पति-पत्‍नी‍ यूज नहीं कर सकते एक-दूसरे का ATM, बैंक ने दि‍या 25000 का झटका

आमतौर पर लोग अपना एटीएम कार्ड अपनी पत्‍नी, पति, बच्‍चों या करीबी दोस्‍तों से शेयर कर लेते हैं, लेकि‍न कानूनन देखा जाए तो यह गलत है। बैंक जब ये कहता है कि‍ आपका एटीमए कार्ड को पि‍न नंबर नॉन ट्रांसफरेबल है तो इसके क्‍या मायने होते हैं ये बंगलुरु के एक कपल को 25 हजार रुपए के नुकसान के बाद समझ आया। यह ऐसा केस है जो एक नजीर बन गया है।

Moneybhaskar

Jun 08,2018 09:10:00 AM IST

नई दि‍ल्‍ली। आमतौर पर लोग अपना एटीएम कार्ड अपनी पत्‍नी, पति, बच्‍चों या करीबी दोस्‍तों से शेयर कर लेते हैं, लेकि‍न कानूनन देखा जाए तो यह गलत है। बैंक जब ये कहता है कि‍ आपका एटीमए कार्ड को पि‍न नंबर नॉन ट्रांसफरेबल है तो इसके क्‍या मायने होते हैं ये बंगलुरु के एक कपल को 25 हजार रुपए के नुकसान के बाद समझ आया। यह ऐसा केस है जो एक नजीर बन गया है।


क्या था मामला
बेंगलुरू के मराठाहल्ली में रहने वालीं वंदना ने 14 नवंबर 2013 को अपने पति राजेश को अपना ATM कार्ड दिया और पिन शेयर किया। वंदना मैटर्निटी लीव पर चल रही थीं। इसलिए उन्होंने हसबेंड को अपने अकाउंट से पैसे निकालने के लिए भेजा था। राजेश ने ATM में कार्ड स्वाइप किया। पूरा प्रॉसेस होने के बाद उन्हें पैसा निकलने की पर्ची मिल गई लेकिन पैसा मशीन से नहीं निकला। राजेश ने एसबीआई के कॉल सेंटर पर फोन पर घटना की जानकारी भी दे दी।


जब 24 घंटे बाद भी पैसा रिफंड नहीं आया तो राजेश ने एसबीआई की ब्रांच में जाकर शिकायत की। एसबीआई ने उनकी दलीलों को नहीं माना। राजेश ने एटीएम के सीसीटीवी फुटेज बैंक को दिखाए। इसमें दिख रहा है कि मशीन से पैसे नहीं निकले। फुटेज देखने के लिए बैंक की जांच समिति ने तर्क दिया कि फुटेज में अकाउंट होल्डर वंदना नहीं दिख रही हैं, बल्कि उनकी जगह कोई दूसरा व्यक्ति पैसे निकाल रहा है। बैंक ने तर्क दिया कि पिन साझा किया गया, इसलिए केस बंद।


पीड़िता ने उपभोक्ता फोरम में भी अपील की लेकिन साढ़े तीन साल चले केस में कोर्ट ने बैंक की बात को सही माना। बैंक ने अपने नियमों का हवाला देते हुए कहा कि किसी भी दूसरे के साथ पिन नंबर शेयर करना नियमों का उल्लंघन है। कोर्ट ने कहा कि वंदना खुद नहीं जा सकती थीं तो उन्हें सेल्फ चेक या फिर अधिकार पत्र देकर पति को पैसा निकालने के लिए भेजना चाहिए था।

हर एटीएम यूजर्स को इन बातों को रखना चाहिए ध्यान
- एटीएम कार्ड का नंबर भी किसी के साथ शेयर न करें।
- एटीएम से पैसे निकालते वक्त मशीन पर भी ध्यान दें। कई बार मशीन में डिवाइस लगाकर क्लोन तैयार कर लिया जाता है और अकाउंट होल्डर को इसकी जानकारी तक नहीं होती। कार्ड स्वैप करने वाली जगह पर ही यह डिवाइस लगाई जाती है।
- जब एटीएम से पैसे निकालें तो दूसरे व्यक्ति को अंदर प्रवेश करने से रोक दें।
- पासवर्ड हाथों से छुपाकर डालें।
- किसी धोखाधड़ी की आशंका लगे तो सबसे पहले 100 डायल कर पुलिस को सूचना दें।
- एटीएम से पैसा निकालने के बाद पर्ची को वहां न छोड़ें और कैंसल की बटन दबाकर पूरी प्रॉसेस को खत्म करें।
- बैंक से मोबाइल नंबर में अलर्ट की सुविधा लेकर रखें। इससे किसी भी तरह के लेनदेन पर आपको मैसेज के जरिए सूचना मिलती रहेगी ।
- एटीएम का पासवर्ड किसी को बताएं।

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