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कैशलेस ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड लेवल पर, पहली बार 100 करोड़ पार कर सकता है आंकड़ा

देश में पहली बार 100 करोड़ कैशलेस ट्रांजैक्शन का आंकड़ा पार हो सकता है।

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नई दिल्ली। देश में पहली बार 100 करोड़ कैशलेस ट्रांजैक्शन का आंकड़ा पार हो सकता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि केंद्र सरकार ने 2000 रुपए तक के डेबिट कार्ड ट्रांजैक्शन पर एमडीआर चार्ज पर सब्सिडी देने का फैसला कर लिया है। जिसकी वजह से दिसंबर में देश में कैशलेस ट्रांजैक्शन को बड़ा बूस्ट मिल सकता है। जिसका फायदा बढ़े ट्रांजैक्शन के रुप में मिलेगा।

 

नवंबर में ऑलटाइम पर पहुंच चुका है ट्रांजैक्शन

एक महीने में 100 करोड़ ट्रांजैक्शन का आंकड़ा पहुंचने की उम्मीद इसलिए भी बढ़ गई है, किन नवंबर में कैशलेस ट्रांजैक्शन पहले से ही ऑलटाइम हाई पर पहुंच गया है। नवंबर महीने में देश में 99.4 करोड़ ट्रांजैक्शन एक महीने के भीतर हुए हैं।

 

नोटबंदी के बाद तेजी से बढ़ा ट्रांजैक्शन

नोटबंदी के बाद जिस तरह से सरकार ने कैशलेस ट्रांजैक्शन को बढ़ावा दिया है, उसकी वजह से कैशलेस ट्रांजैक्शन लगातार बढ़ता गया है। नवंबर 2016 में जहां देश में 67 करोड़ हर महीने कैशलेस ट्रांजैक्शन होते थे, वह एक साल में 99.4 करोड़ पर पहुंच गया है।

महीना

कैशलेस ट्रांजैक्शन

नवंबर

99.4 करोड़

अक्टूबर

96.7 करोड़

सितंबर

87.7 करोड़

अगस्त

88.3 करोड़

जुलाई

86.1 करोड़

जून

84.4 करोड़

मई

85.8 करोड़

 

कारोबारियों की कैटेगरी के हिसाब से देना पड़ता है MDR चार्ज

 

MDR वह चार्ज है, जो बैंकों द्वारा डेबिट और क्रेडिट कार्ड सर्विसेज उपलब्ध कराने के एवज में मर्चैंट से वसूला जाता है। अब सरकार इसी के तहत 2 हजार रुपए तक के डेबिट कार्ड ट्रांजैक्शन पर एमडीआर पर सब्सिडी देगी। जिससे कारोबारियों के उपर बोझ नहीं पड़ेगा।

 

ऐसे लगता है MDR चार्ज

20 लाख से कम से टर्नओवर पर चार्ज

POS (प्‍वाइंट ऑफ सेल्‍स) मशीन से पेमेंट लेने पर अब इस कैटेगरी के कारोबारियों को हर ट्रांजैक्‍शन पर बैंकों मैक्सिमम 0.40% MDR ही देना होगा। यह चार्ज प्रति ट्रांजैक्‍शन 200 रुपए से ज्‍यादा नहीं हो सकता है। इसी तरह QR के जरिए पेमेंट लेने पर ऐसे कारोबारियों को अब मैक्सिमम0.30% MDR ही बैंकों को देना होगा, जो प्रति ट्रांजैक्‍शन 200 रुपए से ज्‍यादा नहीं हो सकता है।

 

 

सालाना 20 लाख रु से ज्यादा टर्नओवर पर

-POS मशीन से पेमेंट लेने पर अब ऐसे कारोबारियों को बैंकों को प्रति ट्रांजैक्‍शन मैक्सिमम 0.90% MDR (मर्चेंट डिसकाउंट रेट) ही देना होगा। यह प्रति ट्रांजैक्‍शन 1000 रुपए से ज्‍यादा नहीं हो सकता है।  QR के माध्‍यम से पेमेंट लेने पर ऐसे कारोबारियों को बैंकों को अब अधिकतम 0.80फीसदी MDR ही देना होगा, हालांकि यह प्रति ट्रांजैक्‍शन अधिकतम 1000 रुपए ही हो सकता है।

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