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खास खबर: सवालों के घेरे में दो रोल मॉडल, कितना महंगा पड़ेगा प्राइवेट बैंकों का भूचाल

देश के प्राइवेट सेक्‍टर के सबसे बड़े बैंक आईसीआईसीआई बैंक की सीईओ चंदा कोचर और एक्सिस बैंक की सीईओ शिखा शर्मा का नाम सुन

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नई दिल्‍ली.  देश के प्राइवेट सेक्‍टर के सबसे बड़े बैंक आईसीआईसीआई बैंक की सीईओ चंदा कोचर और एक्सिस बैंक की सीईओ शिखा शर्मा का नाम सुनते ही अपने आप दिमाग में कुछ शब्‍द तैर जाते हैं। ये शब्‍द है सफल, ताकतवर, लीडर और रोलमॉडल। सबसे बड़ी बात महिला होकर पेशेवर दुनिया में निचले पायदान से सीईओ के पद तक न सिर्फ पहुंचना, बल्कि अपने नाम को इस लेवल पर पहुंचा देना जहां सीईओ पद छोटा लगने लगता है। आज चंदा कोचर और शिखा शर्मा की पहचान उनके बैंक के सीईओ तक ही सीमित नहीं है। बल्कि वे अपने आप में एक ब्रांड हैं। लेकिन अब इन दोनों का व्‍यक्तित्‍व पहले की तरह बेदाग नहीं रहा है। चंदा कोचर जहां वीडियोकॉन ग्रुप को 3250 करोड़ रुपए को दिए गए लोन को लेकर सवालों के घेरे में हैं। उनके पति से भी सीबीआई पूछताछ कर चुकी है। यहां तक कि  शुरुआत में उनके साथ मजबूती से खड़े रहे आईसीआईसीआई बैंक के बोर्ड मेंबर्स अब उनका साथ छोड़ रहे हैं। वहीं एक्सिस बैंक की सीईओ शिखा शर्मा को एक और कार्यकाल देने के बोर्ड के फेसले पर भारतीय रिजर्व बैंक के हस्‍तक्षेप के बाद शिखा शर्मा अब खुद एक और कार्यकाल से पीछे हट गई हैं।

 

सफलता भी संदेह के दायरे में 

यहां सवाल सिर्फ दो लोगों का नहीं है। सवाल पेशेवर दुनिया में अपना लोहा मनवाने वाले दो रोल मॉडल का है। बकौल इमेज गुरु दिलीप चेरियन उनकी महिला हीरो की इमेज को नुकसान हुआ है। भारत जैसे देश में जहां रोल मॉडल की पहले से ही बहुत किल्‍लत रही है। ऐसे में इन दो शख्सियतों पर जिस तरह के आरोप लगे हैं, उसने उनकी तमाम सफलता और पेशेवर रवैये को लेकर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। साथ ही उनको रोल मॉडल मानने वाले भारत के युवाओं का धक्‍का लगा है। 

 

 

महिला हीरो की इमेज टूटी 

चंदा कोचर और शिखा शर्मा पर सवाल उठने से उनकी महिला हीरो की इमेज को नुकसान हुआ है। इमेज गुरू दिलीप चेरियन ने moneybhaskar.com को बताया कि इनकी इमेज को दो तरह से नुकसान हुआ है। आम तौर पर यह माना जाता रहा है कि टॉप लेवल पर प्रोफेशनल मैनेजर्स चोरी नहीं करते हैं। लेकिन अब यह साफ है कि इस लेवल पर भी चोरी होने लगी है। दूसरा इन दोनों सीईओ की जो वीमेन हीरो की इमेज थी। उसे काफी धक्‍का लगा है। यह धारणा थी की अगर कोई महिला शीर्ष स्‍तर पर है तो उसके करप्‍शन में शामिल होने की संभावना पुरुष समकक्षों की तुलना में कम है। लेकिन अब यह धारणा टूटी है और इस मामले में समानता आ गई है। खास कर जो बाकी वीमेन हीरो हैं उनको लेकर अब लोगों की राय बदलेगी। 

 

 

 

