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इंटरेस्‍ट इनकम पर टैक्‍स छूट की लिमिट में इजाफा चाहती है इंडस्‍ट्री, फाइनेंस मिनिस्‍ट्री पर नजर

बैकिंग इंडस्‍ट्री ने आगामी बजट में बैंक इंटरेस्‍ट इनकम पर टैक्‍स छूट की मौजूदा लिमिट को बढ़ाने की मांग की है।

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नई दिल्‍ली। बैकिंग इंडस्‍ट्री ने आगामी बजट में बैंक इंटरेस्‍ट इनकम पर टैक्‍स छूट की मौजूदा लिमिट को बढ़ाने की मांग की है। मौजूदा समय में बैंक इंटरेस्‍ट इनकम पर टैक्‍स छूट की लिमिट 10,000 रुपए है। इंडस्‍ट्री का कहना है कि यह लिमिट 1997 में तय की गई थी और मौजूदा समय के लिहाज से यह काफी कम है। अगर सरकार बैंक इंटरेस्‍ट इनकम पर टैक्‍स छूट की लिमिट बढ़ा देती है तो इससे बैंक कस्‍टमर के हाथ में बैंक इंटरेस्‍ट के तौर पर ज्‍यादा पैसा आएगा। 

 

प्री बजट मीटिंग में बैंकिंग इंडस्‍ट्री ने रखी मांग 

 

सूत्रों के मुताबिक हाल में वित्‍त मंत्रालय में प्री बजट मीटिंग में बैंकों ओर फाइनेंसियल इंस्‍टीट्यूशन ने सरकार के समझ यह मांग रखी है। इंडस्‍ट्री का मानना है कि बैंक इंटरेस्‍ट इनकम पर कस्‍टमर को राहत दी जानी चाहिए। 

 

टर्म लाइफ इन्‍श्‍योरेंस पर मिले अलग से टैक्‍स छूट 

 

प्री बजट मीटिंग में बीमा कंपनियों के प्रतिनिधियों ने मांग की है कि टर्म लाइफ इन्‍श्‍योरेंस पर अलग से टैक्‍स छूट मिलनी चाहिए। मौजूदा समय में इनकम टैक्‍स एक्‍ट के सेक्‍शन 80 सी के तहत अधिकतम 1.5 लाख रुपए पर टैक्‍स छूट क्‍लेम की जा सकती है। टर्म लाइफ इन्‍श्‍योरेंस प्रीमियम भी इसमें शामिल है। इंडस्‍ट्री का कहना है कि ज्‍यादा से ज्‍यादा लोगों को टर्म इन्‍श्‍योरेंस खरीदने के लिए प्रोत्‍साहित करने के लिए टर्म इन्‍श्‍योरेंस प्रीमियम पर अलग से टैक्‍स छूट दी जानी चाहिए। टर्म प्‍लान कम प्रीमियम में पर्याप्‍त लाइफ कवर मुहैया कराता है। 

 

यूपीआई को बढ़ावा देने की मांग 

 

बैंकिंग इंडस्‍ट्री ने यूनिक पेमेंट इंटरफेस यानी यूपीआई को बढ़ावा देने की भी मांग की है। बैकिंग इंडस्‍ट्री यूपीआई को पीओएस मशीन का बेहतर विकल्‍प मान रही है। इंडस्‍ट्रेी का मानना है कि निकट भविष्‍य में ज्‍यादा से ज्‍यादा लोग स्‍मार्टफोन के जरिए इंटरनेट से जुड़े होंगे। ऐसे में यूपीआई को बढ़ावा देने की जरूरत है। यह पीओएस मशीन की तुलना में काफी सस्‍ता है और इसके रखरखाव पर भी ओपीएस की तुलना में बहुत कम खर्च आता है। 

 

 

 

 

 

 

 

 

टर्म लाइफ इन्‍श्‍योरेंस पर मिले अलग से टैक्‍स छूट 

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