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इनकम टैक्‍स बचाने के ये हैं 22 तरीके, ऐसे उठाएं फायदा

हमको ऐसे 22 तरीके बता रहे हैं जिनका इस्‍तेमाल कर आप अपनी इनकम पर टैक्‍स बचा सकते हैं।

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नई दिल्‍ली। अगर आपकी सालाना इनकम 2.5 लाख रुपए से अधिक है तो आपको इनकम के हिसाब से 5 फीसदी से लेकर 30 फीसदी तक टैक्‍स देना पड़ता है। आज हमको ऐसे 22 तरीके बता रहे हैं जिनका इस्‍तेमाल कर आप अपनी इनकम पर टैक्‍स बचा सकते हैं। इनमे से कुछ तरीके सैलरी क्‍लास के लोगों के लिए हैं और कुछ तरीके बिजनेस क्‍लास के लोगों के लिए हैं। सबसे पहले जानें सैलरी क्‍लास के लोग किन तरीकों से टैक्‍स बचा सकते हैं। यह तरीके वित्‍त वर्ष 2017-18 के लिए हैं। 
 
सैलरी क्‍लास के लिए 


1- सेक्‍शन 80 सी के तहत टैक्‍स छूट

 

बैंकबाजारडॉटकॉम के सीईओ आदिल शेट्टी के अनुसार इनकम टैक्‍स एक्‍ट के तहत टैक्‍स छूट पाने का यह सबसे पापुलर तरीका है। इसके तहत आप लाइफ इन्‍श्‍योरेंस का प्रीमियम जमा कर, ईएलएसएस म्‍यूचुअल फंड, ईपीएफ कंट्रीब्‍यूशन, एन्‍युटी प्‍लान के प्रीमियम पेमेंट, पोस्‍ट ऑफिस स्‍माल सेविंग स्‍कीम्‍स में निवेश और होम लोन के प्रिंसिपल अमाउंट का रिपेमेंट कर टैक्‍स छूट क्‍लेम कर सकते हैं। इसके अलावा 5 साल की बैंक एफडी और पब्लिक प्रॉविडेंट फंड में निवेश कर आप टैक्‍स छूट क्‍लेम कर सकते हैं। सेक्‍शन 80 सी के तहत आप अधिकतम 1.5 लाख रुपए निवेश कर टैक्‍स छूट क्‍लेम कर सकते हैं। 

 

2- सेक्‍शन 80 डी के तहत टैक्‍स छूट 

 

 सेक्‍शन 80 डी के तहत आप सेक्‍शन 80 सी पर मिलने वाली टैक्‍स छूट के अतिरिक्‍त आप अपने लिए, पत्‍नी, बच्‍चों और पैरेंट्स के लिए 25,000 रुपए तक का हेल्‍थ इन्‍श्योरेंस प्रीमियम भुगतान कर टैक्‍स छूट पा सकते हैं। अगर आपके पैरेंट्स सीनियर सिटीजन हैं और आप उनके लिए हेल्‍थ इन्‍श्‍योरेंस प्रीमियम का भुगतान कर रहे हैं तो आप 30,000 रुपए तक के प्रीमियम पर टैक्‍स छूट पा सकते हैं। यहां तक कि अगर आपके पैरेंट्स आर्थिक रूप से आत्‍मनिर्भर हैं तब भी आप सेक्‍शन 80 डी के तहत टैक्‍स छूट पा सकते हैं। 

 

3 -सेक्‍शन 80 डीडी के तहत टैक्‍स छूट 


 अगर आपके परिवार का कोई सदस्‍य दिव्‍यांग है जो आर्थिक तौर पर आप पर निर्भर है तो सेक्‍शन 80 डीडी के तहत टैक्‍स छूट क्‍लेम कर सकते हैं। टैक्‍स छूट की राशि विकलांगता के स्‍तर पर निर्भर करेगी। 40 से 80 फीसदी विकलांगता के लिए आप 75,000 रुपए तक टैक्‍स छूट पा सकते हैं वहीं 80 फीसदी से अधिक विकलांगता के लिए आप 1.25 लाख रुपए तक टैक्‍स छूट मिल सकती है। विकलांगता का स्‍तर तय करने के लिए किसी मेडिकल प्रैक्टिसर द्वारा जारी किया गया विकलांगता प्रमाण पत्र फाइनल अथॉरिटी होगा। 

