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इन 7 बातों का रखेंगे ध्‍यान, रि‍जेक्‍ट नहीं होगी होम लोन एप्‍लि‍केशन

इन 7 बातों का रखेंगे ध्‍यान, रि‍जेक्‍ट नहीं होगी होम लोन एप्‍लि‍केशन
नई दि‍ल्‍ली. कुछ लोग बार-बार होम लोन के लि‍ए एप्‍लि‍केशन देते हैं और वह रि‍जेक्‍ट हो जाती है। इसके पीछे कई कारण होते हैं, जि‍नमें आपका बड़ा और लंबे टेन्‍योर वाला लोन लेना भी शामि‍ल है। वहीं, बैंक और हाेम लोन देने वाली कंपनि‍यों के नि‍यम भी कठोर होते हैं। ऐसे में होम लोन का अावेदन पत्र अस्‍वीकार कर दि‍या जाता है। इसके चलते बहुत से लोगों का अपने घर का सपना अधूरा ही रहता है। ऐसे में जि‍न 7 कारणों से होम लोन आवदेन सबसे ज्‍यादा रि‍जेेक्‍ट होते हैं उनके समाधान के बारे में बता रहे हैं पैसाबाजार.कॉम के वाइस प्रेजि‍डेंट और बि‍जनेस हेड अजय मि‍श्रा : 
 
पूअर क्रेडि‍ट स्‍कोर 
 
क्रेडिट स्कोर 3 अंकों का वो नंबर होता है। जो आपकी क्रेडि‍ट लेने की योग्‍यता को दर्शाता है। ऐसे में बैंक और उधार देने वाली कंपनि‍यां 750 के क्रेडि‍ट स्‍कोर को एक अच्‍छे स्‍कोर के रूप में लेती हैं। वहीं, जि‍न लोगों ने पहले से लोन या फि‍र क्रेडि‍ट कार्ड बि‍ल की पेमेंट नहीं की है उनका स्‍कोर भी कम होता है। ऐसे में इन लोगों की होम लोन एप्‍लि‍केशन रि‍जेक्‍ट कर दी जाती है। हालांकि‍ कुछ एनबीएफसी ऐसे लोगों को भी लोन मुहैया कराते हैं, लेकि‍न यह लोन उच्‍च दरों और अन्‍य प्रति‍कूल नि‍यमों और शर्तों के साथ दि‍या जाता है।  
 
समाधान
 
हमेशा अपनी ईएमआई और क्रेडि‍ट कार्ड के बि‍ल की पेमेंट समय से करें। वहीं, क्रेडिट ब्यूरो से नि‍यमि‍त अंतराल पर अपनी क्रेडिट रिपोर्ट प्राप्त करें और अगर उसमें कोई गलती दि‍खे तो उसमें सुधार के लि‍ए तुरंत कदम उठाएं। इसके अलावा आपको यह भी मॉनि‍टर करना जरूरी है कि‍ अगर आपने कि‍सी के लोन की गारंटी ली है तो वह अपनी ईएमआई सही समय पर दे रहा है या नहीं। क्‍योंकि‍ उसके ईएमआई की पेमेंट न करने पर आपका भी क्रेडि‍ट स्‍कोर कम होगा। 
 
ऐज फैक्‍टर भी करता है काम 
 
ज्‍यादातर लोन देने वाली कंपनि‍यां होम लोन देने के लि‍ए अधि‍कतम आयु 60 साल रखते हैं। इसके अलावा एक शर्त यह भी होती है उधार लेने वाला व्‍यक्‍ति‍ 70 साल की उम्र तक अपना लोन पूरा चुका दे। ऐसे में अगर कोई व्‍यक्‍ति‍ रि‍टायरमेंट के करीब है तो उनकी होम लोन एप्‍लि‍केशन भी रि‍जेक्‍ट कर दी जाती है। क्‍योंकि‍ रि‍टायरमेंट के बाद कम पेंशन के चलते लोन की ईएमआई चुकाने को लेकर बैंक और उधार देने वाली कंपनि‍यां सतर्क रहती हैं। 
 
समाधान
 
अगर आपकी उम्र 60 साल के आसपास है और आप जल्‍द रि‍टायर होने वाले हैं तो होम एप्‍लि‍केशन देते समय एक बात का ध्‍यान रखें। इस दौरान आप खुद को लोन लेने के लि‍ए योग्‍य दि‍खाने के लि‍ए अपने कामकाजी पति‍ या पत्‍नी और अपने बच्‍चों को भी सह-आवदेक बना लें। वहीं, रि‍जेक्‍शन से बचने के लि‍ए लोन टु वैल्‍यू (LTV) को कम रखें और उच्‍चतर ईएमआई का वि‍कल्‍प चुनें। ताकि‍ लोन को जल्‍द से जल्‍द चुकाया जा सके। 
 
बार-बार नौकरी बदलने से कम होता है क्रेडि‍ट स्‍कोर  
 
जो लोग बार-बार नौकरी बदलते हैं। बैंक और फाइनैंस कंपनि‍यां ऐसे में लोगों का क्रेडि‍ट स्‍कोर कम आंकती हैं। ऐसे में उनका लोन की एप्‍लि‍केशन रि‍जेक्‍ट होने के चांस ज्‍यादा रहते हैं। 
 
