Utility

24,712 Views
X
Trending News Alerts

ट्रेंडिंग न्यूज़ अलर्ट

बिज़नेस न्यूज़ » Personal Finance » Property » Updateदिल्‍ली, गुरुग्राम सहित 4 शहरों में 'रेरा' ट्रांसपेरेंसी स्‍कोर जीरो, मुंबई पुणे निकले आगे

दिल्‍ली, गुरुग्राम सहित 4 शहरों में 'रेरा' ट्रांसपेरेंसी स्‍कोर जीरो, मुंबई पुणे निकले आगे

नई दिल्‍ली। लाखों होम बायर्स को बिल्‍डर्स के झांसे से बचाने के लिए मोदी सरकार द्वारा लाए गए रियल एस्‍टेट रेग्‍युलेशन एक्‍ट (रेरा) का असर बिल्‍कुल नहीं दिख रहा है। रेरा को रियल एस्‍टेट मार्केट में ट्रांसपेरेंसी के मकसद से लागू किया गया, लेकिन ज्‍यादातर राज्‍यों में रेरा ढंग से लागू नहीं हो पाया है। यहां तक कि देश के आठ बड़े शहरों में से केवल दो में पूरी ट्रांसपेरेंसी है, बाकी 6 शहरों में ट्रांसपेरेंसी स्‍कोर न के बराबर है। यह बात रियल एस्‍टेट कंसलटेंसी फर्म नाइट फ्रेंक, इंडिया के सर्वे में यह ट्रांसपेरेंसी स्‍कोर जारी किए गए। 

 

15 पैरामीटर की स्‍टडी 
रिपोर्ट में रेरा ट्रांसपेरेंसी स्‍कोर (मैक्सिमम 15) में मुंबई और पुणे सबसे ऊपर है। मुंबई और पुणे को 15 अंक दिए गए हैं। जबकि दिल्‍ली, गुरुग्राम, हैदराबाद और कोलकाता में रेरा ट्रांसपेरेंसी स्‍कोर जीरो है। दूसरे नंबर पर चैन्‍नई है, जिसे 13 अंक दिए गए हैं, इसके अलावा नोएडा को 11, अहमदाबाद को 10 और बेंगलुरु को 6 अकं दिए गए हैं। 

 

ये हैं पैरामीटर 
स्‍टडी रिपोर्ट में 15 पैरामीटर तैयार किए गए। हर पैरामीटर को एक अंक दिया गया। इसमें प्रोजेक्‍ट लेवल इंफॉर्मेशन को प्राथमिकता दी गई, जिसके पैरामीटर में प्रोजेक्‍ट का नाम, प्रोजेक्‍ट टाइप, लोकेशन, कारपेट एरिया, यूनिट के कुल नंबर, कंफिग्रेशन, नंबर ऑफ बुक फ्लैट, स्‍टेट्स, कम्‍पलीशन डेट शामिल हैं। इसके अलावा प्रमोटर (डेवलपर) के बारे में दी गई इंफॉर्मेशन को दूसरा हिस्‍सा बनाया गया है। इसमें पूछा गया, प्रमोटर नाम, कॉन्‍टेक्‍ट इंफॉर्मेशन, पिछले अनुभव के अलावा टाइटिल रिपोर्ट, कोई लीगल रूकावट और प्रोजेक्‍ट अप्रूवल को पैरामीटर बनाया गया है। इसमें लीगल डिटेल के साथ यह भी जांच की गई कि डॉक्‍यूमेंट अपलोड किए गए हैं या नहीं। 


सभी पैरामीटर में फिसड्डी रहे ये शहर 
इन 15 पैरामीटर में से एक भी पैरामीटर पर दिल्‍ली, गुरुग्राम, हैदराबाद और कोलकात्‍ता फिसड्डी साबित रहे। दरअसल दिल्‍ली, केंद्र शासित राज्‍य होने के कारण केंद्र ने एंटरिम रियल एस्‍टेट रेग्‍युलेटरी अथॉरिटी तो बना दी है, लेकिन उससे आगे कोई काम नहीं हुआ है। इसी तरह हरियाणा में रियल एस्‍टेट रेग्‍युलेटरी अथॉरिटी तो बन गई है, लेकिन वेबसाइट न होने के कारण ट्रांसपेरेंसी स्‍कोर जीरो है। पश्चिम बंगाल ने रेरा को लागू करने से इंकार कर दिया है। 

 

क्‍यों मिले नोएडा को 11 अंक 
नाइट फ्रेंक की स्‍टडी में नोएडा को रेरा ट्रांसपेरेंसी स्‍कोर में 11 अंक दिए गए हैं। चार अंक काटने की वजह यह है कि नोएडा के डेवलपर्स ने रियल एस्‍टेट रेग्‍युलेटरी अथॉरिटी को यह नहीं बताया है कि उसके प्रोजेक्‍ट में कुल कितनी यूनिट हैं। साथ ही इनकी कंफिग्रेशन और बुक यूनिट्स की डिटेल भी नहीं दी गई है। इसके अलावा डेवलपर्स ने अपने पास्‍ट एक्‍सपिरियंस यानी पुराना अनुभव भी नहीं बताया है। जबकि एक्‍ट में साफ प्रावधान है कि डेवलपर्स को यह बताना होगा कि उसके पहले का अनुभव कितना है और वह पहले के प्रोजेक्‍ट्स कैसे रहे। जैसे कि पहले के प्रोजेक्‍ट्स समय पर दिए या नहीं। बायर्स खुश हैं या नहीं। 

और देखने के लिए नीचे की स्लाइड क्लिक करें

Trending

NEXT STORY

Disclaimer:- Money Bhaskar has taken full care in researching and producing content for the portal. However, views expressed here are that of individual analysts. Money Bhaskar does not take responsibility for any gain or loss made on recommendations of analysts. Please consult your financial advisers before investing.