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MF के डायरेक्‍ट प्‍लान दे रहे 1% तक ज्‍यादा रिटर्न, एजेंट को नहीं देना पड़ता है कमीशन

बिना एजेंट को कमीशन दिए भी म्‍युचुअल फंड को खरीदा जा सकता है। ऐसे फंड में निवेशकों को ज्‍यादा रिटर्न मिलता है।

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नई दिल्‍ली. बिना एजेंट को कमीशन दिए भी म्‍युचुअल फंड को खरीदा जा सकता है। ऐसे फंड में निवेशकों को ज्‍यादा रिटर्न मिलता है। म्‍युचुअल फंड कंपनियां अपनी हर स्‍कीम में डायरेक्‍ट प्‍लान का विकल्‍प देती हैं। यह प्‍लान सीधे म्‍युचुअल फंड कंपनियों की वेबसाइट पर जाकर खरीदना होते हैं। इस प्रोसेस में बीच में एजेंट नहीं होने के चलते एक्‍सपेंस रेशियो घट जाता है, जिसका फायदा निवेशक को मिलता है। निवेशक इस तरीके से Mutual Funds को खरीद कर एक फीसदी तक ज्‍यादा रिटर्न का फायदा ले सकते हैं।

 

कैसे मिलता है ज्‍यादा रिटर्न

म्‍युचुअल फंड कंपनियां अपनी हर स्‍कीम में रेग्‍युलर प्‍लान और डायरेक्‍ट प्‍लान ऑफर करती हैं। इन दोनों स्‍कीम में MF कंपनियों की निवेश की रणनीति एक ही होती है। एक जैसे ही शेयर इन स्‍कीम में होते हैं, और इनकी खरीद और बिक्री भी एक साथ ही की जाती है। लेकिन इन स्‍कीम की अकाउंटिंग डायरेक्‍ट प्‍लान और रेग्‍युलर प्‍लान के हिसाब से होती है। इन दोनों तरीकों में एक्‍सपेंस रेशियो का ही अंतर रहता है। डायरेक्‍ट प्‍लान में एक्‍सपेंस रेशियो कम होता है और रेग्‍युलर प्‍लान में ज्‍यादा।

 

जानें कैटेगरी के हिसाब से एक्‍सपेंस रेशियो का औसत अंतर

                            

कैटेगरी

एक्‍सपेंस रेशियो डायरेक्‍ट प्‍लान

एक्‍सपेंस रेशियो रेग्‍युलर प्‍लान

अंतर

लार्ज कैप

1.11%

1.74%

0.63%

मल्‍टी कैप

1.40%

2.29%

0.89%

मिड कैप    

1.30%

2.40%

1.10%

स्‍मॉल कैप

1.49%

2.41%

0.92%

ELSS

1.34%

2.26%

0.92%

हाइब्रिड इक्विटी

1.04%

2.20%

1.16%

 

- डाटा 30 अप्रैल 2018 तक का। हर कैटेगरी का एक्‍सपेंस रेश्‍ाियो औसत में।

 

निवेश में रखे सावधानियां

अंश फाइनेंशियल एंड इन्‍वेस्‍टमेंट के डायरेक्‍टर दिलीप कुमार गुप्‍ता के अनुसार डायरेक्‍ट प्‍लान खरीदने में थोड़ा ज्‍यादा फायदा जरूर है, लेकिन इनको खरीदने में सावधानी जरूर रखनी चाहिए। सबसे पहले सही योजना का चयन जरूरी होता है। एजेंट के माध्‍यम से इसे खरीदने में उससे सही योजना की सलाह भी मिल जाती है। लेकिन डायरेक्‍ट प्‍लान में ऐसा नहीं होगा। इसलिए जरूरी है कि अगर म्‍युचुअल फंड की सही स्‍कीम की जानकारी न हो तो किसी वित्‍तीय सलाहकार से राय लें। इसके बाद सही म्‍युचुअल फंड स्‍कीम में निवेश करें।

 

सेबी ने खर्च घटाने के लिए बदले हैं नियम

सेबी ने हाल ही में एडीशनल एक्‍सपेंस रेशियो में कमी की है। अब म्‍युचुअल फंड कंपनियां 20 बेसिस प्‍वाइंट की जगह 5 बेसिस प्‍वाइंट ही एडीशनल एक्‍स्‍पेंस रेशियो ले सकेंगी। सेबी ने एग्जिट लोड की जगह म्‍युचुअल फंड कंपनियों को 20 बेसिस प्‍वाइंट एडीशनल एक्‍स्‍पेंस रेशियो लेने की छूट दी थी, जिसे अब घटा दिया गया है। इससे भी निवेशकों को फायदा होगा और उनको अपने निवेश पर ज्‍यादा रिटर्न मिलेगा।

 
 

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