Utility

24,712 Views
X
Trending News Alerts

ट्रेंडिंग न्यूज़ अलर्ट

बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार, सेंसेक्स 122 अंक मजबूत और निफ्टी 10580 के पार जो नहीं कर पाई अंबानी की दो पुश्‍तें, टाटा की एक कंपनी ने कर दिखाया बैंक ऑफ इंग्लैंड के गवर्नर बन सकते हैं रघुराम राजन, संभावितों में उनके नाम की चर्चा बिजली का बिल आधा कर देंगे ये 5 उपकरण सोना 140 रुपए सस्‍ता, चांदी की भी चमक फीकी 11 हजार में बुक करें टाटा नेक्‍सॉन का बि‍ना गि‍यर वाला मॉडल, ये हैं फीचर्स इन जगहों से न मंगवाएं ट्रेन में खाना, रेलवे ने जारी की लि‍स्‍ट रुपए में 2 साल की सबसे लंबी गिरावट, लगातार छठे दिन कमजोर होकर 66.20 के स्तर 10 रुपए के डेली खर्च पर LIC देगी 20 लाख का कैंसर कवर, चेक करें डिटेल आज का खास स्टॉक: बेहतर नतीजों के बाद सास्केन टेक्नोलॉजी में 20% तक तेजी चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा पर नहीं चलेगा महाभियोग, उपराष्‍ट्रपति ने खारिज किया प्रस्‍ताव TCS ने रचा इतिहास, बनी 100 अरब डॉलर मार्केट कैप वाली देश की पहली कंपनी सोमवार के लिए इंट्राडे टिप्स, इन शेयरों में मिल सकता है अच्छा रिटर्न सि‍र्फ 2000 रुपए में मि‍ल रहा है ब्रांडेड शूज और जींस का पेयर, आज है लास्‍ट मौका छोटे कारोबारियों को रेलवे का बड़ा झटका, ईएमडी पर छूट खत्‍म करने की तैयारी
बिज़नेस न्यूज़ » Personal Finance » Property » Updateबॉन्ड इश्यू पर नगर निगमों को मिलेगा इंसेंटिव, ‘अमृत’ की सुस्ती पर सरकार का कदम

बॉन्ड इश्यू पर नगर निगमों को मिलेगा इंसेंटिव, ‘अमृत’ की सुस्ती पर सरकार का कदम

नई दिल्‍ली। स्‍मार्ट सिटी मिशन के साथ 500 शहरों के विकास के लिए शुरू हुए अटल मिशन फॉर रिजुवेनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉरमेशन (अमृत) की स्‍लो स्‍पीड को देखते हुए केंद्र सरकार ने एक अहम कदम उठाया है। केंद्र ने उन नगर निगमों को इन्‍सेंटिव देने का निर्णय लिया है, जो म्‍युनिसिपल बॉन्‍ड जारी करेंगी। इससे नगर निगम की फाइनेंशियल पोजीशन में सुधार होगा और निगम अमृत के प्रोजेक्‍ट्स को तेजी से पूरा करेंगी। 

 

कितना इन्‍सेंटिव देगी सरकार 
मिनिस्‍ट्री ऑफ हाउसिंग एंड अर्बन अफेयर्स ने सभी राज्‍यों और अर्बन लोकल बॉडी (यूएलबी) को लिखे पत्र में कहा है कि जो यूएलबी (नगर निगम, पालिका) 2018-19 में 100 करोड़ रुपए के म्‍युनिसिपल बॉन्‍ड जारी करेगा, उसे 13 करोड़ रुपए का इन्‍सेंटिव दिया जाएगा। मिनिस्‍ट्री ने स्‍पष्‍ट किया है कि यह इन्‍सेंटिव पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर पहली 10 यूएलबी को दिया जाएगा। वहीं, यूएलबी अधिकतम 200 करोड़ रुपए के बॉन्‍ड जारी ही कर सकते हैं। इतना ही नहीं, जिन नगर निगम ने 2017-18 में म्‍युनिस्पिल बॉन्‍ड जारी किए हैं, वे भी इन्सेंटिव के लिए अप्‍लाई कर सकते हैं। 

 

क्‍या है मकसद 
दरअसल, अमृत स्‍कीम के तहत केंद्र की मंशा है कि नगर निगम व पालिकाओं के कामकाज में भी सुधार हो। इसके लिए सरकार ने सभी नगर निगम कों 11 रिफॉर्म करने को कहा है। इसमें से एक है कि नगर निगम अपनी फाइनेंशियल पॉजीशन में सुधार करें। इसके लिए सरकार ने नगर निगमों को म्‍युनिस्पिल बॉन्‍ड जारी करने को कहा था। लेकिन 500 में से केवल 30 शहरों ने ए क्रेडिट रेटिंग हासिल की है। यह रेटिंग वाली नगर निगम ही म्‍युनिस्पिल बॉन्‍ड जारी कर इन्‍वेस्‍टमेंट को आकर्षित कर सकती हैं। अब सरकार की मंशा है कि अधिक से अधिक नगर निगम क्रेडिट रेटिंग हासिल कर म्‍युनिस्पिल बॉन्‍ड जारी करें। 

 

सेबी से लेनी होगी मंजूरी 
नगर निगमों को म्‍युनिस्पिल बॉन्‍ड जारी करने से सेबी से मंजूरी लेनी होगी। इसके बाद ही मिनिस्‍ट्री से इन्‍सेंटिव के लिए क्‍लेम करना होगा। नगर‍ निगमों को क्रेडिट रेटिंग भी मिनिस्‍ट्री के पास जमा करानी होगी। 

 

क्‍या है अमृत 
अमृत स्‍कीम की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 जून 2015 को की थी। इसके तहत 500 शहरों में पानी, सीवर, पार्क, ट्रांसपार्ट, स्‍ट्रॉम वाटर जैसी बेसिक सुविधाएं मुहैया कराना है। सरकार ने पांच साल के लिए 50 हजार करोड़ रुप का प्रावधान किया है। स्‍कीम के तहत केंद्र और राज्‍य मिलकर नगर निगम को अमृत प्रोजेक्‍ट के लिए पैसा देते हैं। 


स्‍लो स्‍पीड पर चल रही है स्‍कीम 
मिनिस्‍ट्री के एक अधिकारी ने बताया कि अमृत स्‍कीम की स्‍पीड काफी स्‍लो है। नगर निगम व पालिकाएं अमृत प्रोजेक्‍ट्स के प्रति रूचि नहीं ले रहे हैं। इसकी बड़ी वजह यह भी है कि अमृत स्‍कीम के तहत केंद्र तब ही पैसा देता है, जब नगर निगम स्‍कीम की गाइडलाइंस के मुताबिक अपने कामबाज में सुधार करेंगी, जो कि निगम प्रशासन करना नहीं चाहते। 

और देखने के लिए नीचे की स्लाइड क्लिक करें

Trending

NEXT STORY

Disclaimer:- Money Bhaskar has taken full care in researching and producing content for the portal. However, views expressed here are that of individual analysts. Money Bhaskar does not take responsibility for any gain or loss made on recommendations of analysts. Please consult your financial advisers before investing.