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ये लोग फाइल नहीं करेंगे इनकम टैक्‍स रिटर्न तो सरकार चलाएगी मुकदमा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में लगातार ब्‍लैकमनी के खिलाफ कई बड़े फैसले लिए जा रहे हैं।

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नई दिल्‍ली.... प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में लगातार ब्‍लैकमनी के खिलाफ कई बड़े फैसले लिए जा रहे हैं। इसी कड़ी में सरकार ने एक और कड़ा फैसला लिया है। इसके तहत इनकम टैक्‍स रिटर्न न फाइल करने वाली शेल कंपनियों पर केस दर्ज किया जाएगा। 


क्‍या है प्रपोजल 
शेल कंपनियों पर कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए अगले फाइनेंशियल ईयर से 3,000 रुपए तक की टैक्‍स लायबिलिटी वाली कंपनियों के लिए उपलब्ध छूट को हटाने का प्रस्ताव किया है। फाइनेंशियल ईयर 2018-19 के बजट में रिटर्न दाखिल करने में विफल रहने के मामले में मुकदमा से संबंधित आयकर कानून के प्रावधान को युक्तिसंगत बनाया गया है। 1 अप्रैल से शुरू हो रहे फाइनेंशियल ईयर के लिए आईटी रिटर्न फाइल करने में किसी प्रकार की चूक को लेकर उस अवधि के दौरान कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्‍टर या अन्‍य के खिलाफ केस चलाया जा सकता है।

 

करीब 12 लाख कंपनियां सक्रिय 
फाइनेंस मिनिस्‍ट्री के एक सीनियर अधिकारी ने कहा, ‘आईटी डिपार्टमेंट इन कंपनियों के इन्‍वेस्‍टमेंट पर गौर करेगा। साथ ही अब उन कंपनियों पर ध्यान दिया जाएगा जो कम प्रॉफिट दिखाते हैं और उन पर भी जो पहली बार आयकर रिटर्न भरते हैं।’ देश में करीब 12 लाख सक्रिय कंपनियां हैं। इसमें से करीब 7 लाख सालाना ऑडिट रिपोर्ट के साथ अपना रिटर्न कारपोरेट कार्य मंत्रालय के पास जमा करती हैं। इसमें करीब 3 लाख कंपनियां जीरो इनकम दिखाती हैं। 
 

पहले क्‍या था नियम 
इनकम टैक्‍स एक्‍ट के सेक्‍शन 276CC के तहत अगर कोई व्यक्ति निर्धारित समय में आईटीआर दाखिल करने में नाकाम रहता है तो उस पर जेल की सजा के साथ जुर्माना लगाया जा सकता है। अब तक के नियमों के अनुसार अगर टैक्‍स लायबिलिटी 3,000 रुपए  से अधिक नहीं है तो कोई भी मुकदमा शुरू नहीं किया जा सकता था। सरकार ने इस प्रावधान में 1 अप्रैल 2018 से प्रभावी संशोधन किया है और कंपनियों के लिए उपलब्ध छूट समाप्त कर दी है। अधिकारी ने कहा कि 5 लाख कंपनियां रिटर्न फाइल नहीं कर रही और वे मनी लांड्रिंग का संभावित स्रोत हो सकती हैं।

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