म्यूचुअल फंड /रिटेल निवेशकों के लिए असेट अलोकेशन की इक्विटी स्कीम्स है बेहतर

  • फाइनेंशियल प्लानर यह सलाह इसलिए देते हैं क्योंकि उनके लिए फंड्स कोर पोर्टफोलियो के रूप में अच्छा साबित हुआ है

Moneybhaskar.com

Nov 22,2019 04:01:06 PM IST

नई दिल्ली. अगर आप म्यूचुअल फंड में पहली बार निवेश कर रहे हैं और रिटेल निवेशक हैं तो आपके लिए बेहतर होगा कि आप असेट अलोकेशन की इक्विटी स्कीमों में निवेश करें। दरअसल फाइनेंशियल प्लानर यह सलाह इसलिए देते हैं क्योंकि रिटेल निवेशक असेट अलोकेशन के अनुशासन का पालन नहीं कर पाते हैं और उनके लिए फंड्स एक कोर पोर्टफोलियो के रूप में अच्छा साबित हुआ है।

आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लार्ज एवं मिड कैप फंड में 27.1 फीसदी हिस्सा ब्लू चिप फंड में था

अर्थलाभ के आंकड़े बताते हैं कि आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल असेट अलोकेटर फंड ऑफ फंड बेहतर उत्पाद है। अक्टूबर के अंत तक इस फंड ने 46.1 फीसदी निवेश इक्विटीज में किया था। इसे दो स्कीमों में बांटा गया था जिसमें 19.9 फीसदी हिस्सा आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लार्ज एवं मिड कैप फंड में जबकि 27.1 फीसदी हिस्सा ब्लू चिप फंड में था। डेट हिस्से को भी कई स्कीमों में बांटा गया था जिसमें आईसीआईसीआई प्रू ऑल सीजन बांड फंड में 13.5 फीसदी, फ्लोटिंग इंट्रेस्ट फंड में 19.1 फीसदी, कॉर्पोरेट बांड फंड में 9 फीसदी, मनी मार्केट फंड में 9.7 फीसदी और सेविंग फंड में 0.8 फीसदी था। इसी तरह फ्रैंकलिन इंडिया डायनॉमिक असेट अलोकेशन फंड ऑफ फंड ने इक्विटीज का हिस्सा फ्रैंकलिन इंडिया इक्विटी फंड और डेट का हिस्सा शॉर्ट टर्म इनकम प्लान में किया था।


फ्रैंकलिन इंडिया डायनॉमिक असेट अलोकेशन फंड ऑफ फंड का एयूएम 1,021 करोड़ रुपए था

आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल असेट अलोकेटर फंड का एयूएम 19 नवंबर तक 4,372 करोड़ रुपए था, जबकि एक साल में इसने 9.89 फीसदी और 3 वर्ष में 11.09 फीसदी का रिटर्न दिया था। फ्रैंकलिन इंडिया डायनॉमिक असेट अलोकेशन फंड ऑफ फंड का एयूएम 1,021 करोड़ रुपए था और उपरोक्त अवधि में इसने 7.11 और 8.6 फीसदी का रिटर्न दिया था। देश की अग्रणी म्यूचुअल फंड कंपनी आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल के मुख्य निवेश अधिकारी (सीआईओ) एस. नरेन कहते हैं कि विभिन्न असेट क्लास में निवेश कर अच्छा रिटर्न पाने वाले लोग बाजार के चक्र के अनुसार निवेश में रोटेशन करते रहते हैं। क्योंकि जब अर्थव्यवस्था वृद्धि के चक्र में होती है तो इक्विटी बाजार का प्रदर्शन मजबूत होता है और जबअर्थव्यवस्था संकुचित दौर में होती है तो तब डेट बाजार अच्छा प्रदर्शन करता है। ऐसी स्थिति में स्मार्ट निवेशक निवेश में फेरफार करते रहते हैं और उन्हें अच्छा रिटर्न मिलता रहता है।

92 फीसदी मामले में अलोकेशन ही मुख्य भूमिका निभाता है

उनका मानना है कि विभिन्न असेट क्लास में रोटेशन करते रहने से निवेश की यात्रा आरामदायक रहती है और रिटेल निवेशक भी अगर इस तरह की आरामदायक यात्रा करना चाहते हैं तो उनके लिए असेट अलोकेशन स्कीम अच्छा विकल्प है। अर्थलाभ के आंकड़े बताते हैं कि लंबी अवधि के लिए पोर्टफोलियो प्रदर्शन के 92 फीसदी मामले में अलोकेशन ही मुख्य भूमिका निभाता है जबकि बाकी मामले में अन्य मामलों का असर पड़ता है जिसमें स्टॉक की पसंदगी और बाजार के समय का समावेश होता है। फिक्स्ड डिपॉजिट में से इक्विटीज में प्रवेश कर रहे पहली बार के निवेशकों के लिए कम जोखिम वाले उत्पादों को पसंद करना जरूररी है। ऐसे निवेशकों के लिए असेट अलोकेशन स्कीम एक कोर पोर्टफोलियो साबित हो सकता है। जीईपीएल कैपिटल के रूपेश भंसाली कहते हैं कि किस असेट क्लास में खरीदी करना है और किस असेट क्लास में नहीं करना है, इस मामले में निवेशकों को 100 फीसदी विश्वास नहीं होता है। ऐसे निवेशकों के लिए असेट अलोकेशन फंड्स खरीदना चाहिए।

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