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प्रधानमंत्री आवास योजना में बिल्डर को मिलेगा इंसेंटिव, केवल 8% टारगेट पूरा होने​ से सरकार परेशान

नई दिल्‍ली। शहरों में 2022 तक दो करोड़ घर बनाने का प्रधानमंत्री आवास योजना का काम बेहद धीमी गति से चल रहा है। अब तक सरकार केवल 8 फीसदी ही टारगेट पूरा कर पाई है। इसे रफ्तार देने के लिए सरकार ने राज्‍यों से कहा है कि वे योजना की गाइडलाइंस में बदलाव कर काम को रफ्तार दें। 


बिल्‍डर्स को इन्‍सेंटिव देगी सरकार 
केंद्र सरकार ने राज्‍यों से कहा है कि जो बिल्‍डर्स प्राइवेट लैंड पर इनसीटू स्‍लम रिडेवलपमेंट (आईएसएसआर) प्रोजेक्‍ट बनाने के लिए तैयार होगा, उसे इन्‍सेंटिव के तौर पर 50 फीसदी फ्लोर एरिया रेश्‍यो (एफएआर) की इजाजत दी जाएगी। इसके अलावा भी केंद्र सरकार ने राज्‍यों से कई ऐसी छूट देने को कहा है, जो प्रधानमंत्री आवास योजना की राह में रोड़ा बने हुए हैं। 

 

क्‍या है आईएसएसआर ?
आईएसएसआर प्रधानमंत्री आवास योजना का ऐसा कंपोनेंट है, जिसके तहत स्‍लम बस्तियों में रह रहे लोगों को वहीं पर पक्‍के मकान दिए जाते हैं। स्‍लम बस्‍ती चाहे सरकारी जमीन पर बसी हो या प्राइवेट लैंड पर। उस जगह पर रह रहे झुग्‍गी वासियों को कुछ दिनों के लिए अस्‍थायी तौर पर कहीं और बसाया जाता है और वहां डेवलपर द्वारा पक्‍के मकान बनाए जाते हैं, जिसे बाद में झुग्‍गी वासियों को सौंप दिए जाते हैं, जबकि डेवलपर को एक्‍सट्रा एफएआर दिया जाता है। साथ ही, 1 लाख रुपए प्रति घर भी केंद्र सरकार द्वारा दिया जाता है। लेकिन अब तक प्राइवेट लैंड को लेकर एक्‍सट्रा एफएआर को लेकर कोई स्‍पष्‍ट नियम नहीं हैं। 

 

अब यह है प्रपोजल 
पिछले दिनों मिनिस्‍ट्री ऑफ हाउसिंग एंड अर्बन अफेयर्स की सेंट्रल सेंक्‍शनिंग एंड मॉनिटरिंग कमेटी की बैठक में राज्‍यों ने कहा कि डेवलपर्स आईआईएसआर प्रोजेक्‍ट्स में रूचि नहीं ले रहे हैं। खासकर प्राइवेट लैंड पर ऐसे प्रोजेक्‍ट्स को लेकर डेवलपर्स बिल्‍कुल भी आगे नहीं आ रहे हैं। बैठक में राज्‍यों के प्रतिनिधि भी उ‍पस्थित थे। बैठक में निर्णय लिया गया कि राज्‍य सरकारें प्राइवेट लैंड पर आईएसएसआर प्रोजेक्‍ट बनाने पर 50 फीसदी तक अतिरिक्‍त एफएआर की पेशकेश करेंगी। ताकि डेवलपर्स आगे आएं।

 

यह होगा फायदा 
अर्बन प्‍लानिंग एक्‍सपर्ट एके जैन ने कहा कि इस तरह के इन्‍सेंटिव से डेवलपर, लैंड ऑनर के साथ एमओयू साइन करके प्रोजेक्‍ट बनाने में रूचि दिखा सकते हैं। लैंड ऑनर्स को भी जब 50 फीसदी अतिरिक्‍त एफएआर का फायदा दिखेगा तो वह खुद ही आईएसएसआर प्रोजेक्‍ट तैयार कर सरकार से इन्‍सेंटिव ले सकते हैं। 

 

100 मीटर पर नहीं बनाना होगा नक्‍शा 
मीटिंग में निर्णय लिया गया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 100 वर्ग मीटर पर बनने वाले घर के लिए बिल्डिंग प्‍लान पास करने की जरूरत नहीं होगी। राज्‍यों से कहा गया कि वे 100 वर्ग मीटर जमीन पर बनने वाले घर के लिए स्‍टैंडर्ड बिल्डिंग प्‍लान बनाएं। इससे लोगों को आसानी होगी। 

 

समय से पहले घर बनाने वालों को मिलेगा इन्‍सेंटिव 
मिनिस्‍ट्री ने राज्‍यों से यह भी कहा कि जो लोग प्रधानमंत्री आवास योजना के बैनिफिशयरी लेड कंस्‍ट्रक्‍शन कंपोनेंट के तहत घर बना रहे हैं, यदि वे दिए गए समय से पहले घर बना देते हैं तो उन्‍हें आर्थिक रूप से इन्‍सेंटिव दिया जाए। इससे लोग जल्‍दी से जल्‍दी घर बनाने के लिए प्रेरित होंगे। 

 

टारगेट से कोसों दूर 
प्रधानमंत्री आवास योजना (अर्बन) 25 जून 2015 को शुरू हुई थी। इसका मकसद साल 2022 तक शहरों में 2 करोड़ घर बनाना है। योजना शुरू हुए लगभग 3 साल होने वाले हैं, लेकिन अब तक केवल 3.4 लाख घर ही बन पाए हैं। जबकि 40.6 लाख घरों का टारगेट था। यानी कि सरकार अब तक 8 फीसदी ही टारगेट हासिल कर पाई है। 

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