Home » Personal Finance » Banking » UpdateNotices sent to those who deposited more than Rs 15 lakh in banks during demonetisation

2 लाख लोगों ने किया संदिग्‍ध कैश ट्राजैक्‍शन, मोदी ने मांगा हिसाब

नोटबंदी के बाद बैंक खाते में 15 लाख या इससे ज्यादा रुपए जमा कराने वालों के लिए बुरी खबर है।

1 of

नई दिल्‍ली। नोटबंदी के दौरान बैंक खाते में 15 लाख या इससे ज्यादा रुपए जमा कराने वालों के लिए बुरी खबर है। दरअसल,  केंद्रीय प्रत्‍यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने नवंबर 2016 में हुई नोटबंदी के बाद बैंक खातों में 15 लाख रुपए से अधिक रकम जमा करने वाले 2 लाख लोगों को नोटिस जारी किया है। CBDT के चेयरमैन सुशील चंद्रा ने इस संबंध में जानकारी दी।

 

1.98 लाख खातों की पहचान

 

उन्‍होंने कहा कि कुछ लोगों द्वारा 15 लाख रुपए से अधिक की राशि ऐसे खातों में जमा की गई है, जिनके लिए रिटर्न भी फाइल नहीं किए गए हैं। हमनें ऐसे 1.98 लाख खातों की पहचान की है। दिसंबर और जनवरी महीने में इन खाता धारकों को नोटिस भेजे गए हैं। हालांकि अभी तक किसी ने भी नोटिस का जवाब नहीं दिया है। इन नोटिस का जवाब न देने पर विभाग द्वारा जुर्माना और मुकदमा चलाने जैसी कार्रवाई की जा सकती है।

 

 

 3,000 मामले तीन माह में दर्ज 
चंद्रा ने आगे बताया कि 3,000 मामले पिछले तीन महीनों में दर्ज किए गए हैं। ये टैक्‍स चोरी, देरी से टैक्‍स जमा करने, इनकम छुपाने जैसे मामले हैं। उन्‍होंने बताया कि डिजिटलीकरण के बढ़ते दायरे को देखते हुए इनकम टैक्‍स विभाग भी ई-स्‍टेटमेंट पर ध्‍यान दे रहा है। 

 

तीन महीने में 60,000 ई-असेसमेंट 


चंद्रा ने बताया कि इस साल हमनें ई-असेसमेंट  को ट्रायल के तौर पर शुरू किया है। तीन महीने में 60,000 ई-असेस्‍मेंट किए जा चुके हैं। आने वाले महीनों में यह आंकड़ा बढ़ने की उम्‍मीद है। ई-असेस्‍मेंट प्रक्रिया ऑनलाइन टैक्‍स फाइल करने और असेसमेंट  की अनुमति देती है, जिससे टैक्‍सपेयर्स को इनकम टैक्‍स कार्यालय जाने की जरूरत नहीं होती।

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट