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निगरानी में है डाटा, हमें नए खतरों की है जानकारी: UIDAI

यूआईडीएआई ने कहा है कि आधार डाटा के संभावित दुरुपयोग के बारे में चिंता नहीं की जानी चाहिए

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नई दिल्‍ली. आधार जारी करने वाली अथॉरिटी यूआईडीएआई ने कहा है कि आधार डाटा के संभावित दुरुपयोग के बारे में चिंता नहीं की जानी चाहिए, क्‍योंकि इन डाटा की लगातार निगरानी की जा रही है। यूआईडीएआई ने कहा कि बायोमीट्रिक पहचानकर्ता को मजबूत कानून के जरिए संरक्षण दिया जा रहा है। 

 

बैंक खाते निष्क्रिय नहीं होंगे 
यूनिक आईडी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (यूआईडीएआई) ने यह भी कहा है कि बैंक खातों के साथ आधार को जोड़ना जारी रख सकते हैं, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के फैसले को स्पष्ट होने तक आधार की कमी के कारण इन खातों को निष्क्रिय नहीं किया जा सकता है।

 

सात साल के दौरान कोई उल्‍लंघन नहीं हुआ 
यूआईडीएआई के सीईओ अजय भूषण पांडे ने जीएसटीएन फाउंडेशन दिवस के अवसर पर संवाददाताओं को बताया कि जहां तक ​​आधार डाटा का संबंध है, डाटा पूरी तरह से संरक्षित है। कल, मैंने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष कहा कि पिछले सात वर्षों के दौरान आधार प्रणाली से कोई भी उल्लंघन नहीं हुआ। हम पूरी सतर्क रहे। हालांकि उन्‍होंने माना कि यूआईडीएआई को दिनों दिन आ रहे नए खतरों के बारे में पता है। बावजूद इसके, यूआईडीएआई हर समय डाटा को सुरक्षित रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

 

टैक्‍नोलॉजी अपग्रेड करेंगे 
पांडे ने कहा कि आईटी दुनिया में, नई टैक्‍नोलॉजी आ रही हैं, हमें अपनी टैक्‍नोलॉजी को अपग्रेड करना जारी रखेंगे और लगातार सक्रिय कदम उठाएंगे, ताकि हमारा डेटा सुरक्षित रहे। 
उन्होंने कहा, "हम लगातार सतर्क हैं। हम यह भी जानते हैं कि नए खतरे उभर रहे हैं और हमें आज ही डाटा को सुरक्षित नहीं रखना है, बल्कि कल भी इसे सुरक्षित रखना है।"

 

मजबूत कानून से कंट्रोल 
पांडे ने कहा कि यूआईडीएआई डाटा संरक्षण के बारे में बेहद गंभीर है, और कहा कि आधार को मजबूत कानूनों द्वारा नियंत्रित किया जाता है जो डाटा का दुरुपयोग या आधार प्रणाली में किसी भी तरह के उल्लंघन को रोकता है। उन्होंने कहा, "हमने यह सुनिश्चित करने के लिए सभी संभव उपाय किए हैं कि डाटा सुरक्षित रहे।" सुप्रीम कोर्ट ने 13 मार्च को अनिवार्य रूप से बैंक खातों और मोबाइल फोन नंबरों को आधार के साथ जोड़ने के लिए 31 मार्च की समय सीमा बढ़ा दी। पांडे ने आज कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने स्थगन आदेश नहीं दिया है।


फैसले की तारीख तक बढ़ाई तारीख 
उन्‍होंने कहा कि "अदालत ने फैसले की तारीख तक आखिरी तारीख को बढ़ा दिया है। इस प्रक्रिया के दौरान, बैंक सुविधा प्रदान कर सकते हैं और लोग लिंक कर सकते हैं, लेकिन किसी भी निष्क्रियता या प्रतिकूल परिणाम अदालत के फैसले के बाद ही होंगे।" 

 

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