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सब्सिडी अकाउंट बदलने के लिए बैंक को कस्‍टमर से लेनी होगी मंजूरी, UIDAI का निर्देश

बैंकों को अब सब्सिडी वाला अकाउंट बदलने के लिए कस्‍टमर की मंजूरी लेनी होगी।

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नई दिल्‍ली. बैंकों को अब सब्सिडी वाला अकाउंट बदलने के लिए कस्‍टमर की मंजूरी लेनी होगी। इसके अलावा बैंकों को इस बदलाव के बारे में लाभार्थी को 24 घंटे के अंदर एसएमएस या ईमेल के जरिए जानकारी देनी होगी। साथ ही लाभार्थी के पास यह विकल्‍प होगा कि इस बदलाव को रिवर्स कर सके। आधार जारी करने वाली संस्‍था यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने एक गजट नोटि‍फिकेशन में यह निर्देश जारी किए हैं। 

 

क्‍या होगा नया प्रॉसेस 

 

नए प्रॉसेस के तहत अब बैंक नए अकाउंट की मैपिंग या मौजूदा बैंक अकाउंट की जगह पर नया अकाउंट जोड़ने की रिक्‍वेस्‍ट अपने कस्‍टमर की मंजूरी लेने के बाद ही कर सकता है। इसके अलावा अब बैंक को अब नए बैंक अकाउंट में सब्सिडी जारी करने की रिक्‍वेस्‍ट के बारे में हर एक अकाउंट होल्‍डर को 24 घंटे के अंदर एसएमएस और ईमेल के जरिए जानकारी देनी होगी। अगर कोई कस्‍टमर नए अकाउंट में सब्सिडी नहीं चाहता है तो बैंक को यह विकल्‍प देना होगा कि वह नए अकाउंट की मैपिंग को रिवर्स कर सके। 

 


पेपर पर लेना होगा सिग्‍नेचर 

 

ऐसे कस्‍टमर जिनके पास ईमेल या मोबाइल नहीं है उनसे बैंक को मंजूरी के लिए पेपर पर हस्‍ताक्षर कराना होगा। इसके बाद बैंक एनपीसीआई के पास नए अकाउंट में सब्सिडी के लिए रिक्‍वेस्‍ट भेज पाएगा। बैंकों को ये सभी रिकॉर्ड 7 साल तक मेंटेन करना होगा। 

 

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केंद्र सरकार ने क्‍यों जारी किए निर्देश 

 

केंद्र सरकार ने यह नोटिफिकेशन ऐसी शिकायतों के बाद जारी किया है, जिनमें कहा गया है कि सरकार की सब्सिडी खास कर एलपीजी सब्सिडी लाभार्थी के आधार से जुड़े लास्‍ट बैंक  अकांट में जारी की जा रही है। जैसे अगर किसी के बैंक अकाउंट में एलपीजी सब्सिडी आ रही है और अगर उसने नया बैंक अकाउंट खुलवाया और उसे आधार से लिंक करा दिया तो लाभार्थी  की जानकारी के बिना सब्सिडी नए बैंक अकाउंट में जाने लगी। 

इसी तरह का मामला भारती एयरटेल के केस में सामने आया है। भारती एयरटेल पर आरोप है कि उसने अपने सिम को आधार से वेरीफाई कराने के लिए आने वाले कस्‍टमर का पेमेंट बैंक अकाउंट उसकी मंजूरी के बिना खोल दिया। और सब्सिडी पेमेंट बैंक के अकाउंट में जाने लगी। इस तरह से कस्‍टमर की मंजूरी के बिना खोले गए पेमेंट बैंक अकाउंट में कुल 190 करोड़ रुपए सब्सिडी के तौर पर पहुंच गए। इसके साथ उन लाभार्थियों का सब्सिडी वाला अकाउंट भी बदल गया जिनका पेमेंट बैंक में अकाउंट खुला था। केंद्र सरकार ने सभी बैंक अकाउंट और मोबाइल सिम को आधार से लिंक करना जरूरी कर दिया है। 

 

 

नए नियम लागू होने तक नए बैंक अकाउंट में नहीं जाएगी सब्सिडी 

 

यूआईडीएआई ने नोटिफिकेशन में कहा है कि नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया सब्सिडी वाले अकाउंट में बदलाव या इस बदलाव को रिवर्स करने की अनुमति तभी देगा जब इसके लिए रिक्‍वेस्‍ट के साथ लाभार्थी के मौजूदा बैंक का नाम और इस बात की पुष्टि होगी कि बदलाव के लिए लाभार्थी की मंजूरी ली गई है। जब तक इस प्रोविजन को लागू किया जाता है तब तक आधार से लिंक नए बैंक अकाउंट में सरकारी सब्सिडी नहीं जाएगी। 

 

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