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यूपी, एमपी, गुजरात जल्द लागू करेंगे नया किराया कानून, मकान मालिक- किराएदार दोनों को मिलेगा फायदा

केंद्र सरकार ने रेंटल हाउसिंग को प्रमोट करने के लिए नए सिरे से टेनेंसी (किराया) एक्‍ट लागू करने का निर्णय लिया है।

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नई दिल्‍ली। मोदी सरकार के मॉडल टेनेंसी एक्‍ट को लागू करने के लिए कई राज्‍य तैयार हो गए हैं। हालांकि अभी इनकी संख्‍या अधिक नहीं है, लेकिन उत्‍तर प्रदेश, गुजरात सहित बड़े राज्‍यों ने केद्र को बताया है कि वे अपने राज्‍य में टेनेंसी एक्‍ट लागू करने के लिए तैयार हैं और अपने स्‍तर पर इसकी समीक्षा कर रहे हैं।

 

क्‍या है राज्‍यों का कहना

हाल ही में प्रधानमंत्री आवास योजना (अर्बन) की सेंट्रल सेंक्‍शनिंग एवं मॉनिटरिंग कमेटी की बैठक में कई राज्‍यों ने बताया कि वे अपने अपने राज्‍यों में लागू बरसों पुराने रेंट कंट्रोल एक्‍ट की जगह टेनेंसी एक्‍ट 2015 को लागू करने को तैयार हैं। मोदी सरकार ने साल 2015 में मॉडल टेनेंसी एक्‍ट का ड्राफ्ट तैयार किया था और राज्‍यों से कहा था कि वे इस ड्राफ्ट के मुताबिक अपने राज्‍य में नया रेंट कंट्रोल या टेनेंसी एक्‍ट लागू करें।

 

ये राज्‍य हैं तैयार

- बैठक में उत्‍तर प्रदेश की ओर से प्रस्‍तुत किए गए प्रेजेंटेशन में कहा गया कि मॉडल टेनेंसी एक्‍ट की तर्ज पर वर्तमान रेंट लॉ में बदलाव किया जा रहा है। यह अंडर प्रोसेस है।

- मध्‍यप्रदेश की ओर से कहा गया कि केंद्रीय मिनिस्‍ट्री ऑफ हाउसिंग एंड अर्बन अफेयर्स की ओर से जारी मॉडल टेनेंसी एक्‍ट की तर्ज पर राज्‍य में लागू रेंट कंट्रोल एक्‍ट में बदलाव किया जा रहा है। राज्‍य की ओर से इसका रिव्‍यू जारी है।

- गुजरात ने भी कहा है कि वे मॉडल टेनेंसी एक्‍ट को लागू करने का प्रोसेस तैयार कर रहे हैं।

 

इन राज्‍यों का रूख साफ नहीं

 

कुछ राज्‍यों ने बेशक टेनेंसी एक्‍ट को लागू करने पर अपनी सहमति जता दी है, लेकिन अभी भी कई बड़े राज्‍यों ने अपना रुख साफ नहीं किया है, इनमें महाराष्‍ट्र, हरियाणा, राजस्‍थान प्रमुख हैं।

 

क्‍या है खासियत

 

मॉडल टेनेंसी एक्‍ट का मकसद साल 1948 में बने रेंट कंट्रोल एक्‍ट को रिप्‍लेस करना है। सरकार का कहना है कि इस एक्‍ट के कारण रेंटल हाउसिंग को लेकर लोगों का उत्‍साह है। यही वजह है कि इकोनॉमिक सर्वे में पाया गया कि अर्बन एरिया में लगभग 12.4 फीसदी बने बनाए घर खाली हैं। साल 2011 की जनगणना में भी पाया गया कि लगभग 1.18 करोड़ घर खाली हैं। सरकार का कहना है कि कानून की जटिलता के कारण लोग घर किराये पर नहीं देना चाहते, इसलिए मोदी सरकार ने एक ऐसा मॉडल टेनेंसी एक्‍ट तैयार किया है, जिससे न तो मकान मालिक को नुकसान होगा और ना ही किरायेदारों को।