समाधान
 
बार बार जॉब चेंज करने से बैंक आपका क्रेडि‍ट स्‍कोर कम कर आंकते हैं। ऐसे में जरूरी है कि‍ आप एक टारगेट सेट कर होम लोन के लि‍ए एप्‍लाई करें। जैसे अगर आपको 2020 में लोन लेना है तो कम से कम 2017 के बाद जॉब चेंज करने से बचें। बैंक आपकी जॉब स्‍टेबि‍लि‍टी और रेगुलर आने वाली सैलरी के बेस पर आपका क्रेडि‍ट स्‍कोर जांचते हैं। 
 
ज्‍यादा High FOIR से होगी दि‍क्‍कत 
 
FOIR वह रेशि‍यो है जि‍ससे पता चलता है कि‍ आपकी पहले से जा रही ईएमआई, घर का कि‍राया, बीमा पॉलि‍सी और अन्‍य भुगतान मौजूदा आय का कि‍तना फीसदी है। एगसग में अगर लोन दाता को आपके ये सभी खर्च आपकी सैलरी के 40 से 50% तक लगते हैं तो वह आपकी लोन एप्‍लि‍केशन को रि‍जेक्‍ट कर सकते है। 
 
समाधान
होम लोन के लिए आवेदन करने से पहले अपने मौजूदा लोन या उनमें से कुछ का भुगतान करें। इसके अलावा अपनी कुल आय के 40-50% के भीतर अपने एफओआईआर को सीमित करने के लिए नए लोन के लिए कम ईएमआई का विकल्प भी चुन सकते हैं। 
 
कहां काम करते हैं यह भी करता है मैटर 
 
नौकरी करने वाले लोगों की कंपनी का प्रोफ़ाइल भी होम लोन के आवेदन को प्रभावि‍त करता है। आमतौर पर सरकारी कर्मचारी या शीर्ष निजी कंपनि‍यों में काम करने वाले लोगों को आराम से लोन मि‍ल जाता है क्‍योंकि‍ उनकी जॉब सि‍क्‍यॉरि‍टी बहुत ज्‍यादा होती है। वहीं, छोटी कंपनि‍यों और पूअर बैंक बैलेंस वाली कंपनि‍यों के कर्मचारि‍यों की एप्‍लि‍केशन रि‍जेक्‍ट होने के चांस बने रहते हैं। वहीं, जि‍न नौकरि‍यों में जान का जोखि‍म होता है उनको भी बैंक जल्‍दी से लोन नहीं देता। 
 
समाधान 
 
अगर कंपनी की प्रोफाइल के कारण बैंक आपकी होम लोन एप्‍लि‍केशन को रि‍जेक्‍ट कर देता है। ऐसे में आप एनबीएफसी का ऑप्‍शन चुन सकते हैं। इसके लि‍ए आप ऑनलाइन साइट पर जाकर बेस्‍ट लोन ऑफर खुद देख सकते हैं। इसमें आपको इंटरेस्‍ट रेट और टेन्‍योर का पता भी चल जाता है। 
 
जरूरी है संपत्ति के सही दस्‍तावजे 
 
आपकी संपत्ति भी आपके लोन के आवेदन को प्रभावित करेगी। स्थानीय प्राधिकरणों द्वारा निर्धारित दिशानिर्देशों का पालन न करने और प्रॉपर्टी के दस्‍तावेज देरुस्‍त न होने पर कभी बैंक या कंपनि‍यां लोन की रि‍क्‍वेस्‍ट को रि‍जेक्‍ट कर सकती हैं। इसी तरह लोनदाता पुरानी संपत्तियों की खरीद का विरोध करते हैं क्योंकि उनकी बिक्री की क्षमता कम होती है। 
 
समाधान
 
प्रॉपर्टी के खरीदने से पहले आपको यह पूरी तरह सुनिश्चित कर लेना चाहि‍ए कि‍ संपत्ति के दस्‍तावेज दुरुस्‍त हों। वहीं,  उसके नि‍र्माण में स्थानीय प्राधिकरणों द्वारा निर्धारित दिशानिर्देशों का पालन कि‍या गया हो। 
 
गारंटी ली है तो रखें ध्‍यान 
 
अगर आप कि‍सी के साथ मि‍लकर या कि‍सी के लोन की गारंटी ली है तो यह भी आपको उसे चुकाने के लि‍ए जि‍म्‍मेदार बनाते हैं। इस मामले में अगर ईएमआई का भुगतान नहीं कि‍या जाता है तो इससे आपके क्रेडिट स्कोर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। वहीं, यह आपको लोन लेने के लि‍ए अपात्र बना देगा। इस मामले में आपकी होम लोन  की एप्‍लि‍केशन रि‍जेक्‍ट हो सकती है। 
 
समाधान
 
बैंक गारंटर को चेंज करने की अनुमति‍ नहीं देता। यह तभी संभव है जब लोन लेने वाला व्‍यक्‍ति‍ खुद बैंक में जाकर गारंटर चेंज कराना चाहे और बैंक नए गारंटर को स्‍वीकार भी कर ले। ऐसे में अगर आप होम लोन लेने का प्‍लान बना रहे हैं और आपने पहले से कि‍सी की गारंटी ली हुई है। तो उससे अनुरोध करें कि‍ वह अपने लि‍ए कोई नया गारंटर ढूंढ लें। ताकि‍ आपको लोन लेने में परेशानी न हो।  

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