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बिजनेस करने के लिए जरूरी होगी ये आईडी, सरकार ने किया एलान

वैसे तो अब तक बिजनेस या कंपनी की शुरुआत करने के लिए कोई खास पहचान पत्र की जरुरत नहीं पड़ती थी। लेकिन सरकार के नए एलान क

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नई दिल्‍ली। वैसे तो अब तक  बिजनेस या कंपनी की शुरुआत करने के लिए कोई खास पहचान पत्र की जरुरत नहीं पड़ती थी। लेकिन सरकार के नए एलान के बाद कंपनियों या बिजनेस की शुरुआत करने वाले लोगों को भी आधार कार्ड की तरह एक खास पहचान पत्र बनवानी होगी। 

हर जगह आधार की जरुरत 


सरकार ने बैंक अकाउंट, इंश्‍योरेंस पॉलिसी, म्‍यूचुअल फंड, मोबाइल नंबर, सभी सोशल सिक्‍योरिटी स्‍कीम्‍स, पोस्‍ट ऑफिस अकाउंट्स आदि की आधार लिंकिंग को अनिवार्य कर दिया है और इसके लिए 31 मार्च 2018 तक का समय दिया है। 


क्‍या है सरकार का एलान 
दरअसल, वित्‍त मंत्री अरुण जेटली ने आम बजट पेश करते हुए इस संबंध में एलान किया। उन्‍होंने कहा कि आधार कार्ड के तर्ज पर सरकार जल्द ही कंपनियों को भी विशेष पहचान नंबर देगी। यानी अब कंपनियों को भी आधार कार्ड बनवाना होगा। वित्त मंत्री ने कहा, आधार से प्रत्‍येक व्‍यक्ति को पहचान मिली है। आधार के माध्‍यम से हमारे लोगों को प्रत्‍येक सार्वजनिक सुविधाएं आसानी से मिलने लगी हैं। छोटे या बड़े कारोबार को भी यूनिक आईडी की जरुरत है। सरकार भारत में प्रत्‍येक उद्यम को अलग से एक विशिष्‍ट पहचान संख्‍या प्रदान करने की स्‍कीम लाएगी। 


इसलिए किया एलान 
दरअसल, आधार के जरिए सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार और सब्सिडी लीकेज को कम करने में सरकार को मदद मिली है। अब सरकार कंपनियों के 'आधार कार्ड' के जरिए निजी कंपनियों के भ्रष्टाचार पर लगाम लगाना चाहती है। 

 

5,32,063 कंपनियां बंद 
 
कॉरपोरेट अफेयर्स मंत्रालय  के अनुसार सितंबर 2017 तक देश में 16,96,792 कंपनियां रजिस्टर्ड थी। जिसमें से 5,32,063 कंपनियां बंद हो गई हैं। इसमें से 4.90 लाख कंपनियां ऐसी हैं, जो डिफंक यानी पूरी तरह से बंद हो गई हैं। जबकि बाकी कंपनियां मर्जर, एलएलपी में परिवर्तित होने जैसी वजहों से बंद हुई हैं।
कुल कंपनियां
1696792
कुल बंद कंपनियां
5,32,063
डिफंक या स्ट्राइक ऑफ
490453
विलय
19789
एलएलपी में परिवर्तित
6591
लिक्विडेशन में कंपनियां
5947
डॉरमेंट
1107
सेक्शन 248 के तहत बंद कंपनियां
30859
डिसॉल्वड कंपनियां
10437
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ज्यादातर शेल कंपनियां बंद
बंद हुई कंपनियों में 90 फीसदी से ज्यादा कंपनियां शेल कंपनियां है। जो कि सरकार द्वारा की गई सख्ती की वजह से बंद हुई हैं। शेल कंपनियां ऐसी होती हैं, जो कि ब्लैकमनी के लिए प्रमुख रुप से बनाई जाती है।

 

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