Home » Personal Finance » Banking » UpdateHow to Save Tax in Hindi - इनकम टैक्स बचाने के तरीके - Tax Saving Tips & Schemes

इनकम टैक्स बचाने के तरीके, How to Save Tax in Hindi?

अगर आपकी सालाना इनकम 2.5 लाख रुपए से अधिक है तो आपको इनकम के हिसाब से 5 फीसदी से लेकर 30 फीसदी तक टैक्‍स देना पड़ता है।

How to Save Tax in Hindi - इनकम टैक्स बचाने के तरीके - Tax Saving Tips & Schemes

नई दिल्‍ली। अगर आपकी सालाना इनकम 2.5 लाख रुपए से अधिक है तो आपको इनकम के हिसाब से 5 फीसदी से लेकर 30 फीसदी तक टैक्‍स देना पड़ता है। आज हमको ऐसे 22 तरीके बता रहे हैं जिनका इस्‍तेमाल कर आप अपनी इनकम पर टैक्‍स बचा सकते हैं। इनमे से कुछ तरीके सैलरी क्‍लास के लोगों के लिए हैं और कुछ तरीके बिजनेस क्‍लास के लोगों के लिए हैं। सबसे पहले जानें सैलरी क्‍लास के लोग किन तरीकों से टैक्‍स बचा सकते हैं। यह तरीके वित्‍त वर्ष 2017-18 के लिए हैं। 

 

 

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सैलरी क्‍लास के लिए टैक्स सेविंग टिप्स


सेक्‍शन 80 सी के तहत टैक्‍स छूट - Section 80C

 

बैंकबाजारडॉटकॉम के सीईओ आदिल शेट्टी के अनुसार इनकम टैक्‍स एक्‍ट के तहत टैक्‍स छूट पाने का यह सबसे पापुलर तरीका है। इसके तहत आप लाइफ इन्‍श्‍योरेंस का प्रीमियम जमा कर, ईएलएसएस म्‍यूचुअल फंड, ईपीएफ कंट्रीब्‍यूशन, एन्‍युटी प्‍लान के प्रीमियम पेमेंट, पोस्‍ट ऑफिस स्‍माल सेविंग स्‍कीम्‍स में निवेश और होम लोन के प्रिंसिपल अमाउंट का रिपेमेंट कर टैक्‍स छूट क्‍लेम कर सकते हैं। इसके अलावा 5 साल की बैंक एफडी और पब्लिक प्रॉविडेंट फंड में निवेश कर आप टैक्‍स छूट क्‍लेम कर सकते हैं। सेक्‍शन 80 सी के तहत आप अधिकतम 1.5 लाख रुपए निवेश कर टैक्‍स छूट क्‍लेम कर सकते हैं। 

 

सेक्‍शन 80 डी के तहत टैक्‍स छूट - Section 80D

 

सेक्‍शन 80 डी के तहत आप सेक्‍शन 80 सी पर मिलने वाली टैक्‍स छूट के अतिरिक्‍त आप अपने लिए, पत्‍नी, बच्‍चों और पैरेंट्स के लिए 25,000 रुपए तक का हेल्‍थ इन्‍श्योरेंस प्रीमियम भुगतान कर टैक्‍स छूट पा सकते हैं। अगर आपके पैरेंट्स सीनियर सिटीजन हैं और आप उनके लिए हेल्‍थ इन्‍श्‍योरेंस प्रीमियम का भुगतान कर रहे हैं तो आप 30,000 रुपए तक के प्रीमियम पर टैक्‍स छूट पा सकते हैं। यहां तक कि अगर आपके पैरेंट्स आर्थिक रूप से आत्‍मनिर्भर हैं तब भी आप सेक्‍शन 80 डी के तहत टैक्‍स छूट पा सकते हैं। 

 

सेक्‍शन 80 डीडी के तहत टैक्‍स छूट - Section 80DD

 

