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ELSS में करें निवेश, 1.5 लाख रुपए टैक्‍स छूट के साथ पाएं बेहतर रिटर्न

इनकम टैक्‍स सेविंग के लिए निवेश का वक्त आ गया है। ऐसे में आप इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम (ईएलएसएस) में निवेश कर पीपीएफ और बैंक फिक्‍स्‍ड डिपॉजिट से ज्यादा रिटर्न के साथ 1.5 लाख रुपए तक टैक्‍स छूट क्‍लेम कर सकते हैं।

Being linked to market and diversified ELSS is best suited for all
नई दिल्‍ली। इनकम टैक्‍स सेविंग के लिए निवेश का वक्त आ गया है।  ऐसे में आप इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम (ईएलएसएस) में निवेश कर पीपीएफ और बैंक फिक्‍स्‍ड डिपॉजिट से ज्यादा रिटर्न के साथ 1.5 लाख रुपए तक टैक्‍स छूट क्‍लेम कर सकते हैं। आम तौर पर पीपीएफ और बैंक फिक्‍स्‍ड डिपॉजिट में किए हुए निवेश 8 से 10 फीसदी रिटर्न मिलता है, वहीं ईएलएसएस शेयर बाजार से जुड़े होने की वजह से अधिक रिटर्न ऑफर करता है।
 
 
इनकम टैक्‍स के सेक्‍शन 80के तहत टैक्‍स छूट
 
ईएलएसएस में किए हुए निवेश पर इनकम टैक्‍स के सेक्‍शन 80C के तहत 1.5 लाख रुपए तक टैक्‍स छूट मिलती है। पीपीएफ और दूसरे टैक्‍स सेविंग टूल्‍स पर जहां औसत रिटर्न 8 से 9 फीसदी का होता है, वहीं शेयर बाजार से जुड़े होने की वजह से ईएलएसएस में आयकर की धारा 80सी में आने वाले अन्य सभी निवेश विकल्पों से अधिक रिटर्न देने की संभावनाएं होती हैं।
 
ईएलएसएस के फायदे
ईएलएसएस के कई लाभ हैं, जैसे इनकम टैक्‍स सेविंग वाले अन्य विकल्पों की तुलना में ईएलएसएस का लॉक-इन पीरियड (मात्र 3 साल) सबसे छोटा होता है। इसके अलावा, इससे मिलने वाला लाभांश भी कर मुक्त होता है। इस पर कोई लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स भी नहीं लगता है। यानी मुनाफा कर मुक्त होता है।
 
कैसे चयन करें
ऐसे लोग जो आयकर बचत के साथ इक्विटी से सालाना रिटर्न की उम्मीद कर रहे हैं, उन्हें ‘डिविडेंट' विकल्प और जो लोग इक्विटी से जुड़ा हुआ एकमुश्त कोष चाहते हैं, उन्हें ईएलएसएस योजनाओं के ‘ग्रोथ’ विकल्प का चुनाव करना चाहिए।
 
किसे निवेश करना चाहिए
 
आयकर के 10%, 20% या 30% के स्लैब में आने वाला हर व्यक्ति ईएलएसएस में निवेश कर सकता है। बाजार से जुड़े होने और डायवर्सिफाइड होने की वजह से ईएलएसएस सभी के लिए उपयुक्त है।
 
युवाओं के लिए एक अवसर
 
अपने करियर की शुरुआत करने वाले ऐसे युवा जो आयकर के दायरे में आ रहे हैं, उन्हें ईएलएसएस में निवेश करना चाहिए। इससे वे न सिर्फ टैक्स बचा सकेंगे, बल्कि कार खरीदने, घर खरीदने या अपनी शादी के लिए पैसे जमा करने जैसे मिड टर्म के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए एक कोष भी तैयार कर सकेंगे।   
 
मध्यम आयु वर्ग के लिए अनिवार्य
 
30 से 60 वर्ष आयु-वर्ग के लोग इनकम टैक्‍स बचाने और अपने निवेश पोर्टफोलियो को इक्विटी का एक्सपोजर देने के लिए ईएलएसएस में निवेश कर सकते हैं। ईएलएसएस में इक्विटी एक्सपोजर और आयकर बचत का लाभ एक साथ मिल जाता है।
 
वरिष्ठ नागरिकों के लिए सबसे बेहतर
 
ईएलएसएस या इक्विटी वरिष्ठ नागरिकों/सेवानिवृत्त लोगों के लिए उपयुक्त नहीं है। सच्चाई इसके उलट है। ईएलएसस आपको न सिर्फ आयकर बचाने में मदद करेगा, बल्कि सिर्फ तीन साल में आपको लिक्विडिटी भी प्रदान कर देगा। कर बचत वाली बैंक की सावधि जमाओं में लॉक-इन पीरियड पांच साल का होता है। इसके अलावा रिटर्न पर कर लगता है और टीडीएस प्रत्येक वर्ष कटता है। लगातार टीडीएस कटौती की वजह से बैंक की टैक्स सेविंग वाली सावधि जमाओं में लंबी अवधि की गणना में रिटर्न कम हो जाता है।
 
कितना निवेश करें
 
ईएलएसएस में सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) के जरिए निवेश किया जा सकता है। एसआईपी 1000 रुपए प्रति माह जैसी छोटी राशि की भी हो सकता है और यह रकम सीधे आपके बैंक खाते से कट जाएगी। यह आपको नियमित निवेश की आदत डालने में भी सहायता करती है। आप एकमुश्त रकम भी निवेश कर सकते हैं, लेकिन एकमुश्त निवेश के लिए न्यूनतम निवेश राशि 5,000 रुपए है। कोई भी व्यक्ति 1.5 लाख रुपए तक की कटौती क्लेम कर सकता है और अपने टैक्स स्लैब के हिसाब से 46,350 रुपए तक की आयकर छूट हासिल कर सकता है।
 
नोट: लेखक अनिल चोपड़ा बजाज कैपिटल लिमिटेड के ग्रुप सीईओ एंव डायरेक्‍टर हैं।
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