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    ETF में निवेश की तैयारी में ईपीएफओ, एसेट मैनेजमेंट कंपनियों से मंगाया टेंडर

    ETF में निवेश की तैयारी में ईपीएफओ, एसेट मैनेजमेंट कंपनियों से मंगाया टेंडर
    नई दिल्ली। केंद्रीय भविष्य निधि कर्मचारी संगठन (ईपीएफओ) एक्सचेंज ट्रेडेड फंड में निवेश की तैयारी कर रहा है। इसके लिए रिटायरमेंट बॉडी ने एसेट मैनेजमेंट कंपनियों से टेंडर मंगाया है। बिड केवल वही कंपनियां दे सकेंगी, जिन्हें सेबी द्वारा रेग्युलेट किया जा रहा है। 

    सेंसेक्स और निफ्टी के ईटीएफ में होगा निवेश 

    प्रस्ताव के मुताबिक ईपीएफओ अपने फंड को केवल सेंसेक्स और निफ्टी के ईटीएफ फंड में या फिर इन्वेस्टमेंट गाइडलाइंस के अनुसार किसी अन्य ईटीएफ फंड में निवेश करेगा। कंपनियों को अपने टेंडर जमा करने के लिए 24 जून तक का समय दिया गया है। ईपीएफओ बोर्ड अपनी तरफ से म्युचुअल फंड के ईटीएफ को चुनेगा, जिसका परफॉर्मेंस के आधार पर एक साल बाद एक्सटेंशन किया जाएगा। टेंडर को प्रोसेस करने के लिए कंपनियों को दो लाख रुपए जमा करने होंगे।

    6.8 लाख करोड़ का है कॉरपस

    31 मार्च 2016 के अनुसार, ईपीएफओ के पास इस वक्त 6.8 लाख करोड़ रुपए का कॉरपस फंड है, जिसमें से 6577 करोड़ रुपए इक्विटी में इन्वेस्टमेंट कर रखा है। जो एसेट मैनेजमेंट कंपनी ईपीएफओ में इसके लिए अप्लाई करेंगी, उनको हर महीने अपने इंडेक्स फंड की फैक्टशीट या प्रोडक्ट ब्रोशर सबमिट करना होगा। फैक्टशीट में कंपनियों को अपना कुल एक्सपेंस रेशियो के चार्ज और ट्रैकिंग के बारे में जानकारी देनी होगी। इसके अलावा कंपनी किसी तरह का कोई कार्पोरेट एक्शन मसलन मर्जर,टेकओवर, अधिग्रहण और डिसइन्वेस्टमेंट बिना ईपीएफओ की मंजूरी के नहीं कर सकेंगी।      

    50 हजार करोड़ रुपए का हो एसेट  

    प्रस्ताव के मुताबिक जिन कंपनियों के पास 50 हजार करोड़ रुपए का एसेट मैनेजमेंट करने का अनुभव है या फिर इक्विटी में15 हजार करोड़ रुपए का इन्वेस्टमेंट किया हो, वे इसके लिए अप्लाई कर सकती हैं। इसके अलावा कंपनियों के पास निफ्टी50 और एसएंडपी सेंसेक्स में ईटीएफ मैनेज करने का भी अनुभव होना चाहिए। 


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