अगर आपके परिवार का कोई सदस्‍य दिव्‍यांग है जो आर्थिक तौर पर आप पर निर्भर है तो सेक्‍शन 80 डीडी के तहत टैक्‍स छूट क्‍लेम कर सकते हैं। टैक्‍स छूट की राशि विकलांगता के स्‍तर पर निर्भर करेगी। 40 से 80 फीसदी विकलांगता के लिए आप 75,000 रुपए तक टैक्‍स छूट पा सकते हैं वहीं 80 फीसदी से अधिक विकलांगता के लिए आप 1.25 लाख रुपए तक टैक्‍स छूट मिल सकती है। विकलांगता का स्‍तर तय करने के लिए किसी मेडिकल प्रैक्टिसर द्वारा जारी किया गया विकलांगता प्रमाण पत्र फाइनल अथॉरिटी होगा।

 

सेक्‍शन 80 डीडीबी के तहत टैक्‍स छूट - Section 80DDB

 

अगर आपका कोई रिश्‍तेदार जो आप पर निर्भर हो गंभीर बीमारी से पीड़ित है तो आप आप सेक्‍शन 80 डीडीबी के तहत 40,000 रुपए तक पर टैक्‍स छूट पा सकते हैं। इसके लिए जरूरी है कि बीमारी इनकम टैक्‍स एक्‍ट के रूल 11डी में दी गई बीमारी में से एक होनी चाहिए। अगर आप सीनियर सिटीजन है तो आप को 60,000 रुपए तक टैक्‍स छूट मिल सकती है और अगर किसी की उम्र 80 साल से अधिक है तो उसे 80,000 रुपए तक की टैक्‍स छूट मिल सकता है। सेक्‍शन 80 डीडीबी के तहत टैक्‍स छूट पाने के लिए आपको हॉस्पिटल या मेडिकल स्‍पेशलिस्‍ट से बीमारी का सर्टिफिकेट देना होगा।

 

सेक्‍शन 80 ई के तहत टैक्‍स छूट - Section 80E

 

अगर आपने खुद के लिए या बच्‍चों के लिए एजुकेशन लोन लिया है तो आप इनकम टैक्‍स एक्‍ट के सेक्‍शन 80 ई के तहत टैक्‍स छूट पा सकते हैं। लोन के रिपेमेंट पर जो ब्‍याज आप चुकाएंगे उस पर आप टैक्‍स छूट क्‍लेम कर सकते हैं। आप जब से एजुकेशन लोन का रिपेमेंट शुरू करते हैं उसके बाद 8 साल तक आप टैक्‍स छूट क्‍लेम कर सकते हैं। 

 

सेक्‍शन 80 जी के तहत टैक्‍स छूट - Section 80G

 

अगर आप दान के तौर पर किसी संगठन को पैसा देते हैं जो टैक्‍स छूट का हकदार है तो आप इनकम टैक्‍स एक्‍ट के सेक्‍शन 80 जी के तहत टैक्‍स छूट ले सकते हैं। आप इस तरह से 50 फीसदी या 100 फीसदी टैक्‍स छूट पा सकते हैं। यह चैरिटेबल ऑर्गनाइजेशन पर निर्भर करेगा। अगर आप 2,000 रुपए से अधिक कैश में डोनेशन देते हैं तो आप को टैक्‍स छूट नहीं मिलेगी।

 

सैलरी क्‍लास एम्प्लाइज के लिए टैक्‍स बचाने के लिए कुछ और ऑप्‍शन 

 

सैलरी क्‍लास के लोग सेक्‍शन 10 14 (आई) के तहत आने वाले सभी टैक्‍स छूट क्‍लेम कर सकते हैं। जैसे आपके इम्‍पलायर द्वारा दिए जाने वाले यूनीफॉर्म अलाउंस, हेल्‍थ क्‍लब अलाउंस, टेलीफोन अलाउंस, टेलीफोन और इंटरनेट अलाउंस, मील बाउचर, प्रोफेशनल जरूरतों के लिए अलाउंस, कार लीज और रीइम्‍बर्समेंट अमाउंटस आदि। इनमें से ज्‍यादतर अलाउंस सेक्‍शन 10 14 (आई) के तहत आते हैं।  

 

