Utility

24,712 Views
X
Trending News Alerts

ट्रेंडिंग न्यूज़ अलर्ट

ग्लोबल संकेतों से मार्केट में तेजी, सेंसेक्स 129 अंक मजबूत, यस बैंक में 7% की बढ़त फेसबुक को अब तक का सबसे ज्यादा प्रॉफिट, 63% बढ़कर हुआ 32500 करोड़ रु फोर्ड ने भारत में लॉन्‍च की 'Freestyle', शुरुआती कीमत 5.09 लाख Samsung S9 को अलग लेवल का स्मार्टफोन बनाता है उसका कैमरा HDFC बैंक ने FD पर 1% तक बढ़ाई ब्‍याज दर 13 पैसे मजबूत हुआ रुपया, प्रति डॉलर 66.77 पर पहुंचे भाव कमजोर नतीजों से 5% तक टूटा विप्रो का स्टॉक्स, 6 हजार करोड़ रु घटी मार्केट कैप डूबे कर्ज वसूलने के लिए जासूसों की मदद लेगा PNB, 5 मई तक मांगे आवेदन गेहूं खरीद का 64 फीसदी लक्ष्‍य पूरा, अब तक खरीदा 205 लाख टन ग्राहकों के लि‍ए भि‍ड़ीं कंपनि‍यां, हर प्रोडक्‍ट मि‍ल रहा है 40% सस्‍‍‍‍ता फ्लि‍पकार्ट को मि‍ली बड़ी राहत, डि‍स्‍काउंट पर नहीं देना होगा कोई टैक्‍स डीजल-पेट्रोल की कीमतों में हो सकता है 20% का इजाफा : वर्ल्‍ड बैंक गुरुवार के लिए टॉप इंट्राडे टिप्स, इन स्टॉक्स में मिल सकता है अच्छा रिटर्न रेरा के 2 साल: होम बायर्स के काम नहीं आ रहा कानून, रिपोर्ट में खुलासा इन 4 स्टॉक्स पर 1 से ज्यादा ब्रोकरेज ने लगाया दांव, मिल सकता है 30% तक रिटर्न
बिज़नेस न्यूज़ » Personal Finance » Banking » Updateकॉरपोरेट लोन में तय होगा वर्किंग कैपिटल का मिनिमम हिस्‍सा, डिफॉल्‍ट पर लगेगा अंकुश

कॉरपोरेट लोन में तय होगा वर्किंग कैपिटल का मिनिमम हिस्‍सा, डिफॉल्‍ट पर लगेगा अंकुश

नई दिल्‍ली. बैंकों में बढ़ते हुए एनपीए को देखते हुए रिजर्व बैंक ने बैंकों की लोन देने की प्रक्रिया में बदलाव करने की तैयारी कर रहा है। रिजर्व बैंक ने बड़े कॉरपोरेट को दिए जाने वाले लोन में एक मिनिमम हिस्‍सा वर्किंग कैपिटल के तौर पर तय करने का फैसला किया है। इसका मतलब है कि बैंक जब बड़े कॉरपोरट को कारोबार के लिए लोन लेते है तो इसमें वर्किंग कैपिटल का मिनिमम हिस्‍सा तय होगा। कॉरपोरेट को यह हिस्‍सा वर्किंग कैपिटल के तौर पर ही खर्च करना होगा।

 

रिजर्व बैंक ने इस बारे में गाइडलाइंस का मसौदा तैयार किया है जिससे फीडबैक के लिए जल्‍द जारी किया जाएगा। रिजर्व बैंक ने यह प्रस्‍ताव लोन डिफॉल्‍ट के बढ़ते मामलों पर अंकुश लगाने के लिए किया है। 

 

इसका कर्ज लेने वाले कारोबारियों पर क्‍या होगा असर? 

बड़े कॉरपोरट आम तौर पर वर्किंग कैपिटल के अलावा कारोबार बढ़ाने के लिए इस उम्‍मीद में लोन लेते हैं कि आने वाले समय में मांग आएगी तो वे उत्‍पादन बढ़ा कर इसका फायदा  उठा लेंगे। लेकिन कई बार ऐसा होता है कि मांग नहीं आती है। इससे कंपनियों से कारोबारियों को लोन के रिपेमेंट में दिक्‍कत होती है। इससे बैंकों का पैसा फंड जाता है। 

 

अब क्‍या होगा? 

रिजर्व बैंक ने अब लोन में वर्किग कैपिटल का एक न्‍यूनतम हिस्‍सा तय करने का फैसला किया है। इससे जब कोई कंपनी लोन लेगी तो उसे लोन का एक हिस्‍सा वर्किंग कैपिटल पर खर्च करना होगा यानी काम करना होगा। इससे लोन का पैसा कारोबारी एक्टिविटी में लगेगा न कि पूरा पैसा कारोबार को विस्‍तार करने पर खर्च होगा। इससे बैंकों के कर्ज का रीपेमेंट होने की संभावना बढ़ेगी। 

 

और देखने के लिए नीचे की स्लाइड क्लिक करें

Trending

NEXT STORY

Disclaimer:- Money Bhaskar has taken full care in researching and producing content for the portal. However, views expressed here are that of individual analysts. Money Bhaskar does not take responsibility for any gain or loss made on recommendations of analysts. Please consult your financial advisers before investing.