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रियल एस्टेट सेक्टर से इन्वेस्टर ने बनाई दूरी, छोटे शहरों में भी पहुंचा स्लोडाउन

रियल एस्‍टेट सेक्‍टर में सालों से चल रही मंदी अभी दूर नहीं हुई है।

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नई दिल्‍ली। रियल एस्‍टेट सेक्‍टर में सालों से चल रही मंदी अभी दूर नहीं हुई है। अब तक इन्‍वेस्‍टर्स बड़े शहरों के प्रोजेक्‍ट्स से दूरी बनाए हुए थे, लेकिन अब इन इन्‍वेस्‍टर्स ने छोटे शहरों के प्रोजेक्‍ट्स में भी पैसा नहीं लगा रहे हैं। इसके चलते नए प्रोजेक्‍ट्स की लॉन्चिंग में 20 फीसदी की कमी आई है। जानकार मानते हैं कि अब रियल एस्‍टेट सेक्‍टर में अब घर या दुकान खरीदना इन्‍वेस्‍टमेंट नहीं रहा, बल्कि जरूरतमंद ही अब घर या दुकान खरीद रहे हैं और यही सिलसिला आगे भी चलेगा। इसकी बड़ी वजह रियल एस्‍टेट मार्केट में मंदी तो है। साथ ही, ब्‍लैक मनी पर सरकार की सख्‍ती भी इसका बड़ा कारण है। 
 
कम हुई लॉन्चिंग 
- प्रोपटाइगर डॉट कॉम के मुताबिक, फाइनेंशियल ईयर 2016-17 के पहले क्‍वार्टर (अप्रैल से जून 2016) के दौरान 41313 यूनिट्स लॉन्‍च हुई। 
- जबकि अनारॉक प्रॉपर्टी कंसलटेंट के मुताबिक, साल 2018 के पहले क्‍वार्टर (जनवरी से मार्च 2018) के दौरान 33300 यूनिट लॉन्‍च हुई। 
- हालांकि साल 2017 के चौथे क्‍वार्टर (अक्‍टूबर से नवंबर 2017) के मुकाबले 2018 के पहले क्‍वार्टर में लॉन्चिंग बढ़ गई है। 
 
छोटे शहरों में भी स्‍लोडाउन 
प्रॉपर्टी मार्केट के जानकार मानते हैं कि नवंबर 2016 से पहले बड़े शहरों के मुकाबले छोटे शहरों में मार्केट में कम सुस्‍ती थी और इन्‍वेस्‍टर्स छोटे शहरों में प्रॉपर्टी की खरीददारी कर रहे थे। लेकिन अब छोटे शहरों में भी इन्‍वेस्‍टर्स प्रॉपर्टी में पैसा नहीं लगा रहे हैं। देहरादून की रावत प्रॉपर्टीज के विजय रावत ने moneybhaskar.com से कहा कि नोटबंदी से पहले तक यहां दिल्‍ली सहित दूसरे बड़े शहरों के लोग पैसा प्रॉपर्टी पर इन्‍वेस्‍ट कर रहे थे, लेकिन अब यह काफी कम हो गया है। अब केवल वही लोग पूछताछ कर रहे हैं, जो आने वाले दिनों में यहां घर बनाकर रहना चाहते हैं। 
 
होम बायर्स कर रहे हैं इंक्‍वायरी 
एक रियल एस्‍टेट रिसर्च एजेंसी से जुड़े रहे एके निगम ने moneybhaskar.com से कहा कि मार्केट में इन्‍वेस्‍टर नहीं आ रहे हैं। पिछले कुछ महीनों में तो असली बायर्स भी नहीं आ रहे थे, लेकिन अब असली बायर्स ने इंक्‍वायरी शुरू कर दी है। उम्‍मीद है आने वाले दिनों में मार्केट में खरीददारी शुरू हो जाए। अनारॉक की रिपोर्ट भी बताती है कि अक्‍टूबर से दिसंबर 2017 के मुकाबले जनवरी से मार्च 2018 में 27 फीसदी की उछाल हुई है। 
 
प्रॉपर्टी में ब्‍लैक मनी रूकी 
चार्टर्ड एकाउंटेंट सतीश मित्‍तल ने moneybhaskar.com से कहा कि प्रॉपर्टी मार्केट में बड़ी मात्रा में ब्‍लैकमनी लग रही थी। दिल्‍ली-एनसीआर में तो ब्‍लैक मनी की वजह से कई डेवलपर्स ने कई प्रोजेक्‍ट्स लॉन्‍च कर दिए, लेकिन जैसे ही ब्‍लैक मनी पर अंकुश लगा, ये डेवलपर्स बर्बाद हो गए। पिछले कुछ सालों में सरकार की सख्‍ती की वजह से प्रॉपर्टी  में ब्‍लैक मनी नहीं लग रही है। लेकिन इससे असली बायर्स को पूरा फायदा इसलिए नहीं मिल रहा है, क्‍योंकि रेट कम नहीं हो रहे हैं। 
 
आगे पढ़ें : मार्केट में अफोर्डेब्लिटी बढ़ी 

 
 
मार्केट में अफोर्डेब्लिटी बढ़ी 
 
नेशनल रियल एस्‍टेट डेवलपमेंट कौंसिल (नारेडको) के वाइस प्रेसिडेंट गौरव जैन ने moneybhaskar.com से कहा कि मार्केट में अफोर्डेब्लिटी बढ़ रही है। इससे पहले इन्‍वेस्‍टर्स की वजह से प्रॉपर्टी महंगी होती चली गई। कीमतों में कई गुणा उछाल आया, लेकिन अब मार्केट में करेक्‍शन हो रहा है। लोग अपने बजट के हिसाब से ही खरीददारी कर रहे हैं। पहले जिसका बजट 30 से 35 लाख रुपए का था, वह 45 से 50 लाख रुपए के फ्लैट इसलिए खरीद लेते थे, ताकि बाद में रेट बढ़ने पर वह फायदा उठा सकें। ऐसे लोग अब फंस गए हैं। जैन ने उम्‍मीद जताई कि 6 माह बाद प्रॉपर्टी मार्केट सही ढंग से चलने लगेगा। 
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