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होम बायर्स को क्रेडिटर्स का दर्जा देने के लिए अध्‍यादेश लाएगी सरकार, IBC में होगा बदलाव

कैबिनेट ने बुधवार को इन्सॉलवेंसी एंड बैंकरप्सी कोड में बदलाव के लिए अध्यादेश लाने के प्रस्‍ताव को मंजूरी दे दी।

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नई दिल्‍ली. कैबिनेट ने बुधवार को इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC) में बदलाव के लिए अध्यादेश लाने के प्रस्‍ताव को मंजूरी दे दी। इसके बाद अंडर कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट में होम बायर्स को फाइनेंशियल क्रेडिटर्स का दर्जा मिलेगा और बिल्‍डर की संपत्ति नीलाम होने पर होम बायर्स को भी हिस्‍सा मिलेगा। 

 

होम बायर्स को मिलेगा क्रेडिटर्स का दर्जा 
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने इन्सॉल्वेंसी ऐंड बैंकरप्सी कोड (IBC) में अमेंडमेंट करने का निर्णय लिया था, जिससे होम बायर्स को ज्यादा अधिकार मिल सकें। इस अमेंडमेंट में होम बायर्स को फाइनेंशियल क्रेडिटर्स का दर्जा देने का प्रस्‍ताव था, ताकि वे बिल्डर्स के खिलाफ बैंकों की तरह ही इनसॉल्‍वेंसी प्रोसेस में हिस्सा ले पाएं। 

 

MSMEs को भी राहत 
इसके अलावा IBC में माइक्रो, स्‍मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज को राहत देने का अमेंडमेंट का भी प्रस्‍ताव है। सूत्रों के मुताबिक, एमएसएमई को आईबीसी के सख्‍त नियमों के दायरे से बाहर रखा जाएगा। एमएसएमई के लिए सेक्‍शन 29ए में बदलाव का प्रस्‍ताव है, जिसमें कहा गया है कि एक साल से अधिक समय तक नॉन-परफॉर्मिंग लोन वाले डिफॉल्‍टर्स को जेल तक भेजा जा सकता है।


क्‍यों उठा सवाल 
गौरतलब है कि जेपी इन्फ्राटेक और आम्रपाली के खिलाफ इनसॉल्‍वेंसी प्रोसेस शुरू होने के बाद पाया गया कि ऐसे मामलों में आईबीसी में होम बायर्स को कोई स्‍थान नहीं दिया गया। जिसके बाद होम बायर्स ने सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में कहा कि उन्‍हें फाइनेंशियल क्रेडिटर्स का दर्जा दिया जाए। 

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