 

हर राज्‍य में बनेगी रेंट अथॉरिटी

मॉडल टेनेंसी एक्‍ट में प्रावधान किया गया है कि हर राज्‍य में रियल एस्‍टेट रेग्‍युलेटरी अथॉरिटी की तर्ज पर रेंट अथॉरिटी बनाई जाएगी। जहां किरायेदार और मकान मालिक के बीच हुए रेंट अग्रीमेंट को रजिस्‍टर कराया जाएगा। इसके बाद किरायेदार और मकान मालिक के बीच हुए किसी भी तरह के विवाद को रेंट अथॉरिटी द्वारा सुलझाया जाएगा। एक्‍ट के मुताबिक, रेंट संबंधी किसी भी तरह के विवाद की सुनवाई कोर्ट में नहीं होगी।

 

दोनों का रखा गया है ख्‍याल

एक्‍ट में किरायेदार और मकान मालिक दोनों का ख्‍याल रखा गया है। इसकी वजह यह भी है कि कानून की जटिलता के चलते मकान मालिक खाली पड़ा घर किराये पर नहीं देते। खासकर मकान मालिक को मकान पर कब्‍जे का डर रहता है, लेकिन मॉडल टेनेंसी एक्‍ट में इस बात का ख्‍याल रखा गया है और स्‍पष्‍ट किया गया है कि किरायेदार कब्‍जा नहीं कर सकता है।

 

आगे पढ़ें - क्‍या होगा दोनों को फायदा

 

मकान मालिक को क्‍या होगा फायदा

 

एक्‍ट में प्रावधान किया गया है कि रेंट अथॉरिटी को एक तय समय के भीतर अपना फैसला सुनाना होगा। केंद्र ने अधिकतम 30 दिन का सुझाव रखा है। इससे किसी तरह का विवाद होने पर जल्‍द से जल्‍द मसला सुलझ जाएगा। इससका फायदा मकान मालिक को मिलेगा, क्‍योंकि किराया न देने पर कोर्ट में मामला जाने पर सालों लग जाते हैं, इससे बचने के लिए मकान मालिक अब तक घर किराये पर नहीं देते। इसके अलावा, एक्‍ट में यह प्रावधान किया गया है कि मकान में किसी तरह की तोड़फोड़ होने, किराया न देने जैसे शिकायत पर किरायेदार को घर खाली करने का नोटिस दिया जा सकता है। यदि किरायेदार घर खाली करना चाहता है तो उसे मकान मालिक को कम से कम एक महीने का नोटिस देना होगा।

 

किरायेदार को क्‍या होगा फायदा

 

इस एक्‍ट के लागू होने से किरायेदार को भी कई फायदे होंगे, जैसे कि किराए का तीन गुना सिक्योरिटी डिपॉजिट लेना तब तक गैर-कानूनी होगा, जब तक इसका अग्रीमेंट न बनवाया गया हो। किरायेदार के घर खाली करने पर मकानमालिक को एक महीने के भीतर यह रकम लौटानी होगी। बिल्डिंग के ढांचे की देखभाल के लिए किरायेदार और मकानमालिक दोनों ही जिम्मेदार होंगे। अगर मकानमालिक ढांचे में कुछ सुधार कराता है तो उसे रेनोवेशन का काम खत्म होने के एक महीने बाद किराया बढ़ाने की इजाजत होगी। हालांकि इसके लिए किरायेदार की सलाह भी ली जाएगी।रेंट अग्रीमेंट में लिखी अवधि से पहले किरायेदार को तब तक नहीं निकाला जा सकता, जब तक उसने लगातार कई महीनों तक किराया न दिया हो या वह प्रॉपर्टी का दुरुपयोग कर रहा हो।

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