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2018: 20 से 40 लाख के घरों की बढ़ेगी सप्‍लाई, बायर्स फ्रेंडली होंगी कीमतें

एक्‍सपर्ट्स का मानना है कि मोदी सरकार द्वारा अब तक उठाए गए कदमों का असर साल 2018 में दिखेगा।

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नई दिल्‍ली. साल 2018 को प्रॉपर्टी मार्केट के लिए शुभ माना जा रहा है। एक्‍सपर्ट्स का मानना है कि मोदी सरकार द्वारा अब तक उठाए गए कदमों का असर साल 2018 में दिखेगा। मार्केट में जहां 5 से 6 फीसदी तक ग्रोथ दिखेगी, वहीं 20 से 40 लाख रुपए तक के अफोर्डेबल हाउसिंग प्रोजेक्‍ट्स की सप्‍लाई बढ़ेगी। इतना ही नहीं, सालों से अन बिके घरों की संख्‍या भी घटेगी और लोगों के सामने रेडी-टू-मूव अपार्टमेंट्स के ऑप्‍शन बढ़ेंगे। एक्‍सपर्ट्स का कहना है कि घर की कीमतें नहीं बढ़ेंगी, बल्कि बायर्स अपने मुताबिक कीमतें कम भी करवा सकते हैं।

 

6% तक होगी ग्रोथ

नेशनल रियल एस्‍टेट डेवलपमेंट कौंसिल (नारेडको) के चेयरमैन और हीरानंदानी ग्रुप के एमडी निरंजन हीरानंदानी ने कहा कि केंद्र सरकार ने रियल एस्‍टेट डेवलपमेंट एक्‍ट लागू किया। अफोर्डेंबल हाउसिंग सेक्‍टर को इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर का दर्जा दिया। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत होम बायर्स को कई तरह की सब्सिडी दी जा रही है। इसका असर साल 2018 में दिखेगा और रियल एस्‍टेट सेक्‍टर अब 5 से 6 फीसदी सीएजीआर ग्रोथ करेगा।

 

अफोर्डेबल हाउसिंग प्रोजेक्‍ट्स बढ़ेंगे

रियल एस्‍टेट कंसलटेंसी फर्म नाइट फ्रेंक, इंडिया के चीफ इकोनॉमिस्‍ट एवं नेशनल रिसर्च हेड डॉ. समान्‍तक दास ने कहा कि अफोर्डेबल हाउसिंग पर सरकार के फोकस से साल 2018 में मार्केट में सप्‍लाई बढ़ेगी। बल्कि जो महंगे शहर हैं, वहां भी डेवलपर्स अपार्टमेंट का साइज कम करके अफोर्डेबल सेगमेंट का लाभ लेने का प्रयास करेंगे। इससे महंगे शहरों में भी सस्‍ते घर उपलब्‍ध होंगे।

 

बायर्स फ्रेंडली होंगी कीमतें

प्रोप इक्विटी के एमडी एवं फाउंडर समीर जसूजा ने कहा कि साल 2018 में रेडी और रिसेल प्रॉपर्टी की कीमतों में रिकवरी देखी जा सकती है। उम्‍मीद है कि साल 2018 में कई प्रोजेक्‍ट्स कम्‍प्‍लीट होंगे और नए कंप्‍लीट प्रोजेक्‍ट्स में भी घरों की कीमत बायर्स के मुताबिक होगी। प्राइस लेवल में बढ़ोतरी के आसार बहुत कम हैं।

 

अनसोल्‍ड इन्‍वेंटरी घटेंगी

प्रॉपर्टी कंसलटेंट अन्‍नारोक के चेयरमैन अनुज पुरी ने कहा कि साल 2017 में अनसोल्‍ड इन्‍वेंटरी बड़ी तेजी से घटी। बायर्स ने रेडी-टू-मूव अपार्टमेंट्स की खरीददारी पर फोकस किया। 2017 के तीसरे क्‍वार्टर में देश के प्रमुख 7 शहरों में अनसोल्‍ड इन्‍वेंटरी में 8 फीसदी की कमी आई। पुरी के मुताबिक, 2018 में भी यही ट्रेंड रहेगा। रियल एस्‍टेट रेग्‍युलेशन एक्‍ट (रेरा) के कड़े नियमों के कारण डेवलपर्स नए प्रोजेक्‍ट्स लॉन्‍च करने की बजाय पुराने निर्माणाधीन प्रोजेक्‍ट्स को पूरा करेंगे, जिससे मार्केट में सप्‍लाई बढ़ेगी। 

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