  1.  जब आप लोन लेते हैं तो ऐसा नहीं है कि सिफ रिपेमेंट पर ही आप टैक्‍स छूट क्‍लेम कर सकते हैं। आप बैंक को जो लोन प्रोसेसिंग फीस का भुगतान कर सकत हैं आप सेक्‍शन 2 (28 ए) के तहत टैक्‍स छूट क्‍लेम कर सकते हैं। 
  2.  किसी भी लोन पर 2 लाख रुपए तक के इंटरेस्‍ट पेमेंट पर आप सेक्‍शन 24 के तहत टैक्‍स छूट क्‍लेम कर सकते हैं। होल लोन के लिए प्रिंसिपल अमाउंट पर टैक्‍स सेविंग के अलावा आप सेक्‍शन 24 के तहत टैक्‍स छूट क्‍लेम कर सकते हैं। 
  3. आप अपनी सैलरी का 10 फीसदी तक न्‍यू पेंशन सिस्‍टम यानी एनपीएस में निवेश कर 80 सीसीडी के तहत 50, 000 रुपए टैक्‍स छूट क्‍लेम कर सकते हैं। यह 80 सी के तहत 1.5 लाख रुपए तक मिलने वाली टैक्‍स छूट के अतिरिक्‍त है। 

बिजनेस क्‍लास के लिए इनकम टैक्स बचने के उपाय

 

सेक्‍शन 80 सी के तहत टैक्‍स छूट - Section 80C

 

बिजनेस मैन इनकम टैक्‍स एकट के सेक्‍शन 80 सी के तहत 1.5 लाख रुपए तक टैक्‍स छूट क्‍लेम कर सकते हैं। बिजनेस मैन पीपीएफ, ईएलएसएस म्‍युचुअल फंड, एनपीएस, सीनियर सिटीजन सेविंग स्‍क्‍ीम, टैक्‍स सेविंग एफडी, पोस्‍ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट में निवेश कर टैक्‍स छूट क्‍लेम कर सकते हैं। इसके अलावा लाइफ इन्‍श्‍योरेंस प्रीमियम, होम लोन  रिपेमेंट, प्रॉपर्टी पर स्‍टॉम्‍प ड्यूटी और रजिस्‍ट्रेशन चार्ज पर भी टैक्‍स छूट क्‍लेम कर सकते हैं। अगर आपके बेटी है और उसकी उम्र 10 साल या इससे कम है तो आप सकुन्‍या समृद्धि स्‍क्‍ीम में पैसा जमा कर भी टैक्‍स छूट ले सकते हैं। आप बच्‍चों की पढ़ाई के लिए ट्यूशन फीस पेमेंट पर भी टैक्‍स छूट क्‍लेम कर सकते हैं। 80 सी के तहत आप एक साल में कुल 1.5 लाख रुपए के निवेश पर ही टैक्‍स छूट ले सकते हैं।


सेक्‍शन 80 सीसीसी और सेक्‍शन 80 सीसीडी (आई) के तहत टैक्‍स छूट - Section 80 CCC & Section 80CCD (I)

 

सेक्‍शन 80 सी, सेक्‍शन 80 सीसीसी और सेक्‍शन 80 सीसीडी (आई) सबको मिला कर आप एक साल में 1.5 लाख रुपए तक ही टैक्‍स टैक्‍स छूट क्‍लेम कर सकते हैं। अगर आप 80 सी के तहत पहले ही 1.5 लाख रुपए की लिमिट का यूज कर चुके हैं तो आप पेंशन प्‍लान के लिए 80 सीसीसी के तहत टैक्‍स छूट या सेक्‍शन 80सीसीडी आई के तहत एनपीएस में निवेश पर टैक्‍स छूट के ऑप्‍शन का यूज नहीं कर सकते हैं। आप सेक्‍शन 80 सीसीडी (1बी) के तहत 50,000 रुपए की अतिरिक्‍त टैक्‍स छूट ले सकते हैं अगर आप वित्‍त वर्ष 2017-18 के लिए एनपीएस में निवेश करते हैं।


सेक्‍शन 80 डी के तहत टैक्‍स छूट - Section 80D

 

