर मनीष उपाध्‍याय ने moneybhaskar.com से कहा कि रियल एस्‍टेट रेग्‍युलेशन एक्‍ट (रेरा) लागू होने के बाद डेवलपर्स की कम्‍प्‍लायंस कॉस्‍ट पर असर पड़ा है, इसलिए नए प्रोजेक्‍ट्स में यूनिट प्राइस कम नहीं हो रही है, लेकिन सेकेंडरी मार्केट में कुछ डिस्‍ट्रेस सेल्‍स (आपा‍त बिक्री) हो रही है, जो काफी कम है, लेकिन बायर्स ऐसे यूनिट परचेज कर सकते हैं। उपाध्‍याय के मुताबिक, हैवी इन्‍वेंटरी बैकलॉग की वजह से रिसेल सेगमेंट में डिस्‍ट्रेस सेल्‍स बढ़ी है। 

 

कीमतें स्थिर, लेकिन मोलभाव की पूरी संभावना 
मनीष उपाध्‍याय और जयाश्री, दोनों ने माना कि अभी एनसीआर में कीमतें स्थिर हैं। रेट कम नहीं हो रहे हैं, लेकिन मार्केट में मूवमेंट तेजी से बढ़ा है। जयाश्री कहती हैं कि अगर बायर्स ढंग से मोल भाव करें तो 100 से 200 रुपए प्रति वर्ग फुट कीमतों में कमी करवा सकते हैं। 

 

प्राइस करेक्‍शन के संकेत 
मार्केट से जुड़े जानकार मानते हैं कि कुछ डेवलपर ने अपने प्रॉपर्टी प्राइस में करेक्‍शन किया है। यानी कि, डेवलपर ने प्रॉपर्टी प्राइस कम किए हैं। बेशक वे सीधे तौर पर यह काम नहीं कर रहे हैं। बल्कि कई तरह की सर्विसेज और सुविधाओं में छूट देकर कीमतें कम की गई हैं। जैसे कि कई डेवलपर अब पार्किंग, क्‍लब, स्‍वीमिंग पूल जैसी सर्विसेज की कीमत नहीं ले रहे हैं। इतना ही नहीं, यदि बायर्स कीमतों में मोल भाव करें तो रेट भी कम कर रहे हैं। इससे भी मार्केट में मूवमेंट हो रहा है। 

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