Home » Personal Finance » Property » UpdatePrime Minister will review next month of Smart city Mission

स्‍मार्ट सिटी मिशन का मोदी करेंगे रिव्यू, अब तक केवल 3.41 % हुआ है काम

देश में 100 स्‍मार्ट सिटी बनाने का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना पूरा होता नहीं दिख रहा है।

1 of

नई दिल्‍ली। देश में 100 स्‍मार्ट सिटी बनाने का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना पूरा होता नहीं दिख रहा है। स्‍मार्ट सिटी मिशन को लॉन्‍च हुए 3 साल पूरे होने वाले हैं, लेकिन अब तक केवल 3.41 फीसदी काम पूरा हो पाया है। तीन साल पूरे होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मिशन का रिव्‍यू किया जाएगा, जिसकी जानकारी मिलने के बाद मिनिस्‍ट्री ऑफ हाउसिंग एंड अर्बन अफेयर्स के अधिकारियों की परेशानी बढ़ गई है। यही वजह है कि मिनिस्‍ट्री के लगभग सभी बड़े अधिकारी भोपाल में चल रही स्‍मार्ट सिटीज के सीइओ के पहले अपैक्‍स कांफ्रेंस में पहुंचे हुए हैं, ताकि स्‍मार्ट सिटीज के सामने आ रही चुनौतियों को समझ सकें और एक माह के भीतर कोई ऐसा जवाब तैयार किया जा सके, जिससे प्रधानमंत्री संतुष्‍ट हों। 

 

कितना हुआ काम?  
हाल ही में मिनिस्‍ट्री ऑफ हाउसिंग एंड अर्बन अफेयर्स ने अप्रैल 2018 तक हुए काम का ब्‍यौरा इकट्ठा किया, जिसके मुताबिक अब तक लगभग 3.41 फीसदी काम पूरा हो पाया है। रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल 2018 तक लगभग 3183 प्रोजेक्‍ट्स की पहचान की जा चुकी है, जिन पर लगभग 1 लाख 45 हजार 245 करोड़ रुपए की लागत का अनुमान है। इनमें से अब तक केवल 4960 करोड़ (3.41 फीसदी) के प्रोजेक्‍ट्स पूरे हो पाए हैं। इसके अलावा 23,243 करोड़ रुपए के प्रोजेक्‍ट्स पर काम शुरू हो चुका है, जबकि 17,213 करोड़ रुपए के प्रोजेक्‍ट्स के टेंडर कॉल किए गए हैं। 

 

32 शहरों में नहीं बन पाई पीएमसी 
कॉम्पिटीशन के माध्‍यम से केंद्र द्वारा स्‍मार्ट सिटी का सेलेक्‍शन करने के बाद सबसे पहला काम शहर में एक कंपनी (एसपीवी) बनाने का है, लेकिन अब तक भी 8 शहरों में एसपीवी नहीं बन पाई है। इसके बाद दूसरा बड़ा काम प्रोजेक्‍ट मैनेजमेंट कंसलटेंट (पीएमसी) की नियुक्ति करना है। हर स्‍मार्ट सिटी में बनी पीएमसी ही प्रोजेक्‍ट्स की डीपीआर से लेकर बिडिंग प्रोसेस तैयार करती है, लेकिन मिनिस्‍ट्री की रिपोर्ट बताती है कि अब तक 67 शहरों में पीएमसी बन पाई हैं। यानी कि 32 शहरों में पीएमसी तक नहीं बन पाई है। 

 

3 माह में पकड़ी रफ्तार 
मिनिस्‍ट्री के एक अधिकारी ने बताया कि दिसंबर 2017 तक स्‍मार्ट सिटी मिशन का काम काफी धीमी गति से चल रहा था, लेकिन एक उच्‍च स्‍तरीय बैठक, जिसमें साल 2019 में होने वाले चुनाव के मद्देनजर चर्चा हुई में कहा गया कि स्‍मार्ट सिटी मिशन के काम में तेजी लाई जाए और स्‍मार्ट सिटी कंपनी (एसपीवी) के अधिकारियों को इस बारे में अवगत कराया जाए, जिसके बाद काम में थोड़ी बहुत तेजी आई।  जैसे कि - 
नवंबर 2017 तक पूरे हुए प्रोजेक्‍ट की लागत : 1765 करोड़ रुपए
दिसंबर 2017 तक पूरे हुए प्रोजेक्‍ट की लागत : 1872 करोड़ रुपए 
जनवरी 2018 तक पूरे हुए प्रोजेक्‍ट की लागत : 2355 करोड़ रुपए
फरवरी 2018 तक पूरे हुए प्रोजेक्‍ट की लागत : 3113 करोड़ रुपए 
मार्च 2018 तक पूरे हुए प्रोजेक्‍ट की लागत : 4438 करोड़ रुपए 
अप्रैल 2018 तक पूरे हुए प्रोजेक्‍ट की लागत : 4960 करोड़ रुपए 

 

क्‍या है स्‍मार्ट सिटी मिशन?  
भाजपा ने चुनाव से अपने घोषणा पत्र में वादा किया था कि देश भर में 100 शहरों को स्‍मार्ट बनाया जाएगा। लेकिन सरकार के बनने के लगभग एक साल तक स्‍मार्ट सिटी के कंसेप्‍ट को लेकर चर्चा चलती रही। इसके बाद 25 जून 2015 को प्रधानमंत्री ने स्‍मार्ट सिटी मिशन लॉन्‍च कर दिया। 
कुल चुने गए : 99 शहर 
कुल संभावित इन्‍वेस्‍टमेंट : 2.04 लाख करोड़ रुपए 
केंद्र द्वारा जारी फंड : 10459 करोड़ रुपए 

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट