Home » Personal Finance » Banking » Updateknow about m visvesvaraya who popular in Karnataka election

राहुल-मोदी के बीच आ गए विश्वेश्वरय्या, भारत को बैंक से लेकर बांध का दिया था तोहफा

कर्नाटक चुनाव की तैयारियां चरम पर हैं।

1 of

नई दिल्‍ली... कर्नाटक चुनाव की तैयारियां चरम पर हैं। राज्‍य की सत्‍ताधारी पार्टी कांग्रेस और बीजेपी, दोनों पार्टियों के नेता एक - दूसरे  पर आक्रामक हो रहे हैं। इस चुनावी जंग में एक ऐसे शख्‍स की चर्चा हो रही है जिनका निधन 1962 में हो गया था। इस शख्‍स का नाम एम विश्वेश्वरय्या है। अब सवाल ये उठता है कि एम विश्वेश्वरय्या आखिर थे कौन और इनकी चर्चा कर्नाटक चुनाव में क्‍यों हो रही है ? आज हम आपको इस रिपोर्ट में एम विश्वेश्वरय्या के बारे में विस्‍तार से बताते हैं। 

 

जानिए कौन है एम विश्वेश्वरय्या 

 

सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरय्या देश के बड़े इंजीनियर और जानकार रहे हैं। भारत में उनका जन्मदिन, 15 सितंबर अभियन्ता दिवस (इंजीनियर्स डे) के रूप में मनाया जाता है। वह मैसूर के 19वें दीवान थे जिनका कार्यकाल साल 1912 से 1918 के बीच रहा। उन्हें न सिर्फ़ 1955 में भारत रत्न की उपाधि से सम्मानित किया गया बल्कि सार्वजनिक जीवन में योगदान के लिए किंग जॉर्ज पंचम ने उन्हें ब्रिटिश इंडियन एम्पायर के नाइट कमांडर से भी नवाजा। 

 

बांध से लेकर बैंक तक बनवाया 

 

विश्वेश्वरय्या मांड्या जिले में बने कृष्णा राजा सागर बांध के निर्माण के मुख्य स्तंभ माने जाते हैं और उन्होंने हैदराबाद शहर को बाढ़ से बचने का सिस्टम भी दिया। दक्षिण भारत के मैसूर को एक विकसित और समृद्धशाली इलाक़ा बनाने में उनकी अहम भूमिका रही है। तब कृष्ण राज सागर बांध, भद्रावती आयरन एंड स्टील व‌र्क्स, मैसूर संदल ऑयल एंड सोप फैक्टरी, मैसूर विश्वविद्यालय, बैंक ऑफ मैसूर समेत संस्थान उनकी कोशिशों का नतीजा हैं। इन्हें कर्नाटक का भगीरथ भी कहा जाता है। वो 32 साल के थे, जब उन्होंने सिंधु नदी से सुक्कुर कस्बे को पानी भेजने का प्लान तैयार किया, जो सभी इंजीनियरों को पसंद आया। आगे पढ़े - अभी क्‍यों चर्चा में हैं एम विश्वेश्वरय्या 

 

 

 

ब्रिटिश अफसरों ने भी की थी तारीफ 
सरकार ने सिंचाई व्यवस्था दुरुस्त बनाने के लिए एक समिति बनाई जिसके तहत उन्होंने एक नया ब्लॉक सिस्टम बनाया। उन्होंने स्टील के दरवाजे बनाए जो बांध से पानी के बहाव को रोकने में मदद करता था। इस सिस्टम की तारीफ़ ब्रिटिश अफ़सरों ने भी की। विश्वेश्वरय्या ने मूसा और इसा नामक दो नदियों के पानी को बांधने के लिए भी प्लान बनाया। इसके बाद उन्हें मैसूर का चीफ इंजीनियर नियुक्त किया गया।  


अभी क्‍यों चर्चा में हैं एम विश्वेश्वरय्या 

 

दरअसल, कर्नाटक के चुनाव प्रचार के दौरान राहुल गांधी 25 मार्च को मैसूर में एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे।  इस दौरान उन्‍होंने मैसूर में ही जन्‍में महान इंजीनियर एम विश्वसरैया का जिक्र लिया। लेकिन एम विश्वसरैया का नाम वह सहजता से लेते हुए नहीं दिख रहे थे। वह इसे बार-बार अलग-अलग उच्चारण कर रहे थे।


पीएम मोदी ने कसा था तंज  

 

राहुल गांधी का यह वीडियो खूब वायरल हुआ और लोगों ने मजाक उड़ाना शुरू कर दिया। इसी कड़ी में पीएम मोदी ने भी राहुल गांधी पर तंज कसा। उन्‍होंने अपने चुनाव अभियान के पहले दिन ही ने राहुल के इस उच्चारण को पकड़ा और यह नाम बोलने का चैलेंज दे दिया। 

 

 

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट