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होम बायर्स को इन शर्तों पर ही देना होगा GST, बिल्डर नहीं कर पाएंगे मनमानी

आज हम आपको बता रहे हैं कि किन हालातों में ही बिल्‍डर्स जीएसटी ले सकते हैं।

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नई दि‍ल्‍ली। फरीदाबाद के सुकांत ने पिछले साल पहले एक फ्लैट बुक कराया था। उसकी छह किश्‍तें देने के बाद नवंबर में बिल्‍डर की ओर से जो डिमांड लैटर आया, उसमें 12 फीसदी जीएसटी के नाम पर लगभग 30 हजार रुपए की अतिरिक्‍त डिमांड की गई है। जबकि इससे पहले अब तक कोई टैक्‍स नहीं लिया गया था। इस 30 हजार रुपए को लेकर वह असमंजस में है कि यह पैसा बिल्‍डर को दिया जाए या नहीं। सुकांत जैसा ही हाल लगभग हर उस होम बायर्स का है, जिनसे 1 जुलाई के बाद बिल्‍डर्स पेमेंट की डिमांड कर रहे हैं। आरोप है कि बिल्‍डर जीएसटी के नाम पर होम बायर्स से अतिरिक्‍त पैसा वसूल रहे हैं। यही वजह है कि शुक्रवार को सरकार की ओर से एक स्‍पष्‍टीकरण भी दिया गया, जिसमें बताया गया है कि कुछ परिस्थितियों में ही जीएसटी देना होगा, वरना बिल्‍डर्स को जीएसटी न दें। आज हम आपको बता रहे हैं कि किन हालातों में ही बिल्‍डर्स जीएसटी ले सकते हैं।

 

कब दें जीएसटी

चार्टर्ड अकाउंटेंट संगीत गुप्‍ता ने moneybhaskar.com से कहा कि‍ सरकार ने स्‍पष्‍ट कि‍या है कि‍ यदि आपने जिस प्रोजेक्‍ट में फ्लैट बुक कराया है, वह प्रोजेक्‍ट अंडर कंस्‍ट्रक्‍शन है और 1 जुलाई 2017 के बाद बिल्‍डर ने डिमांड लैटर दिया है तो बायर को 12 फीसदी जीएसटी का भुगतान करना होगा। इसके अलावा यदि बायर ने एक जुलाई 2017 के बाद फ्लैट बुक कराया है तो भी उसे 12 फीसदी जीएसटी देना होगा।

 

कब देना होगा 4.5 फीसदी सर्विस टैक्‍स

गुप्‍ता ने बताया कि यदि एक जुलाई 2017 के बाद कंस्‍ट्रक्‍शन पूरा होता है, लेकिन उससे पहले ही बायर ने पूरा पैसा दे दिया है तो ऐसी स्थिति में बायर को जीएसटी नहीं देना होगा, बल्कि उसे 4.5 फीसदी सर्विस टैक्‍स देना होगा, क्‍योंकि वह एक जुलाई 2017 से पहले सर्विस टैक्‍स लागू था और बायर को पजेशन के वक्‍त सर्विस टैक्‍स देना होता था।

 

बिल्‍डर नहीं मांग सकता है जीएसटी

सरकार ने स्‍पष्‍ट किया है कि यदि फ्लैट रेडी टू मूव है या कम्‍प्‍लीट हो चुकी है। या बिल्‍डर को कम्‍प्लीशन सर्टिफिकेट मिल चुका है तो बिल्‍डर, बायर से जीएसटी नहीं ले सकता।

 

क्‍या हैं शिकायत

बायर्स का कहना है कि बिल्‍डर्स कम्‍प्‍लीशन सर्टिफिकेट ले चुके हैं, लेकिन अब तो पेमेंट मांगी जा रही है, उसमें जीएसटी जोड़ कर भेज दिया गया है। नोएडा एस्‍टेट फ्लैट ऑनर्स मेन एसोसिएशन (नेफोमा) के अध्‍यक्ष अन्‍नू खान ने moneybhaskar.com से कहा कि‍ बिल्‍डर्स ने कम्‍प्‍लीशन सर्टिफिकेट ले‍ लिया, लेकिन अब बायर्स को बिल भेजकर जीएसटी मांग रहे हैं।

 

बिल्‍डर कर सकते हैं गड़बड़ी 

इतना ही नहीं, इससे पहले भी बायर्स से वसूला गया सर्विस टैक्‍स को सरकार को जमा नहीं कराया जाता था। उस समय भी बायर्स जब चालान मांगते थे तो बिल्‍डर्स चालान नहीं देते थे। अब भी बिल्‍डर्स जो जीएसटी बायर्स से ले रहे हैं, वह जमा कराया जा रहा है या नहीं, यह स्‍पष्‍ट नहीं है। सरकार को ऐसी व्‍यवस्‍था करनी चाहिए कि बायर्स को बिल्‍डर्स से चालान मांगने का हक होगा। खान ने कहा कि जो बिल्‍डर्स जीएसटी के नाम पर धांधली कर रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। 

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