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ई-फाइलिंग के लिए सभी 7 ITR फॉर्म जारी, टैक्स भरना होगा आसान

नोटिफाई होने के एक महीने से ज्यादा वक्त के बाद ई-फाइलिंग के लिए सभी 7 आईटीआई फॉर्म्स लॉन्च कर दिए गए हैं।

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नई दिल्ली. इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने नोटिफाई होने के एक महीने से ज्यादा वक्त के बाद ई-फाइलिंग के लिए सभी 7 आईटीआई फॉर्म्स को लॉन्च और एक्टीवेट कर दिया। इसके साथ ही टैक्सपेयर्स के लिए टैक्स फाइलिंग ज्यादा आसान हो गई   है।       सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेस (सीबीडीटी) ने बीती 5 अप्रैल को एसेसमेंट ईयर 2018-19 के लिए नए इनकम टैक्स रिटर्न फॉर्म्स नोटिफाई किए थे।  

 

 

5 अप्रैल को नोटिफाई हुए थे सभी आईटीआर फॉर्म्स

आई-टी डिपार्टमेंट द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक, ‘एसेसमेंट ईयर 2018-19 के लिए सभी आईटीआर फॉर्म अब ई-फाइलिंग के लिए उपलब्ध हैं।’ टैक्स डिपार्टमेंट 5 अप्रैल के बाद से धीरे-धीरे आईटीआर फॉर्म लॉन्च कर रहा है। इससे टैक्सपेयर्स के लिए 31 जुलाई की डेडलाइन से पहले रिटर्न फाइल करना आसान होने की उम्मीद है। सीबीडीटी ने कहा था कि सभी आईटीआर फॉर्म्स डिपार्टमेंट के आधिकारिक वेब पोर्टल https://www.incometaxindiaefiling.gov.in पर  भरे जाने हैं।

नए आईटीआर फॉर्म्स में सैलरीड क्लास के लिए अपना सैलरी ब्रेक-अप और कारोबारियों के जीएसटी नंबर व टर्नओवर देना जरूरी है।

 

 

देना होगा डिटेल्ड सैलरी ब्रेक-अप

आईटीआर-1 को ‘सहज’ नाम दिया गया है, जिसे सैलरी, एक हाउस प्रॉपर्टी और एफडी व आरडी आदि पर मिले इंटरेस्ट सहित 50 लाख रुपए तक इनकम वाले सैलरीड लोग भर सकतेहैं। इसके अलावा पहले डिटेल्ड सैलरी ब्रेक-अप आईटीआर फॉर्म का हिस्सा नहीं था, जिसे इस साल जोड़ दिया गया है। इसी प्रकार हाउस प्रॉपर्टी से हुई इनकम की डिटेल देनी होगी। बीते वित्त वर्ष के दौरान इस फॉर्म को 3 करोड़ लोगों द्वारा इस्तेमाल किया गया था। आईटीआर-1 से जेंडर का कॉलम हटा दिया गया है, जिसका मतलब है कि अब जेंडर की जानकारी नहीं देनी होगी। नॉन रेजिडेंट इंडिविजुअल्स रिटर्न फाइल करने के लिए आईटीआर-1 का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे।

 

 

कौन भरेगा आईटीआर-2 फॉर्म

इसी प्रकार, आईटीआर-2 फॉर्म को एनआरआई सहित ऐसे इंडिविजुअल्स और हिंदू अनडिवाइडेड फैमिली (एचयूएफ) द्वारा भरा जाता है, जिन्हें बिजनेस या प्रोफेशन से हुए प्रॉफिट और फायदे से हुई इनकम के अलावा अन्य स्रोतों से आय हुई हो। बिजनेस या प्रोफेशन से इनकम वाले इंडिविजुअल्स और एचयूएफ प्रीजम्प्टिव इनकम के मामले में या तो आईटीआर-3 या आईटीआर-4 फाइल कर सकते हैं। बाकी फॉर्म्स टैक्सपेयर्स की विभिन्न कैटेगरी के लिए हैं।

 

 

नोटबंदी से संबंधित नकद जमा का कॉलम हटाया गया

एसेसमेंट ईयर 2017-18 में विशेष अवधि के दौरान नकद जमा कराने के संबंध में जानकारी मांगी गई थी, लेकिन एसेसमेंट ईयर 2018-19 के फॉर्म में इस कॉलम को हटा दिया गया है।

 

 

ऑनलाइन ही भरना होगा रिटर्न

ITR फॉर्म भरने के तरीकों में पिछले वर्ष की तुलना में कोई बदलाव नहीं किया गया है। सभी ITR फॉर्म आॅनलाइन भरने होंगे। सिर्फ उन्हीं को ITR फॉर्म 1 (सहज) और आईटीआर फॉर्म 4 सुगम हार्ड कॉपी में भरकर जमा करने की अनुमति होगी, जिनकी उम्र फाइनेंशियल ईयर वर्ष में 80 वर्ष हो गई है या ऐसे व्यक्ति या अविभाजित हिन्दू परिवार, जिनकी वार्षिक आय पाँच लाख रुपए तक होगी और वे रिटर्न का दावा नहीं करेंगे।

 
 
 
 
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