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बॉन्ड इश्यू पर नगर निगमों को मिलेगा इंसेंटिव, ‘अमृत’ की सुस्ती पर सरकार का कदम

केंद्र ने उन नगर निगमों को इन्‍सेंटिव देने का निर्णय लिया है, जो म्‍युनिसिपल बॉन्‍ड जारी करेंगी।

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नई दिल्‍ली। स्‍मार्ट सिटी मिशन के साथ 500 शहरों के विकास के लिए शुरू हुए अटल मिशन फॉर रिजुवेनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉरमेशन (अमृत) की स्‍लो स्‍पीड को देखते हुए केंद्र सरकार ने एक अहम कदम उठाया है। केंद्र ने उन नगर निगमों को इन्‍सेंटिव देने का निर्णय लिया है, जो म्‍युनिसिपल बॉन्‍ड जारी करेंगी। इससे नगर निगम की फाइनेंशियल पोजीशन में सुधार होगा और निगम अमृत के प्रोजेक्‍ट्स को तेजी से पूरा करेंगी। 

 

कितना इन्‍सेंटिव देगी सरकार 
मिनिस्‍ट्री ऑफ हाउसिंग एंड अर्बन अफेयर्स ने सभी राज्‍यों और अर्बन लोकल बॉडी (यूएलबी) को लिखे पत्र में कहा है कि जो यूएलबी (नगर निगम, पालिका) 2018-19 में 100 करोड़ रुपए के म्‍युनिसिपल बॉन्‍ड जारी करेगा, उसे 13 करोड़ रुपए का इन्‍सेंटिव दिया जाएगा। मिनिस्‍ट्री ने स्‍पष्‍ट किया है कि यह इन्‍सेंटिव पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर पहली 10 यूएलबी को दिया जाएगा। वहीं, यूएलबी अधिकतम 200 करोड़ रुपए के बॉन्‍ड जारी ही कर सकते हैं। इतना ही नहीं, जिन नगर निगम ने 2017-18 में म्‍युनिस्पिल बॉन्‍ड जारी किए हैं, वे भी इन्सेंटिव के लिए अप्‍लाई कर सकते हैं। 

 

क्‍या है मकसद 
दरअसल, अमृत स्‍कीम के तहत केंद्र की मंशा है कि नगर निगम व पालिकाओं के कामकाज में भी सुधार हो। इसके लिए सरकार ने सभी नगर निगम कों 11 रिफॉर्म करने को कहा है। इसमें से एक है कि नगर निगम अपनी फाइनेंशियल पॉजीशन में सुधार करें। इसके लिए सरकार ने नगर निगमों को म्‍युनिस्पिल बॉन्‍ड जारी करने को कहा था। लेकिन 500 में से केवल 30 शहरों ने ए क्रेडिट रेटिंग हासिल की है। यह रेटिंग वाली नगर निगम ही म्‍युनिस्पिल बॉन्‍ड जारी कर इन्‍वेस्‍टमेंट को आकर्षित कर सकती हैं। अब सरकार की मंशा है कि अधिक से अधिक नगर निगम क्रेडिट रेटिंग हासिल कर म्‍युनिस्पिल बॉन्‍ड जारी करें। 

 

सेबी से लेनी होगी मंजूरी 
नगर निगमों को म्‍युनिस्पिल बॉन्‍ड जारी करने से सेबी से मंजूरी लेनी होगी। इसके बाद ही मिनिस्‍ट्री से इन्‍सेंटिव के लिए क्‍लेम करना होगा। नगर‍ निगमों को क्रेडिट रेटिंग भी मिनिस्‍ट्री के पास जमा करानी होगी। 

 

क्‍या है अमृत 
अमृत स्‍कीम की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 जून 2015 को की थी। इसके तहत 500 शहरों में पानी, सीवर, पार्क, ट्रांसपार्ट, स्‍ट्रॉम वाटर जैसी बेसिक सुविधाएं मुहैया कराना है। सरकार ने पांच साल के लिए 50 हजार करोड़ रुप का प्रावधान किया है। स्‍कीम के तहत केंद्र और राज्‍य मिलकर नगर निगम को अमृत प्रोजेक्‍ट के लिए पैसा देते हैं। 


स्‍लो स्‍पीड पर चल रही है स्‍कीम 
मिनिस्‍ट्री के एक अधिकारी ने बताया कि अमृत स्‍कीम की स्‍पीड काफी स्‍लो है। नगर निगम व पालिकाएं अमृत प्रोजेक्‍ट्स के प्रति रूचि नहीं ले रहे हैं। इसकी बड़ी वजह यह भी है कि अमृत स्‍कीम के तहत केंद्र तब ही पैसा देता है, जब नगर निगम स्‍कीम की गाइडलाइंस के मुताबिक अपने कामबाज में सुधार करेंगी, जो कि निगम प्रशासन करना नहीं चाहते। 

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