पेशेवर दुनिया में सबकुछ नहीं है पेशेवर 

प्राइवे सेक्‍टर बैंको को पेशेवर रैवेये के लिए जाना जाता है। लेकिन चंदा कोचर और शिखा शर्मा पर जिस तरह से सवाल उठे हैं। उससे प्राइवेट सेक्‍टर के बैंकों का पेशेवर रवैया संदेह के दायरे में है। इकोनॉमिस्‍ट पई पनिंदकर ने moneybhaskar.com को बताया कि बिजनेस में गलत तौर तरीकों का इस्‍तेमाल सिर्फ पब्लिक सेक्‍टर बैंकों तक सीमित नहीं है। यह प्राइवेट सेक्‍टर में भी है। हालांकि प्राइवेट सेक्‍टर में यह पब्लिक सेक्‍टर की तुलना में कम है। अगर हाल के घटनाक्रमों को देखें तो इससे पता चलता है कि प्राइवेट सेक्‍टर के बैंक होली काउ नहीं हैं यानी ये बेदाग नहीं हैं।

भारतीय स्‍टेट बैंक के पूर्व सीजीएम सुनील पंत का कहना है कि प्राइवेट बैंक पर अब तक रेगुलेटर या पॉलिसी मेकर्स का उतना फोकस नहीं रहा है जिससे उन की उतनी स्‍क्रुटनी नहीं हो पाई । अब प्राइवेट सेक्‍टर के बैंकों के काम काज की स्‍क्रूटनी हो रही है। आने वाले समय में और कई चीजें सामने आ सकती हैं। 

 

 

अब कॉरपोरेट में भी परिवारवाद 

 

आम तौर पर अबतक परिवार वाद का आरोप राजनीतिक दलों और नेताओं पर गलता रहा है। लेकिन अब कॉरपोरेट की दुनिया भी इससे अछूती नहीं रही है। आईसीआईसीआई बैंक के निवेशक अरविंद गुप्‍ता ने आईसीआईसीआई बैंक द्वारा वीडियोकॉन ग्रुप को दिए गए 3250 करोड़ रुपए के लोन में सीधे-सीधे ग्रुप को फायदा पहुंचाने के लिए मिलीभगत का आरोप लगाया है।

 

उनका आरोप है कि उसके बदले में आईसीआईसीआई बैंक की सीईओ चंदा कोचर के पति दीपक कोचर को वीडियोकॉन ग्रुप ने आर्थिक फायदा पहुंचाया है। ये आरोप कितने गंभीर हैंं,  इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सीबीआई इस मामले की जांच कर रही है ओर चंदा कोचर के पति ओर देवर से भी इस मामले में सीबीआई ने पूछताछ की है। 

 

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दुनिया की 100 सबसे ताकतवर महिलाओं की फोर्ब्‍स की लिस्‍ट में बनाई जगह 

 

आईसीआईसीआई बैंक के सीईओ चंदा कोचर ने पिछले साल यानी 2017 में दुनिया की 100 सबसे ताकतवर महिलाओं की फोर्ब्‍स की लिस्‍ट में जगह थी। फोर्ब्‍स की लिस्‍ट में उनको 32 वां स्‍थान मिला था। इस लिस्‍ट में शीर्ष पर जर्मनी की चांसलर एंगेला मर्केली थी। इसके अलावा फार्च्‍यून मैगजीन ने चंदा कोचर और एक्सिस बैंक की सीईओ शिखा शर्मा को मोस्‍ट पावर फुल वुमेन इन बिजनेस आउटसाट यूएस की लिस्‍ट में शामिल किया था। इस लिस्‍ट में चंदा कोचर को 5 वां स्‍थान मिला था जबकि शिखा शर्मा 22 वें नंबर पर थीं।

 

25 साल में ट्रेनी से CEO बन गईं चंदा कोचर 

 

चंदा कोचर 1984 में आईसीआईसीआई बैंक में मैनेजमेंट ट्रेनी के तौर पर नौकरी ज्‍वाइन की थी। 25 साल बाद यानी 2009 में उसी कंपनी में पहली महिला सीईओ बनीं। 

 

शि‍खा शर्मा की करि‍यर ग्रोथ 
 
शिखा शर्मा ने 1980 में एमबीए
करने के बाद आईसीआईसीआई बैंक जॉइन कि‍या। इस दौरान वे उस टीम का हि‍स्‍सा थीं जो कि  रि‍टेल बि‍जनेस को सेट करने में जुटी थी। 
1992 में डेपुटेशन पर आईसीआईसीआई और जेपी मॉर्गन के जॉइंट वेंचर में काम करने के लि‍ए भेजा गया। 2000 में शि‍खा आईसीआईसीआई प्रू की फाउंडिंग सीईओ बनीं  और 9 साल तक इसकी हेड बनी रहीं। अप्रैल 2009 में शि‍खा शर्मा ने हेड के रूप में एक्‍सि‍स बैंक जॉइन कि‍या। 2012 में उनके कार्यकाल के पहले 3 साल में बैंक के CAGR का 20 फीसदी नेट प्रॉफि‍ट रहा।
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