Utility

24,712 Views
X
Trending News Alerts

ट्रेंडिंग न्यूज़ अलर्ट

SBI की POS मशीनों से 2000 रु तक निकालने पर नहीं लगेगा चार्ज, बैंक ने दी सुविधा SC ने सहारा को 15 मई तक अम्‍बे वैली की प्रॉपर्टी बेचने की दी इजाजत ALTO फि‍र बनी भारत की सबसे ज्‍यादा बि‍कने वाली कार, जानि‍ए कौन-कौन है टॉप-10 में जिसके पास हो पर्याप्त फंड और एअर इंडिया को चलाने की क्षमता, लगा सकता है बिडः सरकार छोटे ट्रांसपोर्टर्स हैं ई-वे बिल से परेशान, बढ़ गई है ऑपरेटिंग कॉस्ट पोस्ट ऑफिस की इस स्कीम में 5500 रु मंथली इनकम की है गारंटी, ऐसे उठाएं फायदा तीन दिन में सोना 630 रु हुआ महंगा, चांदी के भाव 41 हजार के पार 9 शहरों में 7% तक सस्‍ते हुए घर, आपने खरीदा क्‍या ? बाजार में फिर लौटी तेजी, सेंसेक्स 96 अंक बढ़ा, निफ्टी 10,565 अंक पर बंद आज का खास स्टॉक: P&G को स्टेक बेचने की खबर से मर्क लि. में 20% तक तेजी UK में 1 अरब पाउंड का निवेश करेगा भारत, दोनों देशों में नई ट्रेड पार्टनरशिप वॉट्सऐप ने जोड़े नए फीचर, यूजर एक्सपीरियंस होगा और बेहतर 27% बढ़ोत्तरी के साथ इंडसइंड बैंक को 953 करोड़ का प्रॉफिट, 7.50 रु/शेयर डिविडेंड का ऐलान इंडियन बास्केट में क्रूड 70.12 डॉलर के साथ तीन साल के हाई पर,ऑयल स्टॉक्स 6% तक टूटे हायर पेंशन मामलों पर सुप्रीम कोर्ट ने स्‍टे हटाया, कहा- मेरिट पर सुनवाई करें हाईकोर्ट
बिज़नेस न्यूज़ » Personal Finance » Property » Updateकहीं नाम के लिए न रह जाएं स्‍मार्ट सिटीज, एक्‍सपर्ट्स ने उठाए सवाल

कहीं नाम के लिए न रह जाएं स्‍मार्ट सिटीज, एक्‍सपर्ट्स ने उठाए सवाल

नई दिल्‍ली। शुक्रवार को सरकार ने 9 और नई स्‍मार्ट सिटीज की घोषणा कर दी है। स्‍मार्ट सिटीज की संख्‍या अब  99 तक पहुंच गई है, लेकिन अब तक घोषित स्‍मार्ट सिटीज में जिस तरह काम चल रहा है, उससे यह आशंका बनती जा रही है कि ये स्‍मार्ट सिटीज केवल नाम की ही नहीं रह जाएं। दो साल पहले घोषित स्‍मार्ट सिटीज में अब तक केवल 1.6 फीसदी ही काम पूरा हो पाया है। एक्‍सपर्ट्स का कहना है कि सरकार के स्‍मार्ट सिटी प्रोजेक्‍ट्स के लिए बनाई गई स्‍पेशल परपज व्‍हीकल (एसपीवी) का रिव्‍यू करना चाहिए। 

 