 

4- सेक्‍शन 80 डीडीबी के तहत टैक्‍स छूट 

 

 अगर आपका कोई रिश्‍तेदार जो आप पर निर्भर हो गंभीर बीमारी से पीडि़त है तो आप आप सेक्‍शन 80 डीडीबी के तहत 40,000 रुपए तक पर टैक्‍स छूट पा सकते हैं। इसके लिए जरूरी है कि बीमारी इनकम टैक्‍स एक्‍ट के रूल 11डी में दी गई बीमारी में से एक होनी चाहिए। अगर आप सीनियर सिटीजन है तो आप को 60,000 रुपए तक टैक्‍स छूट मिल सकती है और अगर किसी की उम्र 80 साल से अधिक है तो उसे 80,000 रुपए तक की टैक्‍स छूट मिल सकता है। सेक्‍शन 80 डीडीबी के तहत टैक्‍स छूट पाने के लिए आपको हॉस्पिटल या मेडिकल स्‍पेशलिस्‍ट से बीमारी का सर्टिफिकेट देना होगा। 


5- सेक्‍शन 80 ई के तहत टैक्‍स छूट 

 

अगर आपने खुद के लिए या बच्‍चों के लिए एजुकेशन लोन लिया है तो आप इनकम टैक्‍स एक्‍ट के सेक्‍शन 80 ई के तहत टैक्‍स छूट पा सकते हैं। लोन के रिपेमेंट पर जो ब्‍याज आप चुकाएंगे उस पर आप टैक्‍स छूट क्‍लेम कर सकते हैं। आप जब से एजुकेशन लोन का रिपेमेंट शुरू करते हैं उसके बाद 8 साल तक आप टैक्‍स छूट क्‍लेम कर सकते हैं। 

 

6 - सेक्‍शन 80 जी के तहत टैक्‍स छूट 

 

 अगर आप दान के तौर पर किसी संगठन को पैसा देते हैं जो टैक्‍स छूट का हकदार है तो आप इनकम टैक्‍स एक्‍ट के सेक्‍शन 80 जी के तहत टैक्‍स छूट ले सकते हैं। आप इस तरह से 50 फीसदी या 100 फीसदी टैक्‍स छूट पा सकते हैं। यह चैरिटेबल ऑर्गनाइजेशन पर निर्भर करेगा। अगर आप 2,000 रुपए से अधिक कैश में डोनेशन देते हैं तो आप को टैक्‍स छूट नहीं मिलेगी। 


- सैलरी क्‍लास के लोगों के लिए टैक्‍स बचाने के लिए कुछ और ऑप्‍शन 

 

सैलरी क्‍लास के लोग सेक्‍शन 10 14 (आई) के तहत आने वाले सभी टैक्‍स छूट क्‍लेम कर सकते हैं। जैसे आपके इम्‍पलायर द्वारा दिए जाने वाले यूनीफॉर्म अलाउंस, हेल्‍थ क्‍लब अलाउंस, टेलीफोन अलाउंस, टेलीफोन और इंटरनेट अलाउंस, मील बाउचर, प्रोफेशनल जरूरतों के लिए अलाउंस, कार लीज और रीइम्‍बर्समेंट अमाउंटस आदि। इनमें से ज्‍यादतर अलाउंस सेक्‍शन 10 14 (आई) के तहत आते हैं।  

 - जब आप लोन लेते हैं तो ऐसा नहीं है कि सिफ रिपेमेंट पर ही आप टैक्‍स छूट क्‍लेम कर सकते हैं। आप बैंक को जो लोन प्रोसेसिंग फीस का भुगतान कर सकत हैं आप सेक्‍शन 2 (28 ए) के तहत टैक्‍स छूट क्‍लेम कर सकते हैं। 

