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एलटीसीजी से एनपीएस पर नहीं पड़ेगा असर : पीएफआरडीए चेयरमैन

लॉन्‍ग टर्म कैपिटल गेन टैक्‍स के प्रपोजल से नेशनल पेंशन स्‍कीम (एनपीएस) पर कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा।

LTCG will have an impact on tier II accounts

 

कोलकाता। पेंशन फंड रेग्‍युलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (पीएफआरडीए) के चेयरमैन हेमंत कॉन्‍ट्रेक्‍टर ने कहा कि लॉन्‍ग टर्म कैपिटल गेन टैक्‍स के प्रपोजल से नेशनल पेंशन स्‍कीम (एनपीएस) पर कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा। उन्‍होंने कहा कि एनपीएस में हमारे ट्रस्‍ट द्वारा इन्‍वेस्‍टमेंट किया जाता है, जो एक टैक्‍स छूट प्राप्‍त बॉडी है। जहां तक पेंशन इन्‍वेस्‍टमेंट का सवाल है तो एलटीसीजी का इस पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

 

 

टियर टू खातों पर दिखेगा असर

एनपीएस रेग्‍युलेटर पीएफआरडीए के चेयरमैन कॉन्‍ट्रेक्‍टर यहां एनपीएस पर आयोजित एक कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। कार्यक्रम का आयोजन स्‍टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन द्वारा किया गया था। हालांकि टियर टू एकाउंट्स पर इसका असर होगा, जिन्‍हें नॉन-पेंशन एकाउंट कहा जाता है। एनपीएस द्वारा दो तरह के अकाउंट मेनटेन किए जाते हैं, जिन्‍हें टियर वन व टियर टू कहा जाता है। टियर टू को कोई टैक्‍स बेनिफिट नहीं मिलता। कांन्‍ट्रेक्‍टर ने कहा कि टियर टू अकाउंट्स पर एलटीसीजी का असर पड़ेगा, लेकिन टियर टू अकाउंट्स की संख्‍या काफी कम है।

 

एनपीएस में जमा हैं 2.25 लाख करोड़

बजट 2018 में प्रपोज किया गया है कि 1 लाख रुपए से अधिक कीमत के लि‍स्‍टेड इक्विटी शेयर ट्रांसफर करने पर गेन का 10 फीसदी लॉन्‍ग टर्म कैपिटल गेन्‍स देना होगा, जिसमें सेस शामिल नहीं होगा। यही म्‍युच्‍अल फंड पर भी लागू होगा। अब एनपीएस कॉरपस में लगभग2.25 लाख करोड़ रुपए जमा है और सबस्क्राइबर की संख्‍या 2 करोड़ हैं और हर साल 27-28 फीसदी सबस्‍क्राइबर की संख्‍या बढ़ रही है।

 

तेजी से बढ़ रही है संख्‍या

कॉन्‍ट्रेक्‍टर ने कहा कि मार्च 2017 में सबस्‍क्राइबर की संख्‍या 1.54 करोड़ थी, जो तेजी से बढ़कर 2 करोड़ तक पहुंच गई है। 

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