अगर आप अपने लिए, फैमिली के लिए या पत्‍नी के लिए साल में वित्‍त वर्ष 2017 18 में 25,000 रुपए तक हेल्‍थ इन्‍श्‍योरेंस प्रीमियम का पेमेंट करते हैं तेा आप टैक्‍स छूट क्‍लेम कर सकते हैं। अगर आप सीनियर सिटीजन हैं तो आप 30,000 रुपए तक हेल्‍थ इंन्‍श्‍योरेंस प्रीमियम का भुगतान कर टैक्‍स छूट क्‍लेम कर सकते हैं।

 

सेक्‍शन  80 जीजी के तहत टैक्‍स छूट - Section 80GG

 

अगर आपका घर नहीं है और आप किराए के घर में रहते हैं तो आप सेक्‍शन 80 जीजी के तहत टैक्‍स छूट क्‍लेम कर सकते हैं। टैक्‍स छूट मिनिमम होगी 

  1. रेंट पेमेंट- कुल इनकम का 10 फीसदी 
  2. प्रति माह 5000 रुपए 
  3. कुल इनकम का 25 फीसदी 

सेक्‍शन 80 डीडी के तहत टैक्‍स छूट - Section  80DD

 

अगर आपका कोई रिशतेदार दिव्‍यांग है और आप पर निर्भर है तो आप उसके इलाज पर सेक्‍शन 80 डीडी के तहत टैक्‍स छूट क्‍लेम कर सकते हैं। आप इस केस में कुल 75,000 रुपए तक टैक्‍स छूट क्‍लेम कर सकते हैं। अगर दिव्‍यांग की विकलांगता ज्‍यादा गंभीर है तो ऐसे केस में टैक्‍स छूट 1,25,000 रुपए तक पर मिल सकती है।

 

 

सेक्‍शन 80डीडीबी के तहत टैक्‍स छूट - Section 80DDB

 

आप सेक्‍शन 80 डीडीबी के तहत  अपने या आप पर निर्भर परिवार के सदस्‍य के इलाज पर अधिकतम 40,000 रुपए टैक्‍स छूट क्‍लेम कर सकते हैं। सीनियर सिटीजन को 60,0000 रुपए तक मेडिकल खर्च पर टैक्‍स छूट मिल सकती है। वहीं अगर कि‍सी की उम्र 80 साल से अधिक है तो उसे एक साल में 80,000 रुपए तक के मेडिक्‍ल खर्च पर टैक्‍स छूट मिल सकती है। 

 

सेक्‍शन 80 यू के तहत टैक्‍स छूट - Section 80U


अगर कोई व्‍यक्ति शारीरिक तौर पर अपंग है तो वह सेक्‍शन 80 यू के तहत 75,000 रुपए तक पर टैक्‍स छूट ले सकता है। अगर शारीरिक अपंगता का स्‍तर बहुत ज्‍यादा है तो इस केस में टैक्‍स छूट 1,25,0000 रुपए तक हो सकती है। 

 

सेक्‍शन 80 जी के तहत टैक्‍स छूट - Section 80G

 

सेक्‍शन 80 जी के तहत आप किसी ऐसे संगठन को चैरिटी या डोनेशन के तौर पर पैसा देकर टैक्‍स छूट क्‍लेम कर सकते हैं जो टैक्‍स छूट का हकदार हो। टैक्‍स छूट 50 फीसदी से 100 फीसदी तक हो सकती है।

 

सेक्‍शन 80 ई के तहत टैक्‍स छूट - Section 80E

 

अगर आपने अपनी हायर एजुकेशन, पत्‍नी या ब्‍च्‍चों के लिए एजुकेशन लोन लिया है तो आप सेक्‍शन 80 ई के तहत इंटरेस्‍ट पर टैक्‍स छूट क्‍लेम कर सकते हैं। यह टैक्‍स छूट लोन का रिपेमेंट शुरू होने स 8 तक मिल सकती है। 

 

सेक्‍शन 24 के तहत टैक्‍स छूट - Section 24

 