 -  किसी भी लोन पर 2 लाख रुपए तक के इंटरेस्‍ट पेमेंट पर आप सेक्‍शन 24 के तहत टैक्‍स छूट क्‍लेम कर सकते हैं। होल लोन के लिए प्रिंसिपल अमाउंट पर टैक्‍स सेविंग के अलावा आप सेक्‍शन 24 के तहत टैक्‍स छूट क्‍लेम कर सकते हैं। 
 -   आप अपनी सैलरी का 10 फीसदी तक न्‍यू पेंशन सिस्‍टम यानी एनपीएस में निवेश कर 80 सीसीडी के तहत 50, 000 रुपए टैक्‍स छूट क्‍लेम कर सकते हैं। यह 80 सी के तहत 1.5 लाख रुपए तक मिलने वाली टैक्‍स छूट के अतिरिक्‍त है। 

 

बिजनेस क्‍लास के लिए 

 

7-  सेक्‍शन 80 सी के तहत टैक्‍स छूट 

 

 बिजनेस मैन इनकम टैक्‍स एकट के सेक्‍शन 80 सी के तहत 1.5 लाख रुपए तक टैक्‍स छूट क्‍लेम कर सकते हैं। बिजनेस मैन पीपीएफ, ईएलएसएस म्‍युचुअल फंड, एनपीएस, सीनियर सिटीजन सेविंग स्‍क्‍ीम, टैक्‍स सेविंग एफडी, पोस्‍ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट में निवेश कर टैक्‍स छूट क्‍लेम कर सकते हैं। इसके अलावा लाइफ इन्‍श्‍योरेंस प्रीमियम, होम लोन  रिपेमेंट, प्रॉपर्टी पर स्‍टॉम्‍प ड्यूटी और रजिस्‍ट्रेशन चार्ज पर भी टैक्‍स छूट क्‍लेम कर सकते हैं। अगर आपके बेटी है और उसकी उम्र 10 साल या इससे कम है तो आप सकुन्‍या समृद्धि स्‍क्‍ीम में पैसा जमा कर भी टैक्‍स छूट ले सकते हैं। आप बच्‍चों की पढ़ाई के लिए ट्यूशन फीस पेमेंट पर भी टैक्‍स छूट क्‍लेम कर सकते हैं। 80 सी के तहत आप एक साल में कुल 1.5 लाख रुपए के निवेश पर ही टैक्‍स छूट ले सकते हैं। 
8- सेक्‍शन 80 सीसीसी और सेक्‍शन 80 सीसीडी (आई) के तहत टैक्‍स छूट 

 

सेक्‍शन 80 सी, सेक्‍शन 80 सीसीसी और सेक्‍शन 80 सीसीडी (आई) सबको मिला कर आप एक साल में 1.5 लाख रुपए तक ही टैक्‍स टैक्‍स छूट क्‍लेम कर सकते हैं। अगर आप 80 सी के तहत पहले ही 1.5 लाख रुपए की लिमिट का यूज कर चुके हैं तो आप पेंशन प्‍लान के लिए 80 सीसीसी के तहत टैक्‍स छूट या सेक्‍शन 80सीसीडी आई के तहत एनपीएस में निवेश पर टैक्‍स छूट के ऑप्‍शन का यूज नहीं कर सकते हैं। आप सेक्‍शन 80 सीसीडी (1बी) के तहत 50,000 रुपए की अतिरिक्‍त टैक्‍स छूट ले सकते हैं अगर आप वित्‍त वर्ष 2017-18 के लिए एनपीएस में निवेश करते हैं। 

9- सेक्‍शन 80 डी के तहत टैक्‍स छूट 

 

