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इस बैंक में हुई दुनिया की सबसे बड़ी चोरी, जानिए कैसे उड़ाए 543 करोड़ रुपए

इस घटना के बाद बांग्‍लादेश के सेंट्रल बैंक के प्रमुख अतीउर रहमान और उनके दो सहयोगियों ने अपने पद से इस्‍तीफा दे दिया है।

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नई दिल्‍ली। हैकरों ने बांग्‍लादेश के सेंट्रल बैंक से 8.1 करोड़ डॉलर यानी करीब 543 करोड़ रुपए की राशि उड़ा ली है। दुनिया में किसी बैंक से उड़ाई गई यह अब तक की सबसे बड़ी रकम है। इस घटना के बाद बांग्‍लादेश के केंद्रीय बैंक के प्रमुख अतीउर रहमान और उनके दो सहयोगियों ने अपने पद से इस्‍तीफा दे दिया है। यह चोरी न्‍यूयॉर्क स्थित फेडरल रिजर्व के अकाउंट से हुई है। यह राशि फॉरेन एक्‍सचेंज रिजर्व के तौर पर रखी गई थी। बांग्‍लादेश के पास मौजूदा समय में 27 अरब डॉलर का फॉरेन एक्‍सचेंज रिजर्व है।
 
कब की है यह घटना
 
हैकर्स ने 4-5 फरवरी (शुक्रवार) को बांग्‍लादेश में सार्वजनिक अवकाश के मौके पर बैंक अकाउंट पर धावा बोला। जब बांग्‍लादेश बैंक बंद हुआ, उसी दौरान हैकर्स ने न्‍यूयॉर्क स्थित फेडरल रिजर्व में बैंक के अकाउंट से फिलिपींस के कुछ खातों में पैसे ट्रांसफर कर डाले।  
 
अगली स्‍लाइड में पढ़ें- कैसे दिया घटना को अंजाम ...... 
 
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ऐसे दिया घटना को अंजाम
 
खबरों के मुताबिक, हैकर्स ने बांग्‍लादेश बैंक के सिस्‍टम को हैक कर लिया। हैकिंग के बाद उन्‍होंने बैंक के सिस्‍टम से पेमेंट ट्रांसफर का पासवर्ड चोरी कर लिया। उसके बाद उन्‍होंने न्‍यूयॉर्क स्थित फेडरल रिजर्व को तीन दर्जन रिक्‍वेस्‍ट भेजी। इसमें उन्‍होंने बांग्‍लादेश बैंक के अकाउंट से पैसों को फिलीपींस और श्रीलंका में कई खातों में ट्रांसफर करने का आवेदन किया। उन्‍होंने फिलिपींस के खातों में 8.1 करोड़ डॉलर ( करीब 543 करोड़ रुपए) की राशि ट्रांसफर करवाई। इसके अलावा उन्‍होंने करीब 2 करोड़ डॉलर की राशि श्रीलंका के एक गैर सरकारी संगठन के खातों में ट्रांसफर करने का आग्रह किया। हालांकि ‘शालिका फाउंडेशन’ नाम के इस NGO का नाम सही नहीं बता पाने के कारण यह पैसा ट्रांसफर नहीं हो पाया। हैकर्स ने foundation की जगह fandation लिख दिया,  जिससे वह अपनी योजना में नाकाम हो गए।  
 
 
लुफ्तांसा रॉबरी
 
 
न्‍यूयॉर्क के जॉन एफ केनेड एयरपोर्ट पर 11 दिसंबर 1978 की रात में हुई इस रॉबरी में चोरों ने करीब33 करोड़ रुपए (50 लाख डॉलर) कैश और 6 करोड़ रुपए (9 लाख डॉलर) के गहने उड़ा डाले थे। इसे अमेरिकी इतिहास की सबसे बड़ी रॉबरी में से एक माना जाता है। इसकी साजिश लुच्‍चेसे क्राइम फैमिली से जुड़े जिमी बर्क ने छह लोगों के साथ मिलकर रची थी। रॉबर्स की साजिश इतनी पुख्‍ता थी कि अभी तक चोरी की गई रकम और बेशकीमती सामान का बहुत छोटा हिस्‍सा ही बरामद किया जा सका है। इस चोरी पर ‘द 10 मिलियन डॉलर गेटवे’ और ‘द बिग हेस्‍ट’ नाम की दो फिल्‍में भी बन चुकी हैं। करीब 36 साल पहले हुई इस चोरी की वर्तमान कीमत करीब 1.6 अरब रुपए (2.5 करोड़ डॉलर) आंकी जाती है।
 
आगे की दुनिया में जानिए ऐसी ही चर्चित चोरियों के बारे में...
 
