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इनकम टैक्‍स रिटर्न फाइलिंग में न करें 4 गलतियां, पड़ जाएगा महंगा

पेनल्‍टी के साथ झेलना पड़ सकता है मुकदमा भी...

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नई दिल्‍ली. टैक्‍स से बचने के लिए कई लोग इनकम टैक्‍स रिटर्न भरते वक्‍त तरह-तरह के हथकंडे अपनाते हैं। जैसे सैलरी के अलावा दूसरे जरियों से होने वाली इनकम छिपा लेना, फर्जी बिल आदि। लेकिन टैक्‍स बचाने के चक्‍कर में ये हथकंडे महंगे भी पड़ सकते हैं। अगर आपके द्वारा की गई टैक्‍स चोरी सामने आ गई तो आपको पेनल्‍टी के साथ मुकदमा भी झेलना पड़ सकता है। आइए आपको बताते हैं कि लोग टैक्‍स के दायरे में आने से बचने के लिए किन-किन हथकंडों को अपनाते हैं और टैक्‍स चोरी कैसे आपके लिए नुकसानदायक है-   

 

फर्जी डिडक्‍शंस और क्रेडिट्स

लोग टैक्‍स से बचने के लिए फर्जी डिडक्‍शंस का सहारा लेते हैं। ज्‍यादातर लोग चैरिटी या दान की आड़ में टैक्‍स बचा जाते हैं। इसके अलावा बच्‍चों की पढ़ाई के नाम पर फर्जी फीस रसीदें, फर्जी रेंट रसीदें, बिल, लोन के कागज आदि का इस्‍तेमाल भी किया जाता है। 

 

नहीं दिखाते पूरी इनकम

ऐसे कई लोग हैं, जो अपनी प्रॉपर जॉब के साथ कुछ एक्‍स्‍ट्रा इनकम के लिए पार्ट टाइम जॉब या कोई साइड बिजनेस करते हैं। कई बार ये काम कैश ओनली बेसिस होते हैं यानी इनकी इनकम बैंक अकाउंट में न आकर कैश में मिलती है। ऐसे में जब इनकम दिखाने की बारी आती है तो ज्‍यादा टैक्‍स से बचने के लिए टोटल इनकम न बताकर केवल प्रॉपर जॉब या बिजनेस से हो रही व्‍हाइट मनी को दिखाया जाता है और बाकी की कैश में हुई कमाई को छिपा लिया जाता है।  

 

छिपा जाते हैं गिफ्ट

भारत में बेशकीमती गिफ्ट भी टैक्‍स के दायरे में आते हैं। इन पर टैक्‍स से बचा जा सके, इसके लिए कई लोग इन्‍हें अपने इनकम डिक्‍लेरेशन में दिखाते ही नहीं हैं। 

 

पेमेंट करना लेकिन कहीं दर्ज न करना

टैक्‍स चोरी करने वाले अपनी ब्‍लैकमनी को छिपाने के लिए कई बार पेमेंट कैश में करते हैं। कैश पेमेंट में ये राशि कहीं भी दर्ज नहीं होती, जिससे इसके आने या जाने का कोई ब्‍यौरा नहीं होता। लिहाजा टैक्‍सेबल इनकम या डिडक्‍शन में इनकी गिनती नहीं हो पाती। 

 

आगे पढ़ें- इनकम टैक्‍स चोरी कैसे पड़ सकती है महंगी

 

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इनकम टैक्‍स चोरी ऐसे पड़ सकती है आपको महंगी

सर्टिफाइड फाइनेंशियल प्‍लानर तारेश भाटिया के मुताबिक, अगर आप इनकम टैक्‍स चोरी करते हैं तो एक न एक दिन आप इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट की नजर में आ ही जाएंगे। आप डिपार्टमेंट की टैक्‍स चोरी करने वालों की लिस्‍ट में शामिल हो जाएंगे। तब आपको अपनी रसीद, बिल या फिर खर्चों और आमदनी का ब्‍यौरा देना होगा। आपको हर रसीद के वास्‍तविकता को साबित करना होगा। एक बार इस लिस्‍ट में आने के बाद आप हर बार डिपार्टमेंट के रडार पर होंगे। साथ ही अगर आप वाकई दोषी पाए गए तो आपको पेनल्‍टी भरनी होगी, ऐसे में आपने फर्जीवाड़े से जितना कमाया है, सब गंवाना भी पड़ सकता है। इसके अलावा सोसायटी में जिल्‍लत का सामना भी करना पड़ सकता है।

 

आगे पढ़ें- टैक्‍स भरेंगे तो क्‍या फायदे 

इनकम टैक्‍स भरने के फायदे

1. तारेश का कहना है कि जब आप रेगुलर और सही तरीके से पूरा इनकम टैक्‍स भरते हैं तो इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट में आपका एक अच्‍छा टैक्‍स फाइलिंग रिकॉर्ड बनता है। 
2. आप अपने टैक्‍स फाइलिंग रिकॉर्ड को दिखाकर आसानी से कोई भी लोन, जैसे होम लोन, बिजनेस लोन, कार लोन या बच्‍चों की पढ़ाई के लिए लोन आदि पा सकते हैं। आपको बहुत ज्‍यादा सवालों का सामना नहीं करना पड़ता है और लोन पास हो जाने के ज्‍यादा चांस होते हैं। 
3. अगर आप कोई बिजनेस करते हैं और चाहते हैं कि आपको बाहर से इन्‍वेस्‍टमेंट मिले तो आपका इनकम टैक्‍स फाइलिंग रिकॉर्ड इसमें काफी काम आ सकता है। ऐसा इसलिए क्‍योंकि इन्‍वेस्‍टर भी आपका रिकॉर्ड देखकर इन्‍वेस्‍ट करने या न करने का फैसला करता है। अगर आपका टैक्‍स फाइलिंग रिकॉर्ड खराब है, तो आपकी इस इमेज के चलते इन्‍वेस्‍टर इन्‍वेस्‍टमेंट करने से कतराते हैं। 
4. जब आप अपना बिजनेस बेचते हैं तो इवैल्‍युएशन के वक्‍त भी खरीदार आपकी टैक्‍स फाइलिंग देखते हैं। 

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