आपने ने अगर होम लोन लेकर घर खरीदा है और आप उसमें रह रहे हैं तो आप होम लोन इंटरेस्‍ट पर एक साल में 2 लाख रुपए तक टैक्‍स छूट क्‍लेम कर सकते हैं। आप सेक्‍शन 80 ईई के तहत 50,000 रुपए की अतिरिक्‍त टैक्‍स छूट क्‍लेम कर सकते हैं अगर आपने वित्‍त वर्ष 2017 18 में पहली प्रॉपर्टी खरीदने के लिए लोन लिया है। 

 

सेक्‍शन 80 जीजीबी के तहत टैक्‍स छूट - Section GGB

 

अगर आप किसी रजिस्‍टर्ड राजनीतिक दल को चंदा देते हैं तो आप टैक्‍स छूट क्‍लेम कर सकते हैं। लेकिन यह चंदा कैश में नहीं दिया जाना चाहिए। 

 

सेक्‍शन 80 आर आर बी के तहत टैक्‍स छूट - Section RRB

 
अगर आपको पेटेंट पर रॉयल्‍टी के तौर पर इनकम हो रहर है तो आप सेक्‍शन आर आर बी के तहत एक साल में 3 रुपए तक की टैक्‍स छूट क्‍लेम कर सकते हैं। 

 

ऑपरेशन खर्च के लिए टैक्‍स छूट 


अगर आप फ्रीलांसर है तो आप बिजनेस और काम से जुडे खर्च पर टैक्‍स छूट पा सकते हैं। आप ऑफिस रेंट और रिपेयर, ऑफिस सप्‍लाई, इंटरनेट बिल, मोबाल बिल, ट्रैवलिंग, एंटरटेनमेंट, हॉस्पिटली खर्च पर टैक्‍स छूट क्‍लेम कर सकते हैं। इन खर्च पर टैक्‍स छूट क्‍लेम करने के लिए आपको खर्च की रसीद लगानी होगी। 

 

बिजनेस में नुकसान पर टैक्‍स छूट 


अगर आपको किसी दूसरे बिजनेस, शेयर ट्रेडिंग या खराब कर्ज की वजह से नुकसान हुआ है तो आप इस नुकसान को अपने बिजनेस में हुए मुनाफे के अगेंस्‍ट सेट ऑफ कर सकते हैं। आप लगतार अगले 8 साल तक ऐसा कर सकते हैं। आप टैक्‍स लायबिलिटी कैलकुलेट करने से पहले कमोडिटीज ट्रांजैक्‍शन टैक्‍स, बैंकिंग ट्रांजैक्‍शन टैक्‍स, सेक्‍युरिटीज ट्रांजैक्‍शन टैक्‍स घटा सकते हैं।

 

बिजनेस लोन पर टैक्‍स छूट 

 

अगर आपने वर्किंग कैपिटल, इक्‍युपमेंट या इन्‍वेंटरी खरीदने के लिए बिजनेस लोन लिया है तो आप लोन के इंटरेस्‍ट पर टैक्‍स छूट क्‍लेम कर सकते हैं। आप बिजनेस के लिए पर्सनल पर इंटरेस्‍ट पेमेंट पर भी टैक्‍स छूट क्‍लेम कर सकते हैं। 


इम्‍पलाई खर्च पर टैक्‍स छूट 


आप इम्‍पलाई पर हुए खर्च जैसे सैलरी, बोनस या कमीशन पर टैक्‍स छूट क्‍लेम कर सकते हैं। ये खर्च टैक्‍स कैलकुलेट करने से पहले बिजनेस इनकम में से घटा दिए जाते हैं। 

 

डेप्रिशिएटिंग असेट पर टैक्‍स छूट 


बिजनेस मैन बिजनेस में फर्नीचर और गैजैज जैसे लैपटाप का यूज करता है। ऐसे खर्च को कैपिटल एक्‍सपेंसेज कहा जाता है। बिजनेस मैन को हर साल डेप्रिशिएशन चार्ज करने कीअनुमति होती है। डेप्रिशिएशन के लिए कितनी टैक्‍स छूट मिलेगी यह असेट किस तरह का है इस पर निर्भर करता है। ऑफिस में नया बनवाया गया लकड़ी का स्‍ट्रक्‍चर 100 फीसदी तक डेप्रिशिएट हो सकता है। 

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