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2000 रु. तक की डेबिट कार्ड ट्रांजैक्‍शन फीस पर मिलेगी सब्सिडी, कैबिनेट ने मंजूर किया प्रपोजल

डेबिट कार्ड के यूज को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने मर्चेट डिस्‍काउंट चार्ज पर सब्सिडी देने का फैसला किया है।

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नई दिल्‍ली. डेबिट कार्ड के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने शुक्रवार को मर्चेंट डिस्‍काउंट चार्ज (MDR) पर सब्सिडी देने का फैसला किया है। यह सब्सिडी 2,000 रुपए से कम के ट्रांजैक्‍शन पर दी जाएगी। कैबिनेट ने इस बारे में एक प्रपोजल को मंजूरी दी है। दुकानदारों को डेबिट कार्ड ट्रांजैक्‍शन पर एमडीआर देना होता है। 

 

सरकार दो साल तक MDR पर देगी सब्सिडी 

- केंद्र सरकार 1 जनवरी से अगले 2 साल तक डेबिट कार्ड पर एमडीआर चार्ज पर सब्सिडी देगी। यानी अगले दो साल तक यह चार्ज दुकानदार को नहीं देना होगा। इस वजह से बैंकों को जो नुकसान होगा, उसकी भरपाई सरकार करेगी। बैंक स्‍वाइप मशीन पर कैशलेस ट्रांजैक्‍शन के लिए दुकानदारों से MDR चार्ज लेते हैं। MDR पर सब्सिडी कितनी होगी यह सरकार की एक कमेटी तय करेगी। 

 

दो साल में 2512 करोड़ रुपए बैंकों को रीइम्‍बर्स करेगी सरकार 

- एक अनुमान के मुताबिक, केंद्र सरकार अगले दो फाइनेंशियल ईयर में MDR के तौर पर कुल 2512 करोड़ रुपए रीइम्‍बर्स करेगी। 2017-18 में यह रकम 1050 करोड़ रुपए और 2018-19 में 1462 करोड़ रुपए होगी। 

 

रिजर्व बैंक ने MDR रेट में किया है बदलाव 

- रिजर्व बैंक ने पिछले हफ्ते डेबिट कार्ड के लिए MDR रेट में बदलाव किया है। रेट कारोबारियों की कैटेगरी के बेस पर तय किए गए हैं। संगठित क्षेत्र के रिटेलर नए MDR रेट का विरोध कर रहे हैं। 

 

 

कारोबारियों की कैटेगरी के हिसाब से MDR चार्ज

 

#सालाना 20 लाख रु से कम टर्नओवर पर 

- POS (प्‍वाइंट ऑफ सेल्‍स) मशीन से पेमेंट लेने पर अब इन कारोबारियों को बैंकों को हर ट्रांजैक्‍शन पर मैक्सिमम 0.40% MDR ही देना होगा। यह चार्ज प्रति ट्रांजैक्‍शन 200 रुपए से ज्‍यादा नहीं हो सकता है।

- इसी तरह QR के जरिए पेमेंट लेने पर ऐसे कारोबारियों को अब मैक्सिमम 0.30% MDR ही बैंकों को देना होगा, जो प्रति ट्रांजैक्‍शन 200 रुपए से ज्‍यादा नहीं हो सकता है।

 

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# सालाना 20 लाख रु से ज्यादा टर्नओवर पर

- POS मशीन से पेमेंट लेने पर अब ऐसे कारोबारियों को बैंकों को प्रति ट्रांजैक्‍शन मैक्सिमम 0.90% MDR (मर्चेंट डिसकाउंट रेट) ही देना होगा। यह प्रति ट्रांजैक्‍शन 1000 रुपए से ज्‍यादा नहीं हो सकता है।  

- QR के माध्‍यम से पेमेंट लेने पर ऐसे कारोबारियों को बैंकों को अब अधिकतम 0.80 फीसदी MDR ही देना होगा, हालांकि यह प्रति ट्रांजैक्‍शन अधिकतम 1000 रुपए ही हो सकता है।

 

क्या है एमडीआर चार्ज

- MDR वह चार्ज है, जो बैंकों द्वारा डेबिट और क्रेडिट कार्ड सर्विसेज उपलब्ध कराने के एवज में मर्चैंट से वसूला जाता है।

 

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बैंकों के लिए लिया फैसला

- आरबीआई ने कहा कि एमडीआर में बदलाव के दो मकसद डेबिट कार्ड्स के इस्तेमाल को बढ़ावा देना और इससे जुड़ी एंटिटीज के लिए बिजनेस की सस्टेनेबिलिटी निश्चित करना है।

आरबीआई ने भारतीय बैंकों की फॉरेन ब्रांचेज और सब्सिडियरीज को एएए रेटेड कॉर्पोरेट्स के साथ ही नवरत्न और महारत्न पीएसयू के लिए नए ईसीबी जुटाकर एक्सटर्नल कमर्शियल बॉरोइंग्स को रिफाइनेंस करने की मंजूरी देने का फैसला भी लिया।

- इसका मकसद भारतीय बैंकों की फॉरेन ब्रांचेज और सब्सिडियरीज को बिजनेस के लिए बराबरी के मौके देना है। भारतीय कॉर्पोरेट्स को अपने मौजूदा ईसीबी को ही कम कॉस्ट पर रिफाइनेंस करने की ही इजाजत है।

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