एबीएन एमरो रॉबरी
 
यह रॉबरी बेल्जियम के ऐंत्‍वेर्प शहर स्थित एबीएन एमरो बैंक की ब्रांच में मार्च 2007 को अंजाम दी गई थी। बैंक के ही एक भरोसेमंद कस्‍टमर ने करीब 1.8 अरब रुपए (2.8 करोड डॉलर) कीमत के हीरों पर साथ साफ कर दिया। चोरी की साजिश इतने शातिराना अंदाज में अंजाम दी गई कि पुलिस आज तक उस शख्‍स को नहीं पकड़ पाई है।
 
इराकी सेंट्रल बैंक रॉबरी
 
मार्च 2003 में इराक पर अमेरिकी हवाई हमले से ठीक पहले देश के तत्‍कालीन तानाशाह सद्दाम हुसैन के बेटे और करीबी सहयोगी ने इराकी सेंट्रल बैंक से एक अरब डॉलर की राशि साफ कर दी। इसमें से 90 फीसदी राशि 100 डॉलर की करेंसी में उड़ाई गई, बाकी की यूरो में थी। बाद में सद्दाम के पुत्र उदय के महल से करीब 65 करोड़ डॉलर की रकम बरामद की गई। माना जाता है कि यह रकम उसी रॉबरी का हिस्‍सा थी। सद्दाम की सेनाओं और अमेरिकी फौजों के बीच संघर्ष के दौरान बाकी करीब 25 करोड़ डॉलर की राशि एक बख्‍तरबंद वाहन से बरामद गई। इसे किसी एक शख्‍स की ओर से की गई अब तक की सबसे बड़ी रॉबरी माना जाता है।
 
ऐंत्‍वेर्प डायमंड सेंटर रॉबरी
 
इसे दुनिया की सबसे बड़ी सेफ डिपॉजिट बॉक्‍स रॉबरी माना जाता है। इसे बेल्जियम के ऐंत्‍वेर्प डायमंड सेंटर में फरवरी 2003 में अंजाम दिया गया था। चोरों ने सेंटर की 160 में से 123 तिजोरियों में रखे करीब 10 करोड़ डॉलर के हीरों से हाथ साफ कर दिया था। जांचकर्ताओं का दावा है कि यह चोरी सेंटर के ही किसी ऐसे शख्‍स ने अंजाम दी, जो अंदर के सिक्‍युरिटी सिस्‍टम से पूरी तरह वाकिफ था। बाद में पता चला कि ‘स्‍कूल ऑफ ट्रिन’ नाम के पांच लोगों के एक गिरोह ने इस चोरी को अंजाम दिया था। इस गिरोह का सरगना लियोनार्दो नोटारबारतोलो था। गिरफ्तारी के बाद नोटारबारतोलो ने दावा किया कि उसने इन्श्योरेंस से जुड़े सिर्फ 2 करोड़ डॉलर की चोरी की। चोरी किए गए हीरों का अभी तक पता नहीं चल पाया है।
 
पेरिस ज्वैलरी स्‍टोर रॉबरी
 
अक्‍टूबर 2007 में पेरिस के हैरी विंस्‍टन ज्वैलरी स्‍टोर में अंजाम दी गई इस रॉबरी में चार शातिर बदमाश बिल्‍डर के रूप में आए और 3.5 करोड डॉलर की कीमत के गहने उड़ा लिए। करीब एक साल बाद इन चारों बदमाशों को करीब 7.8 करोड़ डॉलर के कीमती सामान के साथ गिरफ्तार किया गया। इसमें से तीन चोर महिला के वेश में थे। इस गिरफ्तारी से कई चोरियों का खुलासा हुआ और मास्‍टर माइंड समेत आठ लोग गिरफ्तार किए गए। इन लोगों को 9 महीने से 15 साल तक की जेल की सजा सुनाई गई। 
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