 अगर आप अपने लिए, फैमिली के लिए या पत्‍नी के लिए साल में वित्‍त वर्ष 2017 18 में 25,000 रुपए तक हेल्‍थ इन्‍श्‍योरेंस प्रीमियम का पेमेंट करते हैं तेा आप टैक्‍स छूट क्‍लेम कर सकते हैं। अगर आप सीनियर सिटीजन हैं तो आप 30,000 रुपए तक हेल्‍थ इंन्‍श्‍योरेंस प्रीमियम का भुगतान कर टैक्‍स छूट क्‍लेम कर सकते हैं। 

 

आगे पढें-टैक्‍स बचाने के लिए और तरीके 

10- सेक्‍शन  80 जीजी के तहत टैक्‍स छूट 


अगर आपका घर नहीं है और आप किराए के घर में रहते हैं तो आप सेक्‍शन 80 जीजी के तहत टैक्‍स छूट क्‍लेम कर सकते हैं। टैक्‍स छूट मिनिमम होगी 
1- रेंट पेमेंट- कुल इनकम का 10 फीसदी 
2-प्रति माह 5000 रुपए 
3- कुल इनकम का 25 फीसदी 


11- सेक्‍शन 80 डीडी के तहत टैक्‍स छूट 


 अगर आपका कोई रिशतेदार दिव्‍यांग है और आप पर निर्भर है तो आप उसके इलाज पर सेक्‍शन 80 डीडी के तहत टैक्‍स छूट क्‍लेम कर सकते हैं। आप इस केस में कुल 75,000 रुपए तक टैक्‍स छूट क्‍लेम कर सकते हैं। अगर दिव्‍यांग की विकलांगता ज्‍यादा गंभीर है तो ऐसे केस में टैक्‍स छूट 1,25,000 रुपए तक पर मिल सकती है। 


12- सेक्‍शन 80डीडीबी के तहत टैक्‍स छूट 


आप सेक्‍शन 80 डीडीबी के तहत  अपने या आप पर निर्भर परिवार के सदस्‍य के इलाज पर अधिकतम 40,000 रुपए टैक्‍स छूट क्‍लेम कर सकते हैं। सीनियर सिटीजन को 60,0000 रुपए तक मेडिकल खर्च पर टैक्‍स छूट मिल सकती है। वहीं अगर कि‍सी की उम्र 80 साल से अधिक है तो उसे एक साल में 80,000 रुपए तक के मेडिक्‍ल खर्च पर टैक्‍स छूट मिल सकती है। 


 सेक्‍शन 80 यू के तहत टैक्‍स छूट 
 अगर कोई व्‍यक्ति शारीरिक तौर पर अपंग है तो वह सेक्‍शन 80 यू के तहत 75,000 रुपए तक पर टैक्‍स छूट ले सकता है। अगर शारीरिक अपंगता का स्‍तर बहुत ज्‍यादा है तो इस केस में टैक्‍स छूट 1,25,0000 रुपए तक हो सकती है। 


13- 80 जी के तहत टैक्‍स छूट 


सेक्‍शन 80 जी के तहत आप किसी ऐसे संगठन को चैरिटी या डोनेशन के तौर पर पैसा देकर टैक्‍स छूट क्‍लेम कर सकते हैं जो टैक्‍स छूट का हकदार हो। टैक्‍स छूट 50 फीसदी से 100 फीसदी तक हो सकती है। 


14-सेक्‍शन 80 ई के तहत टैक्‍स छूट 


अगर आपने अपनी हायर एजुकेशन, पत्‍नी या ब्‍च्‍चों के लिए एजुकेशन लोन लिया है तो आप सेक्‍शन 80 ई के तहत इंटरेस्‍ट पर टैक्‍स छूट क्‍लेम कर सकते हैं। यह टैक्‍स छूट लोन का रिपेमेंट शुरू होने स 8 तक मिल सकती है। 

 

15- सेक्‍शन 24 के तहत टैक्‍स छूट 


आपने ने अगर होम लोन लेकर घर खरीदा है और आप उसमें रह रहे हैं तो आप होम लोन इंटरेस्‍ट पर एक साल में 2 लाख रुपए तक टैक्‍स छूट क्‍लेम कर सकते हैं। आप सेक्‍शन 80 ईई के तहत 50,000 रुपए की अतिरिक्‍त टैक्‍स छूट क्‍लेम कर सकते हैं अगर आपने वित्‍त वर्ष 2017 18 में पहली प्रॉपर्टी खरीदने के लिए लोन लिया है। 


