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इन बैंकों ने नहीं की PNB जैसी गलतियां, कमा लिए हजारो करोड़

आजकल पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) 11,500 करोड़ रुपए के फ्रॉड को लेकर चर्चा में है।

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नई दिल्‍ली। आजकल पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) 11,500 करोड़ रुपए के फ्रॉड को लेकर चर्चा में है। पंजाब नेशनल बैंक सहित पांच टॉप पीएसयू बैंकों का प्रॉफिट के मोर्च पर इस साल प्रदर्शन पिछले 10 सालों में खराब रहा है। वहीं देश में निजी क्षेत्र के टॉप 4 बैंकों एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक और महिंद्रा कोटक बैंक का पिछले 10 साल में औसत प्रॉफिट 574 फीसदी बढ़ा है। अगर पिछले 10 साल के आंकड़ों पर नजर डाले तो इन चार बैंकों का प्रॉफिट लगातार बढ़ा है। 2016-17 में इन बैंकों ने हजारों करोड़ रुपए का मुनाफा कमाया है। 

 

प्राइवेट सेक्‍टर के बैंकों के नहीं की पीएनबी जैसी गलतियां 

 

देश में प्राइवेट सेक्‍टर के टॉप 4 बैंकों का हजारों करोड़ रुपए कमाने की वजह यह है कि उन्‍होंने पीएनबी सहित टॉप पीएसयू बैंकों जैसी गलतियां नहीं। उन्‍होंने लोन देने पहले रिस्‍क असेसमेट के प्रॉसेस को सही तरीके फॉलों किया। लोन की रिपेमेंट को लेकर फॉलो अप प्रॉसेस पर जोर दिया। इसके अलावा प्राइवेट सेक्‍टर के बैंकों में चेक प्‍वाइंट ज्‍यादा मजबूत हैं जिसकी वजह से इन बैंकों में पीएनबी फ्रॉड जैसे मामले होने की गुंजाइश बहुत कम है। 

 प्राइवेट बैंकों का क्‍यों बढ़ा प्रॉफिट?  

 - रिस्‍क असेसमेंट का प्रॉसेस मजबूत होना 
 -  लोन रिपेमेंट के लिए फॉलोअप प्रॉसेस बेहतर  
 -  रिटेल सेक्‍टर को लेंडिंग पर फोकस 
 -  लोन के अगेंस्‍ट सिक्‍योरिटी पर जोर   

 

- पिछले 10 सालों में प्राइवेट सेक्‍टर के बैंकों ने प्रॉफिट के मामले में शानदार प्रदर्शन किया है। प्राइवेट सेक्‍टर के चार बड़े बैंक एचडीएफसी, आईसीआईसीआई, एक्सिस और कोटक महिंद्रा की बीते 10 साल में एवरेज प्रॉफिट ग्रोथ 574 फीसदी रही है।

- पई पनिन्‍दकर का कहना है कि प्राइवेट सेक्‍टर के बैंकों में रिस्‍क असेसमेंट सिस्‍टम ज्‍यादा मजबूत है। इसके अलावा इन बैंकों में चेक्‍स भी ज्‍यादा हैं। ऐसे में गलत लोन होने की गुंजाइश बहुत कम है।

- वहीं, पंजाब एंड सिंध बैंक के एक पूर्व अफसर का कहना है कि प्राइवेट सेक्‍टर के बैंकों ने रिटेल लेंडिंग पर ज्‍यादा फोकस किया। इसकी वजह से उनका एनपीए कम है। इसके अलावा प्राइवेट बैंकों में रिस्‍क असेसमेंट और लोन के फॉलोअप का सिस्‍टम ज्‍यादा बेहतर है। 

 

 

 

 

 

प्राइवेट सेक्‍टर के टॉप 4 बैंकों का 5 गुना तक बढ़ा मुनाफा 

 

एचडीएफसी बैंक 

बैंक  फाइनेंशियल ईयर नेट प्रॉफिट (करोड़ में)
एचडीएफसी बैंक  2016-17  15,287.41
  2015-16 12,817.33
  2014-15  10,700.05
  2013-14 8,764.51
  2012-13 6,900.20
  2011-12 5,273.40
  2010-11 4,017.69
  2009-10 3,032.92
  2008-09 2,252.13
  2007-08 1,592.21
 

आईसीआईसीआई बैंक 

बैंक  फाइनेंशियल ईयर नेट प्रॉफिट (करोड़ में)
आईसीआईसीआई बैंक  2016-17  11,340.33
  2015-16 10,925.89
  2014-15  12,942.30
  2013-14 11,677.12
  2012-13 10,129.88
  2011-12 7,937.64
  2010-11 6,318.19
  2009-10 4,843.41
  2008-09 3,379.42
  2007-08 3,115.27
एक्सिस बैंक 
बैंक  फाइनेंशियल ईयर नेट प्रॉफिट (करोड़ में)
एक्सिस बैंक 2016-17  3,967.03
  2015-16 8,357.59
  2014-15  7,448.48
  2013-14 6,309.17
  2012-13 5,233.79
  2011-12 4,218.51
  2010-11 3,344.68
  2009-10 2,478.14
  2008-09 1,812.93
  2007-08 1,059.14
कोटक महिंद्रा बैंक 
बैंक  फाइनेंशियल ईयर नेट प्रॉफिट (करोड़ में)
कोटक महिंद्रा बैंक  2016-17  4,949.08
  2015-16 3,431.12
  2014-15  3,065.06
  2013-14 2,512.54
  2012-13 2,204.21
  2011-12 1,832.23
  2010-11 1,569.23
  2009-10 1,327.36
  2008-09 652.67
  2007-08 958.72
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