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पैसा गलत अकाउंट में ट्रांसफर हो जाए तो अपनाएं ये टिप्स, नहीं होगी परेशानी

ऐसे में कई बार पैसा वापस पाने के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

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नई दिल्ली। बैंक अकाउंट में पैसा ट्रांसफर करते समय कई बार गलत अकाउंट नंबर लिखने से पैसा किसी और के अकाउंट में ट्रांसफर हो जाता है। ऐसे में कई बार पैसा वापस पाने के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। आइए जानते हैं ऐसे कुछ उपाय, जिससे नहीं होगी आपसे ऐसी गलती। पैसे दूसरे के अकाउंट में चले गए तो कैसे पा सकत हैं वापस।
 
अकाउंट नंबर टाइप करने में न करें गलती
 
कई बार लोग अकाउंट नंबर भरने में गलती कर देते हैं। बैंक किसी भी कस्टमर को उसके नाम से नहीं बल्कि अकाउंट नंबर से जानता है। बैंक में अकाउंट नंबर 12 से 16 डिजिट का होता है। ऑनलाइन गलती कम होती है क्योंकि जिस खाते में पैसा ट्रांसफर करना होता है उसका रजिस्ट्रेशन करने के लिए दो बार अकाउंट नंबर डालना होता है। अगर कोई संख्या गलत है तो बैंक इसे रिजेक्ट कर देता है। ऐसा भी होता है कि दो बार अकाउंट नंबर डालते समय आप किसी अंक की हेरा-फेरी कर देते हैं तो दूसरे कस्टमर का अकाउंट आपके साथ जुड़ जाता है।
 
क्रॉस चेक कर लें अकाउंट नंबर
 
अगर आप बैंक के ब्रांच में जाकर के अपने या किसी दूसरे के अकाउंट में पैसा जमा करते हैं तो अकाउंट नंबर को क्रॉस चेक जरूर करें। इससे बेकार की परेशानी से बच जाएंगे। अगर आपका अकाउंट है तो ब्रांच में बैठा क्लर्क क्रॉस चेक में आपकी गलती पकड़ लेता है। लेकिन किसी दूसरे के अकाउंट में पैसा भेजना हो तो गलती होने का चांस ज्यादा होता है। अगर उसके अकाउंट नंबर को लेकर किसी तरह की शंका हो तो नंबर बिना वैरीफाई किए पैसा न जमा करें।
 
आगे की स्लाइड में, कैसे मिल सकता है पैसा वापस.....
 
बैंक को तुरंत दें अपनी गलती की सूचना
 
- गलती से दूसरे के अकाउंट में पैसा चले जाने पर आप बैंक को तुरंत सूचना दें। आपसे सूचना मिलने के बाद बैंक उस व्यक्ति का अकाउंट नंबर जिस बैंक में है, वहां सूचना देगा। बैंक उस शख्‍स से गलती से ट्रांसफर हुए पैसे को वापस करने की अनुमति मांगेगा। अगर वह तैयार होता है तो आपको अपने पैसे वापस मिल जाएंगे।
- अगर वह पैसा लौटाने के लिए तैयार नहीं होता है तो उसके खिलाफ कोर्ट में केस दर्ज करा सकते हैं।
 
दोनों अकाउंट एक बैंक में तो जल्दी होता है प्रोसेस
 
आपका और बेनेफिसियरी का खाता एक ही बैंक में होने पर प्रोसेस तेज होता है। पैसा एक या दो दिन में आपके खाते में आ जाएगा। भारतीय रिजर्व बैंक की गाइडलाइन के अनुसार लाभार्थी के खाते की सही जानकारी देना अकाउंट लिंक करने वाले की जिम्मेदारी है। अगर, किसी कारण अकाउंट होल्डर से नंबर लिंक करने में गलती होती है तो इसके लिए  बैंक जिम्‍मेदार नहीं होगा। अगर बेनेफिसियरी ने पैसा देने से मना कर दिया तो बैंक आपकी किसी तरह से मदद नहीं कर पाएगा। फिर पैसा पाने का एकमात्र विकल्प कोर्ट में केस करना है, जिसमें पैसा और समय बरबाद होगा।
 
पैसा ट्रांसफर करने की क्या है प्रक्रिया
 
अगर आपका किसी भी बैंक में इंटरनेट खाता है तो आप ऑनलाइन एनईएफटी और आरजीएफटी के तहत पैसा ट्रांसफर कर सकते हैं। इसके लिए बैंक के द्वारा मिले हुए पासवर्ड और यूजर नेम संख्या को ऑनलाइन बैकिंग प्रणाली में डालकर लॉग-इन करें। इसके बाद थर्ड पार्टी ट्रांसफर या सेम बैंक एअकाउंट होल्डर के विकल्प पर जाकर, जिसे पैसा भेजा जाना है, उसकी डिटेल भरें।करीब 10 से 12 घंटे के अंदर बैंक वेरीफाई कर आपके खाते को संबंधित खाते से लिंक कर देता है।
 
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