16- सेक्‍शन 80 जीजीबी के तहत टैक्‍स छूट 


 अगर आप किसी रजिस्‍टर्ड राजनीतिक दल को चंदा देते हैं तो आप टैक्‍स छूट क्‍लेम कर सकते हैं। लेकिन यह चंदा कैश में नहीं दिया जाना चाहिए। 


17--सेक्‍शन 80 आर आर बी के तहत टैक्‍स छूट 
 

अगर आपको पेटेंट पर रॉयल्‍टी के तौर पर इनकम हो रहर है तो आप सेक्‍शन आर आर बी के तहत एक साल में 3 रुपए तक की टैक्‍स छूट क्‍लेम कर सकते हैं। 


18- ऑपरेशन खर्च के लिए टैक्‍स छूट 
अगर आप फ्रीलांसर है तो आप बिजनेस और काम से जुडे खर्च पर टैक्‍स छूट पा सकते हैं। आप ऑफिस रेंट और रिपेयर, ऑफिस सप्‍लाई, इंटरनेट बिल, मोबाल बिल, ट्रैवलिंग, एंटरटेनमेंट, हॉस्पिटली खर्च पर टैक्‍स छूट क्‍लेम कर सकते हैं। इन खर्च पर टैक्‍स छूट क्‍लेम करने के लिए आपको खर्च की रसीद लगानी होगी। 


19-बिजनेस में नुकसान पर टैक्‍स छूट 
अगर आपको किसी दूसरे बिजनेस, शेयर ट्रेडिंग या खराब कर्ज की वजह से नुकसान हुआ है तो आप इस नुकसान को अपने बिजनेस में हुए मुनाफे के अगेंस्‍ट सेट ऑफ कर सकते हैं। आप लगतार अगले 8 साल तक ऐसा कर सकते हैं। आप टैक्‍स लायबिलिटी कैलकुलेट करने से पहले कमोडिटीज ट्रांजैक्‍शन टैक्‍स, बैंकिंग ट्रांजैक्‍शन टैक्‍स, सेक्‍युरिटीज ट्रांजैक्‍शन टैक्‍स घटा सकते हैं। 


20- बिजनेस लोन पर टैक्‍स छूट 


 अगर आपने वर्किंग कैपिटल, इक्‍युपमेंट या इन्‍वेंटरी खरीदने के लिए बिजनेस लोन लिया है तो आप लोन के इंटरेस्‍ट पर टैक्‍स छूट क्‍लेम कर सकते हैं। आप बिजनेस के लिए पर्सनल पर इंटरेस्‍ट पेमेंट पर भी टैक्‍स छूट क्‍लेम कर सकते हैं। 
21- इम्‍पलाई खर्च पर टैक्‍स छूट 
आप इम्‍पलाई पर हुए खर्च जैसे सैलरी, बोनस या कमीशन पर टैक्‍स छूट क्‍लेम कर सकते हैं। ये खर्च टैक्‍स कैलकुलेट करने से पहले बिजनेस इनकम में से घटा दिए जाते हैं। 


22- डेप्रिशिएटिंग असेट पर टैक्‍स छूट 
बिजनेस मैन बिजनेस में फर्नीचर और गैजैज जैसे लैपटाप का यूज करता है। ऐसे खर्च को कैपिटल एक्‍सपेंसेज कहा जाता है। बिजनेस मैन को हर साल डेप्रिशिएशन चार्ज करने कीअनुमति होती है। डेप्रिशिएशन के लिए कितनी टैक्‍स छूट मिलेगी यह असेट किस तरह का है इस पर निर्भर करता है। ऑफिस में नया बनवाया गया लकड़ी का स्‍ट्रक्‍चर 100 फीसदी तक डेप्रिशिएट हो सकता है। 

 

 

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