Home » Personal Finance » Banking » UpdateState Bank of India today slashed its benchmark lending rate by 0.9 per cent

SBI समेत 3 बैंकों ने सस्ते किए लोन: 6 साल में सबसे कम रेट, 25 साल वाले 20 लाख के होम लोन पर हर महीने बचेंगे 1220 रुपए

एसबीआई ने नए कस्टमर्स को सस्ते लोन का तोहफा दिया है और लेंडिंग रेट 8.90 से घटाकर 8% कर दिया है।

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नई दिल्ली.  नए साल पर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक और यूबीआई ने नए कस्टमर्स को सस्ते लोन का तोहफा दिया है। एसबीआई ने ब्याज दरों में 0.90% और पीएनबी ने 0.70 फीसदी की कटौती की है। कटौती के बाद एसबीआई की ब्याज दर 8.90% से घटकर 8 फीसदी रह गई है। दरों में यह कटौती एक साल के लिए की गई है। यूनियन बैंक ने एमसीएलआर 0.65 से 0.90 फीसदी कम कर दिया है। इस तरह, एसबीआई से 25 साल के लिए लिये गए 20 लाख रुपए की होम लोन की ईएमआई 1220 रुपए कम हो जाएगी। होम लोन की यह छह साल की सबसे कम ब्‍याज दर है। 2009 में एसबीआई की होम लोन की ब्‍याज दर 8.0 से 9.0 फीसदी थी। वहीं, एसबीआई से पांच लाख रुपए के पांच साल के ऑटो लोन की ईएमआई 219 रुपए घट जाएगी। 
 
- 31 दिसंबर को पीएम के राष्‍ट्र के नाम संबोधन के बाद माना जा रहा था कि बैंक कर्ज सस्ता कर सकते हैं। पीएम ने कहा था कि नोटबंदी के बाद से बैंकों के पास कैश बहुत ज्यादा आ चुका है। बैंकों से ब्याज दरें कम करने को कहा गया है। 
- बता दें, 2009 में एसबीआई के तत्‍कालीन चेयरमैन ओपी भट्ट ने होम लोन को आकर्षक बनाने के लिए ‘एसबीआई हैप्‍पी होम लोन ऑफर’ स्‍कीम लॉन्‍च की थी।
- इस स्‍कीम के तहत पहले साल के लिए होम लोन की ब्‍याज दर 8.0 फीसदी, उसके बाद अगले दो साल के लिए 9.0 फीसदी थी। इसके बाद ब्‍याज दर फ्लोटिंग रेट पर हो जाती थी।  
 
 
# नई दरें 1 जनवरी से लागू 
- एसबीआई की नई दरें 1 जनवरी, 2017 से ही लागू होंगी।
- एसबीआई के ब्याज दरें घटाने के बाद नए कस्टमर्स के लिए होम लोन, ऑटो लोन और पर्सनल लोन लेना सस्ता हो जाएगा। 
- जनवरी 2015 से अब तक एसबीआई ने ब्याज दर में 200 बेसिस प्वाइंट तक कटौती की है। 
 
# अब कितनी हो जाएंगी ब्याज दरें
- नए कस्टमर अगर एक साल के लिए लोन लेते हैं, तो उनके लिए ब्याज दर 8 फीसदी होगी।
- ओवरनाइट बॉरोइंग पर ब्याज दर 8.65 फीसदी से घटकर 7.75 फीसदी हो गई है।
- 3 साल के लिए लोन लेने पर ब्याज दर 9.05 फीसदी से घटकर 8.15 फीसदी हो गई है।
 
# पंजाब नेेशनल बैंक ने भी ब्याज दर में की कटौती 
-पीएनबी ने भी ब्याज दर में 0.7 फीसदी यानी 70 बेसिस प्वाइंट की कटौती की है।
-पीएनबी का 1 साल का एमसीएलआर अब 9.15 फीसदी के बजाए 8.45 फीसदी होगा।
 
# यूबीआई ने भी एमसीएलआर घटाया 
- यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (यूबीआई) ने भी अपने एमसीएलआर में 0.65 से 0.9 फीसदी की कटौती की घोषणा की है।  
 
# स्‍टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर ने की थी कटौती की घोषणा
- पिछले हफ्ते एसबीआई की सब्सिडियरी स्‍टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर ने ब्याज दर में 0.3% कटौती की घोषणा की थी।
- आईडीबीआई ने भी लेंडिंग रेट में 0.6% की कटौती की थी। बैंकों ने बेस रेट सिस्‍टम को बदलकर जून से एमसीएलआर को लेंडिंग रेट के लिए बेंचमार्क सिलेक्‍ट किया है। 
 
# ऐसे कैलकुलेट किया जाता है एमसीएलआर
- एमसीएलआर को कर्ज के मार्जिनल कॉस्‍ट और बैंकों के नेटवर्थ पर मिलने वाले रिटर्न के आधार पर कैलकुलेट किया जाता है।
- आरबीआई ये सिस्‍टम इसलिए लाया था, ताकि कर्जदार के साथ ही बैंकों को भी सही ब्‍याज दर मिले। 
- यह सिस्‍टम सेंट्रल बैंक की मॉनिटरी पॉलिसी में बदलाव के मकसद को पूरा करने में भी मदद करता है। एमसीएलआर रेट को हर महीने रिवाइज किया जाता है।
 
# आरबीआई ने इन्क्रीमेंटल बेस्ड सीआरआर की लिमिट खत्म की थी
- आरबीआई ने रेपो रेट में कोई कटौती न कर तो सबको चौंका दिया था। लेकिन बैंकों के लिए नोटबंदी के बाद लागू इन्क्रीमेंटल बेस्ड सीआरआर की लिमिट खत्म कर दी थी।
- ऐसे में, बैंकों को नोटबंदी के बाद आए ज्यादा कैश को मैनेज करने की छूट मिल गई। इन्क्रीमेंटल सीआरआर लिमिट हटाने से भी बैंकों के पास कर्ज सस्ता करने का रास्ता खुल गया था।

# एसबीआई ने दिए थे संकेत
- एसबीआई की चेयरपर्सन अरुंधति भट्टाचार्य ने भी कहा था कि आरबीआई ने सीआरआर और एमएसएस की लिमिट जो रिलैक्स की है, उसका फायदा बैंकों को मिलेगा। इससे वह अपनी लिक्विडिटी को आसानी से मैनेज कर सकेंगे।
 
# एटीएम के 5 बार से ज्यादा इस्तेमाल पर फिर लगेगी फीस
- बैंक से पैसे निकालने की लिमिट खत्म नहीं की, पर एटीएम के इस्तेमाल की छूट समाप्त कर दी।
- रिजर्व बैंक ने 30 दिसंबर तक एटीएम के इस्तेमाल पर शुल्क लेने से मना किया था। अब नया निर्देश नहीं आया है। यानी फीस फिर शुरू।
- जिस बैंक का कार्ड है, उसके एटीएम का महीने में 5 बार मुफ्त इस्तेमाल होगा। इसमें बैलेंस इन्क्वायरी जैसे इस्तेमाल भी शामिल हैं।
- दूसरे बैंक के एटीएम में 3 ट्रांजैक्शन के बाद प्रति ट्रांजैक्शन 20 रुपए और उस पर सर्विस टैक्स भी।
 
# एमडीआर भी लगना शुरू
- 31 दिसंबर तक डेबिट कार्ड पर एमडीआर शुल्क नहीं लगता था। पर अब लगेगा।
- रिजर्व बैंक ने 1 जनवरी से 31 मार्च तक रेट कम रखने का निर्देश दिया था। 
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