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खुलासा: रेलवे के 1500 प्वांट्स पर खतरा, ये रुट्स हैं शामिल

रेलवे में 8 महीने में 5070 अनसेफ प्‍वाइंट्स पाए गए, लेकिन 1500 प्‍वाइंट्स की खामियां दूर नहीं हुई हैं।

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नई दिल्‍ली। रेलवे रूट्स पर लगभग 5070 ऐसे प्‍वाइंट्स हैं, जिसे रेलवे के सेफ्टी ऑफिसर ने अनसेफ बताते हुए खामियों को दूर करने को कहा, लेकिन इनमें लगभग 30 फीसदी (1500) प्‍वाइंट्स की खामियां दूर नहीं हो पाई हैं। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन अश्विनी लोहानी ने सभी जीएम और डीआरएम को एक लैटर भेजा है और कहा है कि इन सुरक्षा खामियों को जल्‍द से जल्‍द दूर किया जाए। लोहानी ने इस लेटर के साथ जोन वाइज कम्‍प्‍लायंस रिपोर्ट भी भेजी है, जो बताती है कि कई जोन में कम्‍प्‍लायंस परसंटेज 50 से भी कम है। 

 

आज हम आपको उन जोन और डिविजन के बारे में बता रहे हैं, जहां डिफिशिएंसी (सुरक्षा संबं‍धी खामियां) पेंडिंग हैं। जिसका जिक्र रेलवे बोर्ड के चेयरमैन ने किया है। यह रिपोर्ट 14 नवंबर को तैयार की गई है। इनमें से लगभग 267 प्‍वाइंट्स हैं, जहां तीन महीने से अधिक समय से डिफिशिएंसी पेंडिंग हैं। आइए जानते हैं, कहां हैं ये अनसेफ प्‍वाइंट्स 

 

इस जोन में हैं सबसे अधिक खतरे 
इस रिपोर्ट के मुताबिक, मार्च से अक्‍टूबर 2017 के दौरान सबसे अधिक 678 डिफिशिएंसी ईस्‍ट कोस्‍ट रेलवे जोन में पाई गई, लेकिन 14 नवंबर तक लगभग 38 फीसदी डिफिशिएंसी दूर नहीं हो पाई। इस जोन में खुर्दा, संबलपुर, वाल्‍टेयर (विशाखापट्टनम) डिविजन के तहत आने वाले रेल रूट्स में ये अनसेफ प्‍वाइंट्स हैं। इनमें से लगभग 47 प्‍वाइंट्स हैं, जहां तीन माह से डिफिशिएंसी पेंडिंग हैं। 

 

 

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इन रूट्स पर भी हैं खतरे 
दक्षिण भारत के साउथ सेंट्रल जोन में 8 महीने में 424 खामियां पाई गई। इनमें से लगभग 127 खामियां 14 नवंबर तक दूर नहीं की गई थी। इनमें से भी 23 खामियां ऐसी हैं, जिन्‍हें तीन माह से अधिक समय बीतने के बाद भी दूर नहीं किया गया है। इस साउथ सेंट्रल जोन में विजयवाड़ा, गुंतकल, हैदराबाद, नांदेड़, गुंटुर डिविजन में आने वाले रूट्स पर ये खामियां पाई गई। नांदेड़ और गुंतकल डिविजन के रूट्स पर सबसे अधिक अनसेफ प्‍वाइंट्स हैं, जिनकी खामियां दूर नहीं की गई। 

 

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नॉर्थ रीजन में इन रूट्स पर हैं खतरा 

 

नॉर्थ, नॉर्थ सेंट्रल और नॉर्थ ईस्‍टर्न रीजन को रेलवे का सबसे वीआईपी और व्‍यस्‍त जोन माना जाता है। इन तीनों जोन में लगभग 764 डिफिशिएंसी प्‍वाइंट्स की पहचान की गई, लेकिन 14 नवंबर तक इनमें से लगभग 70 फीसदी प्‍वाइंट्स पर खामियां दूर की गई, लेकिन 30 फीसदी प्‍वाइंट्स अभी भी अनसेफ हैं। इन जोन के दिल्‍ली, लखनऊ, उस्‍मानाबाद, फिरोजाबाद,  आगरा, इलाहाबाद, झांसी, वाराणसी, लखनऊ, इज्‍जत नगर डिविजन के तहत आने वाले रूट्स पर अनसेफ प्‍वाइंट्स हैं। 

 

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ये भी हैं लिस्‍ट में 
सेंट्रल रेलवे जोन में बिलास पुर, नागपुर, पुणे, सूरत, आसनसोल, हावड़ा, मालदा, सियालदाह, दानापुर, धनबाद, मुगलसराय, जबलपुर, भोपाल, कोटा, जयपुर, मुंबई, रतलाम आदि डिविजन के तहत आने वाले रूट्स पर भी अनसेफ प्‍वाइंट्स है। इन प्‍वाइंट्स की खामियां दूर नहीं हुई है। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन ने निर्देश दिए हैं कि रेलवे सुरक्षा की खामियों को जल्‍द से जल्‍द दूर किया जाए। 

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