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ATM के यूज सहि‍त बैंक से जुड़े 6 कामों पर लगता है GST, आपको करना होगा भुगतान

अप्रत्‍यक्ष कर और सीमा शुल्‍क बोर्ड ने हाल ही में इस पर स्‍थि‍ति‍ को पूरी तरह से स्‍पष्‍ट कर दि‍या था।

GST on banking and financial services

नई दि‍ल्‍ली। गुड्स एंड सर्वि‍सेज टैक्‍स यानी जीएसटी को लागू हुए एक साल हो चुका है, मगर कई सेवाओं को लेकर अभी भी लोगों में कन्‍फ्यूजन बरकरार है, जैसे कि‍ बैंकिंग सेवाएं। एटीएम के इस्‍तेमाल सहि‍त बैंक से जुड़ी ऐसी कम से कम 6 आम सेवाएं हैं, जो जीएसटी के दायरे में आती हैं। अप्रत्‍यक्ष कर और सीमा शुल्‍क बोर्ड ने हाल ही में इस पर स्‍थि‍ति‍ को पूरी तरह से स्‍पष्‍ट कर दि‍या था। मनी भास्‍कर आपको बता रहा है कि‍ कि‍स तरह की बैंकिंग वाओं पर जीएसटी लगेगा। 

 

1 लेट पेमेंट पर जीएसटी 
अगर आप क्रेडिट कार्ड बिल का समय पर पेमेंट नहीं करते हैं और बैंक इसके लिए आपसे लेट पेमेंट चार्ज वसूलता है तो आपको लेट पेमेंट चार्ज के साथ जीएसटी का भुगतान करना होगा। बैंक या क्रेडिट कार्ड कंपनिया ड्यू डेट पर क्रेडिट कार्ड पेमेंट का भुगतान न करने पर लेट पेमेंट चार्ज लेती हैं। यह अलग अलग बैंकों में 500 रुपए से लेकर 1,000 रुपए तक होता है। 


2 ATM के इस्‍तेमाल पर 
एटीएम से एक माह में तय लिमिट से ज्‍यादा ट्रांजैक्‍शन करने पर प्रति ट्रांजैक्‍शन 10 रुपए से 25 रुपए चार्ज का भुगतान करना होता है। इस चार्ज के साथ आपको जीएसटी का भुगतान भी करना होगा। उदाहरण के लिए अगर आप भारतीय स्‍टेट बैंक के कस्‍टमर हैं तो आप लोकेशन के हिसाब से महीने में 3 से 5 एटीएम ट्रांजैक्‍शन फ्री में कर सकते हैं।


लेकिन अगर आप इससे अधिक ट्रांजैक्‍शन करते हैं तो आपको इस पर प्रति ट्रांजैक्‍शन 10 से 20 रुपए जीएसटी के साथ चुकान होंगे। अगर आप एसबीआई के एटीएम पर लिमिट से अधिक ट्रांजैक्‍शन करते हैं तो आपको प्रति ट्रांजैक्‍शन 10 रुपए और जीएसटी चुकाना होगा । वहीं अगर आप दूसरे बैंक के एटीएम से लिमिट से अधिक ट्रांजैक्‍शन करते हैं तो आपको प्रति ट्रांजैक्‍शन 20 रुपए और जीएसटी का भुगतान करना होगा। 


3 फीस देकर चेकबुक लेने पर 
सभी बैंक एक तय सीमा तक नि‍शुल्‍क चेक बुक देते हैं, लेकि‍न अगर आप उससे इतर चेक बुक लेते हैं तो आपको शुल्‍क देना होता है। ऐसे में शुल्‍क देते हुए चेकबुक या बैंक स्‍टेटमेंट हासि‍ल करने पर आपको उस शुल्‍क पर जीएसटी भी देना होगा। 


4 एग्‍जिट लोड पर 
टैक्‍स सेविंग म्‍युचुअल फंड का लॉक इन पीरि‍यड होता है। अगर आप लॉक इन पीरि‍यड से पहले ही उसे बेच देते हैं तो ऐसे में आपको एग्‍जिट लोड के नाम से चार्ज देना होता है। इस शुल्‍क पर अब जीएसटी भी लगेगा।


5 लोन ट्रांसफर करने पर
अगर आप अपने लोग को कि‍सी दूसरे बैंक में ट्रांसफर करवाते हैं तो उसके लि‍ए आपको ट्रांजैक्‍शन प्रोसेसिंग फीस देनी होती है। इस फीस पर अब आपको जीएसटी भी देना होगा। 


6 ईएमआई चूक गए तो  
ईएमआई का समय पर भुगतान नहीं हो पाता है तो अलग से चार्ज लगाया जाता है। यह चार्ज भी जीएसटी के दायरे में आएगा। 

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