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प्रधानमंत्री आवास योजना में अड़ंगा, स्‍लम की जगह फ्लैट बनाने के लिए आगे नहीं आ रहे राज्‍य

प्रधानमंत्री आवास योजना (अर्बन) के तहत 2 करोड़ घर बनाने के टारगेट को पूरा करने की राह में एक बड़ा अड़ंगा सामने आया है।

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नई दिल्‍ली। प्रधानमंत्री आवास योजना (अर्बन) के तहत 2 करोड़ घर बनाने के टारगेट को पूरा करने की राह में एक बड़ा अड़ंगा सामने आया है। राज्‍य सरकारें स्‍लम बस्तियों की जगह फ्लैट बनाने की योजना (इन-सीटू स्‍लम रिडेवलपमेंट प्रोजेक्‍ट्स) को लेकर गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। जबकि सरकारी रिपोर्ट बताती है कि जिन 2 करोड़ परिवारों के पास पक्‍के घर नहीं हैं, उनमें स्‍लम बस्‍तियों में रहने वाले परिवारों की संख्‍या 1.80 करोड़ से अधिक है। 

 

केंद्र ने दिए निर्देश 
हाल ही में प्रधानमंत्री आवास योजना की सेंट्रल सेंक्‍शन एंड मॉनिटरिंग कमेटी की बैठक में यह मामला उठा। बैठक में बताया गया कि ज्‍यादातर राज्‍यों में इन-सीटू स्‍लम रिडेवलपमेंट (आईएसएसआर) प्रोजेक्‍ट्स शुरू नहीं हो पाए। जबकि केंद्र की ओर से राज्‍यों को पहली इंस्‍टॉलमेंट भी दी जा चुकी है। कमेटी ने राज्‍यों से आए अधिकारियों से कहा कि वे इन-सीटू प्रोजेक्‍ट्स के प्रति गंभीरता दिखाएं, क्‍योंकि इसमें इन्‍वेस्‍टमेंट भी कम है, केवल डेवलपर्स को लैंड ट्रांसफर करनी है। डेवलपर्स को फ्लैट बनाने हैं। 

 

राज्‍यों ने बनाए बहाने 
बैठक में राज्‍यों ने अलग-अलग बहाने बनाए। राज्‍यों का कहना था कि स्‍लम एरिया में फ्लैट बनाने के लिए डेवलपर्स आगे नहीं आ रहे हैं। साथ ही, स्‍लम में रह रहे लोगों को मनाना भी आसान नहीं है। क्‍योंकि स्‍लम ब‍स्‍ती की जगह फ्लैट बनाने के लिए वहां रह रहे लोगों को वहां से हटाना होगा, जिसके लिए लोग तैयार नहीं हो रहे हैं। हालांकि राज्‍यों ने भरोसा दिलाया कि स्‍लम बस्‍ती में रह रहे लोगों को पक्‍के घर देना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल हैं और वे समय रहते टारगेट को पूरा कर लेंगे। 

 

क्‍या है बड़े राज्‍यों का हाल ? 

- मध्‍य प्रदेश में 4 इन-सीटू स्‍लम रिडेवलपमेंट प्रोजेक्‍ट्स को मंजूरी दी गई है, जिनमें 2172 घर बनाने का प्रपोजल है, लेकिन अब तक 960 घर बनाने के टेंडर इनवाइट किए गए हैं। मध्‍य प्रदेश के अधिकारियों ने कहा कि इन प्रोजेक्‍ट्स को लेकर डेवलपर्स रूचि नहीं दिखा रहे हैं।  
- महाराष्‍ट्र में आईआईएसआर के तहत 2356 घर बनाने के एक प्रोजेक्‍ट को मंजूरी दी गई है, लेकिन अब तक डेवलपर फाइनल नहीं हो पाया है। 
- झारखंड द्वारा अब तक कोई स्‍लम रिडेवलपमेंट प्रोजेक्‍ट प्रपोज नहीं करने पर सेंट्रल सेंक्‍शन एंड मॉनिटरिंग कमेटी ने राज्‍य को सलाह दी है कि ऐसे प्रोजेक्‍ट को प्राथमिकता देते हुए प्रपोजल तैयार कर मंजूरी के लिए भेजे। 
- हरियाणा में एक भी प्रोजेक्‍ट की भी योजना तक नहीं बन पाई है
- राजस्‍थान में भी अफोर्डेबल हाउसिंग और बेनिफिशियरी लेड कंस्‍ट्रक्‍शन प्रोजेक्‍ट्स तो तैयार हो रहे हैं, लेकिन एक भी इन-सीटू स्‍लम रिडेवलपमेंट प्रोजेक्‍ट की योजना नहीं बनाई है। 
- उत्‍तर प्रदेश में एक भी इन-सीटू स्‍लम रिडेवलपमेंट प्रोजेक्‍ट की योजना तैयार नहीं हुई है। 

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