क्‍या है प्रोग्रेस रिपोर्ट 
शुक्रवार को मिनिस्‍ट्री ऑफ हाउसिंग एंड अर्बन अफेयर्स की ओर से जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि  17 जनवरी तक स्‍मार्ट सिटीज में 1 लाख 38 हजार 730 करोड़ रुपए के प्रोजेक्‍ट्स अलग-अलग स्‍टेज पर हैं, इसमें लगभग 2237 करोड़ रुपए (1.61 फीसदी) के प्रोजेक्‍ट्स पूरे हुए हैं। इसी तरह 2948 प्रोजेक्‍ट्स में से 189 प्रोजेक्‍ट्स ही पूरे हो पाए हैं। इसके अलावा अभी 18616 करोड़ रुपए के 495 प्रोजेक्‍ट्स का काम चल रहा है, जबकि 15885 करोड़ रुपए के 277 प्रोजेक्‍ट्स के टेंडर होने हैं। दिलचस्‍प बात यह है कि दो साल बीतने के बाद भी अब तक लगभग 1 लाख 1 हजार 992 करोड़ रुपए के प्रोजेक्‍ट्स का काम डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्‍ट रिपोर्ट) स्‍टेज पर ही है। 

 

29 शहरों में पीएमसी तक नहीं 
पीएमसी यानी कि प्रोजेक्‍ट मैनेजमेंट कंसलटेंट, जो कि हर स्‍मार्ट सिटीज में हायर किया जाना है और पीएमसी की ही जिम्‍मेवारी है कि वह प्रोजेक्‍ट्स की पूरी रूपरेखा तैयार करे। हैरानी की बात यह है कि अब तक 29 शहरों में पीएमसी तक हायर नहीं किया गया है। हालांकि मिनिस्‍ट्री का दावा है कि आठ अन्‍य शहरों में पीएमसी हायर करने की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन यह काम सबसे पहले होना चाहिए, जो अब तक कई शहरों में नहीं हुआ है। 

 

एसपीवी पर उठे सवाल 
अब तक घोषित 90 में से 85 शहरों में एसपीवी (स्‍पेशल परपज व्‍हीकल) का नियुक्‍त की जा चुकी है। दरअसल, स्‍मार्ट सिटीज में पूरे काम की जिम्‍मेवारी एसपीवी की ही है। ये एसपीवी सभी स्‍मार्ट सिटी प्रोजेक्‍ट्स को पूरे कराएगी। रिटायर्ड अर्बन सेक्रेट्री सुधीर कृष्‍णा ने moneybhaskar.com से कहा कि सरकार को एसपीवी मॉडल पर पुनर्विचार करना चाहिए। दरअसल, एसपीवी में म्‍युनिस्पिल बॉडीज की हिस्‍सेदारी न के बराबर है। शहरों के डेवलपमेंट का जिम्‍मा म्‍युनिस्पिल बॉडीज का होता है, इसलिए उन्‍हें शामिल किया जाना चाहिए। दो अलग-अलग बॉडी से शहर में काम करना आसान नहीं है। मेयर या नगर निगम कमिश्‍नर को एसपीवी का चेयरमैन बनाया जाना चाहिए। 


लॉन्‍च से पहले बननी चाहिए एसपीवी 
रिटायर्ड अर्बन सेक्रेट्री एम. रामचंद्रन ने moneybhaskar.com से कहा कि जिस तरह का मॉडल है, उससे काम की प्रोग्रेस तो स्‍लो होनी ही थी। ये काम 5 साल में पूरे नहीं हो सकते। अभी तक कई शहरों में एसपीवी तक नहीं बनी। जबकि एसपीवी तो स्‍मार्ट सिटी प्रोग्राम लॉन्‍च होने से पहले बननी चाहिए थी। इतना ही नहीं, कमिश्‍नर की नियुक्ति का समय भी फिक्‍स होना चाहिए। पहले लोकल बॉडीज को स्‍मार्ट बनाना चाहिए था, कैडर को मजबूत किया जाना चाहिए था। फिर भी उम्‍मीद है कि अब काम में तेजी आएगी और थोड़ा देर से ही सही, सिटी स्‍मार्ट बन जाएंगी।

 

Get Latest Update on Budget 2018 in Hindi

 

और देखने के लिए नीचे की स्लाइड क्लिक करें

Trending

NEXT STORY

Disclaimer:- Money Bhaskar has taken full care in researching and producing content for the portal. However, views expressed here are that of individual analysts. Money Bhaskar does not take responsibility for any gain or loss made on recommendations of analysts. Please consult your financial advisers before investing.