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बैंकों से लोग तेजी से निकाल रहे हैं पैसा, मोदी के लिए खड़ी हो सकती है मुसीबत

राज्यों में विधानसभा चुनाव से पहले मोदी सरकार के लिए नई मुसीबत खड़ी कर सकती हैं।

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नई दिल्ली. राज्यों में विधानसभा चुनाव से पहले मोदी सरकार के लिए नई मुसीबत खड़ी हो सकती हैं। पिछले दो महीने से लोग बैंक से काफी तेजी से पैसा निकाल रहे हैं। इस वजह से सिस्टम में करंसी का सर्कुलेशन काफी तेजी से बढ़ गया है, जिससे आने वाले दिनों में कर्ज और महंगा हो सकता है। जिसका सीधा असर लोगों की बढ़ती ईएमआई और महंगे  कर्ज के रुप में होगा। इस बात की आशंका एसबीआई की एक रिपोर्ट में जताई गई है। पिछले हफ्ते ही एसबीआई, पीएनबी, आईसीआईसीआई जैसे बैंकों ने कर्ज महंगा कर दिया है। साथ ही आरबीआई ने महंगाई  बढ़ने को लेकर अलर्ट किया है।

 
जनवरी-फरवरी में काफी तेजी से निकला पैसा
 
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया  की रिपोर्ट के अनुसार पिछले दो महीने से लोग काफी तेजी से पैसा बैंकों से निकाल रहे हैं। अकेले जनवरी में सिस्टम में करंसी सर्कुलेशन 45 हजार करोड़ रुपए बढ़ गया है। वहीं फरवरी में यह बढ़कर 51 हजार करोड़ रुपए हो गया है। जबिक औसतन करंसी सर्कुलेशन इन दो महीने में 10 हजार करोड़ रुपए से लेकर 20 हजार करोड़ रुपए तक बढ़ता है। रिपोर्ट के  अनुसार अगले कुछ महीनों में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, कर्नाटक जैसे राज्यों में चुनाव होने की वजह से करंसी सर्कुलेशन और बढ़ने की आशंका है। जिसका सीधा असर बैंकों के डिपॉजिट पर पड़ेगा। बैंक अपने डिपॉजिट को रोकने के लिए डिपॉजिट रेट में बढ़ोतरी कर सकते हैं। जिसकी वजह से लोन भी महंगा होगा।
 
डिपॉजिट ग्रोथ गिरकर 5.9 फीसदी पर
 
एसबीआई रिपोर्ट के अनुसार नोटबंदी लागू होने के बाद जिस तरह से बैंकों में डिपॉजिट बढ़ा था, वह अब धीरे-धीरे काफी स्लो हो गया है। नवंबर 2016 में डिपॉजिट ग्रोथ अपने उच्चतम स्तर पर 15.6 फीसदी में पहुंच गई  थी। जो कि अप्रैल 2017 में गिरकर 10.9 फीसदी पर आ गया। जो कि अब फरवरी 2018 में 5.9 फीसदी पर आ गया है। बैंकर सुनील पंत के अनुसार आने वाले समय में ग्रोथ अभी और कम हो सकती है। जिसका सीधा असर बैंकों के डिपॉजिट इंटरेस्ट रेट पर दिखेगा।
 
आरबीआई ने जताया है अलर्ट
 
इसके पहले भारतीय रिजर्व बैंक भी फरवरी में पेश मॉनेटिरी पॉलिसी में महंगाई बढ़ने की आशंका जता चुका है। इसकी वजह से उसने रेपो रेट में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं किया था। उसी के बाद मार्च में बैंकों ने अपने कर्ज महंगा करना शुरू कर दिया था। एसबीआई ने करीब दो साल बाद  इस बार मार्च 2018 में अपने कर्ज महंगा कर दिया है।
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