सुप्रीम कोर्ट के फैसले से प्राइवेट कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले, अब 5000 की जगह 25000 रुपए प्रतिमाह पेंशन

Pension of private sector employee increase many folds after supreme court order: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को EPFO की उस याचिका को खारिज कर दिया, जो उसने केरल हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ दी थी। केरल हाईकोर्ट ने रिटायर हुए सभी कर्मचारियों को उनकी पूरी सैलरी के हिसाब से पेंशन देने का आदेश दिया था। 

Money Bhaskar

Apr 02,2019 01:47:00 PM IST

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले से प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले हो गई है। इस फैसले के साथ ही इस सेक्टर के कर्मचारियों की पेंशन में कई गुना बढ़ोतरी का रास्ता साफ हो गया है। ईटी की एक रिपोर्ट के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को EPFO की उस याचिका को खारिज कर दिया, जो उसने केरल हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ दी थी। केरल हाईकोर्ट ने रिटायर हुए सभी कर्मचारियों को उनकी पूरी सैलरी के हिसाब से पेंशन देने का आदेश दिया था। जबकि, वर्तमान में EPFO 15,000 रुपए वेतन की सीमा के साथ योगदान की गणना करता है। हालांकि, इससे PF फंड कम हो जाएगा, लेकिन ईपीएस में ज्यादा हिस्सा जाने से पेंशन में बढ़ोतरी होने पर यह गैप भर जाएगा।

ईपीएस में अंशदान का है मामला
दरअसल, 1995 में ईपीएस की शुरुआथ की गई थी। तब नियोक्ता कर्मचारी के वेतन का अधिकतम 6500 रुपए सालाना या 541 रुपए मासिक ही ईपीएस में जमा कर सकता था। मार्च 1996 में इस नियम में बदलाव किया गया। इस बदलाव के तहत अगर कोई कर्मचारी फुल सैलरी के हिसाब से स्कीम में योगदान देता है और नियोक्ता भी तैयार है तो कर्मचारी को उसी हिसाब से पेंशन दी जाएगी।

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