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LIC पॉलिसी पर मिलेगा सस्ता लोन, मैच्योरिटी तक चुकाना होगा सि‍र्फ ब्याज

कई लोगों को यह मालूम नहीं होता कि वे एसआईसी की पॉलि‍सी पर लोन भी ले सकते हैं।

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नई दि‍ल्‍ली. भारतीय जीवन बीमा नि‍गम से ली हुुुुई पॉलि‍सी सिर्फ भविष्‍य को सुरक्षित बनाएं रखने के लिए ही नहीं बल्कि लोन लेने के काम भी काम आती। ऐसे में इमरजेंसी में आप बैंक या एलआईसी दोनों में से कहीं से भी आपनी पॉलि‍सी के एवज में लोन ले सकते हैं। वहीं, दूसरी ओर एलआईसी से लोन लेने पर आपको यह फायदा मि‍लता है कि‍ आप सि‍र्फ ब्‍याज चुकाएं और  पॉलि‍सी के मैच्‍योर होने पर मूल रकम काटने के लि‍ए कहें। ऐसे मेंं आज हम बता रहे हैं कि‍ भारतीय जीवन बीमा नि‍गम की पॉलि‍सी पर लोन लेने के लि‍ए कि‍न-कि‍न बातों का ध्‍यान रखना होगा।   

 
90% तक मि‍ल जाता है लोन  
 
एलआईसी के अलावा आजकल सभी सरकारी और निजी सेक्‍टर के बैंक, बीमा पॉलि‍सी पर लोन देते हैं। हालांकि, बीमा पॉलिसी पर मिलने वाला लोन आपके सम एश्‍योर्ड पर डि‍पेंड करता है। अगर आपकी पॉलि‍सी 5 लाख की है तो आपको इसका 90% राशि‍ यानी 4,50,000 रुपए का लोन मि‍ल जाएगा। 
 
कि‍स पॉलि‍सी पर मि‍लेगा लोन 
 
इंश्‍योरेंस एडवाइजर बंटी गुप्‍ता ने बताया कि‍ सभी बीमा पॉलिसि‍यों पर लोन नहीं मि‍लता। जीवन बीमा योजना के तहत एंडोमेंट प्‍लान पर लोन की सुवि‍धा मि‍लती है। इन पर बैंक भी लोन देने के लि‍ए तैयार हो जाते हैं। 
 
कैसे लौटा सकते हैं लोन 
 
अगर आप एलआईसी से लोन लेते हैं तो आपको एक फायदा मि‍लता है कि‍ आपको लोन को लौटाने के लि‍ए वि‍कल्‍प मि‍लता है। इसके तहत आपको ऑप्‍शन दि‍या जाता है कि‍ आप पॉलि‍सी की अवधि‍ तक ब्‍याज चुकाएं और पॉलि‍सी के मैच्‍योर होने पर मूल रकम को उसमें से काटने के लि‍ए कह सकते हैं। 
आगे पढ़ें : किन दस्‍तावेज़ों की है जरूरत 
 
किन-किन दस्‍तावेज़ों की आवश्‍यकता पड़ती है? 
 
बीमा पॉलिसी पर लोन लेने के लिए, सबसे पहले एक आवेदन पत्र को भरना पड़ता है। इसके बाद, पॉलिसी की मूल प्रति को जमा करवा दिया जाएगा और पॉलिसी के लाभों को लोन की अवधि के दौरान, बैंक या कम्‍पनी में जमा रखा जाएगा और इसके लिए, व्‍यक्ति को पेपर्स पर हस्‍ताक्षर करने होंगे। जब तक लोन की राशि को चुका नहीं दिया जाता तब तक पॉलिसी, एक जमानत सुरक्षा के रूप में प्रभावी रहेगी। बैंक को पॉलिसी की भविष्‍य में जमा की जाने वाली प्रीमियमों की रसीद भी चाहिए होती है और जीवन बीमा पर लोन के दस्‍तावेज़ीकरण को पूरा करने के लिए एक कैंसल चेक भी देना पड़ता है।  
आगे पढ़ें : कि‍तना होगा ब्‍याज 
कि‍तनी ब्‍याज दर पर मि‍लता है लोन 
 
जीवन बीमा पॉलिसी पर दिया जाने वाला लोन की ब्‍याज दरें, भुगतान किए गए प्रीमियम और दिए जाने वाले प्रीमियम की संख्‍याओं पर निर्भर करता है। हालांकि‍ यह पर्सनल लोन पर लगने वाली ब्‍याज दरों से कम ही होता है। साधारणत: बैंकों में इसके लि‍ए अलग-अलग नियम होते हैं। बता दें कि‍, भारतीय जीवन बीमा निगम की वर्तमान ब्‍याज दरें, 9.5% हैं। वहीं, बैंक से लोन लेने पर आपको 10 प्रतिशत से 14 प्रतिशत तक ब्‍याज देना पड़ेगा। वहीं, ब्‍याज दर आपकी पॉलि‍सी पर भी नि‍र्भर करती है। 
 
कैसे चुकाया जाता है लोन
 
जीवन बीमा पर लि‍ए जाने वाले लोन का भुगतान किस्‍तों में किया जाता है। यह कम्‍पनी या बैंक की पॉलि‍सी के अनुसार अलग-अलग होता है। इसकी न्‍यूनतम अवधि 6 महीने होती है। कई कम्‍पनियां और बैंक बचे हुए पॉलिसी टर्म के हिसाब से भी लोन ऑफर करती हैं। 
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