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डीजल पेट्रोल की कीमतें एमपीसी की बैठक में बनेगी बड़ा मुद्दा, RBI की मीटिंग 4 जून से

देश में डीजल पेट्रोल की बढ़ती कीमतें रिजर्व बैंक की आगामी मॉनिटरी पॉलिसी मीटिंग में अहम मुद्दा होगी।

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मुंबई। देश में डीजल पेट्रोल की बढ़ती कीमतें रिजर्व बैंक की आगामी मॉनिटरी पॉलिसी मीटिंग में अहम मुद्दा होगी। रिजर्व बैंक की मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी की तीन दिवसीय बैठक 4 जून को शुरू होगी। यह पहली बार होगा जब एमपीसी की बैठक तीन दिन तक चलेगी। आम तौर पर एमपीसी हर दो माह पर मिलती है और 2 दिन की बैठक के बाद मॉनिटरी पॉलिसी की घोषणा करती है। 

 

खुदरा महंगाई पर विचार करेगी एमपीसी 

 

एमपीसी बैठक के दौरान खुदरा महंगाई पर चर्चा करेगी। अप्रैल में खुदरा महंगाई बढ़ कर 3.18 फीसदी हो गई है। यह पिछले चार माह में सबसे अधिक है। खुदरा महंगाई में इजाफा पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ने की वजह से हुआ है। रिजर्व बैंक आम तौर पर नीतिगत दरों पर फैसला करते समय कंज्‍यूमर प्राइस इंडेक्‍स पर आधारित खुदरा महंगाई पर विचार करता है। घरेलू बाजार में पेट्रोल ओर डीजल की कीमतें रिकॉर्ड स्‍तर पर हैं। पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ने से महंगाई भड़कने का खतरा पैदा हो गया है। 

 

रिजर्व बैंक ने नीतिगत दरों में इजाफा करने का दिया था संकेत 

 

4-5 अप्रैल को हुई एमपीसी की बैठक में रिजर्व बैंक के डिप्‍टी गवर्नर विरल आचार्य ने निवेश की गतिविधियों में रिवाइवल और कैपेसिटी यूटिलाइजेशन में सुधार होने का हवाला देते हुए मॉनिटरी पॉलिसी पर रवैया बदलने का संकेत दिया था। उनका कहना था कि अगर महंगाई बढ़ती है तो इस पर जरूरी कदम उठाए जाएंगे। इसके लिए नीतिगत दरों में इजाफा भी किया जा सकता है। 

 

पिछली बैठक में दरों में नहीं हुआ था बदलाव 

 

अप्रैल में मॉनिटरी पॉलिसी की बैठक में नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया था। एमपीसी ने इसके लिए महंगाई बढ़ने के खतरे की बात कही थी। 

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