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हैकर्स के निशाने पर ATM, इस बात का है डर

मोदी सरकार जहां डिजिटल इंडिया मुहिम बनाने में जुटी है वहीं दूसरी ओर दुनिया भर में साइबर हैकिंग की वजह से परेशानियां बढ़

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नई दिल्‍ली... एक तरफ मोदी सरकार जहां डिजिटल इंडिया मुहिम बनाने में जुटी है वहीं दूसरी ओर भारत समेत दुनिया भर में साइबर हैकिंग की वजह से परेशानियां बढ़ रही हैं। इस बार हैकर्स के निशाने पर  दुनियाभर के ATM मशीन हैं। जी हां, रायटर्स के मुताबिक यूएस सीक्रेट सर्विस ने अमेरिका के बैंकों को इस संबंध में अलर्ट भी जारी कर दिया है। अमेरिका को सचेत करते हुए यूएस सीक्रेट सर्विस ने कहा है कि  पहले भी कई देशों में हैकर्स के निशाने पर ATM रहे हैं और आगे भी यह सिलसिला जारी रह सकता है। 


क्‍या कहा गया है अलर्ट में 


इस सीक्रेट अलर्ट जारी किया है जिसमें कहा गया है कि स्टोर्स और फार्मेसी जैसी जगहों पर लगे एटीएम को हैकर्स टारगेट कर सकते हैं। यूएस सीक्रेट सर्विस का कहना है कि पहले भी कई देशों में ऐसे एटीएम पर हैकर्स के हमले हुए हैं। 

 

ATM बनाने वाली कंपनियों की भी चेतावनी 


एटीएम बनाने वाली दुनिया की सबसे बड़ी 2 कंपनियों डीबोल्ड निक्सडॉर्फ और एनसीआर ने भी इस संबंध में चेतावनी दी है। इन कंपनियों ने कहा है कि साइबर क्रिमिनल अमेरिका की कैश मशीनों को टारगेट कर रहे हैं। इसके लिए हैकर्स एक टूल का इस्तेमाल करते हैं जिसे 'जैकपॉटिंग' कहा जाता है और इसके जरिए मशीन से कैश निकलने लगता है। हालांकि दोनों ही कंपनियों ने यह नहीं बताया है कि कितने लोग इसके शिकार हुए हैं और कितना पैसा हैकर्स ने इस तरीके से निकाल लिया है। लेकिन यह जरुर कहा है कि दुनिया के अन्‍य देशों को भी इससे सचेत रहना चाहिए।  आगे भी पढ़ें - 

 

कई देशों में आ चुके हैं मामले 


हालिया सालों में दुनिया के कई देशों में जैकपॉटिंग के मामले देखने को मिले हैं। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि इसके जरिए कितना कैश लगाया गया है क्योंकि अक्सर विक्टिम और पुलिस इस बारे में जानकारी नहीं देते हैं। बता दें कि शनिवार को सिक्यॉरिटी न्यूज वेबसाइट क्रेब्स ने हैकर्स के ऐसे हमलों के बारे में रिपोर्ट किया था जिसमें कहा गया था कि ऐसे हमले पिछले साल मेक्सिको में हुए थे। 

 

पूरी ATM इंडस्ट्री पर खतरा

 

एटीएम बनाने वाली कंपनी एनसीआर ने अलर्ट जारी करते हुए कहा कि अमेरिका में जैकपॉटिंग की घटनाओं को रिपोर्ट किया गया था। कंपनी ने कहा है कि उनके उपकरणों पर टारगेट नहीं किया गया है लेकिन हालिया हमलों के बाद पूरी एटीएम इंडस्ट्री पर यह खतरा मंडरा रहा है। 
रूस की साइबर सिक्यॉरिटी फर्म ग्रुप आईबी ने भी बताया है कि साइबर क्रिमिनल्स दूर बैठकर कैश मशीन को टारगेट कर रहे हैं और पूरे यूरोप में साल 2016 में ऐसे दर्जनों मामले सामने आए हैं। पूर्व में ऐसे हमले थाईलैंड और ताइवान में भी रिपोर्ट किए गए हैं। 

 

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