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डायरेक्‍ट टैक्‍स में होगा बड़ा रिफॉर्म, नए इनकम टैक्‍स कानून के लिए सरकार ने बनाई टास्क फोर्स

केंद्र सरकार ने एक टास्‍क फोर्स गठित की है जो नए डायरेक्‍ट टैक्‍स कानून का मसौदा तैयार करेगी।

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नई दिल्‍ली. जीएसटी के बाद अब सरकार डायरेक्‍ट टैक्‍स में बड़ा सुधार करने की तैयारी कर रही है। केंद्र सरकार ने एक टास्‍क फोर्स गठित की है जो नए डायरेक्‍ट टैक्‍स कानून का मसौदा तैयार करेगी। यह कानून मौजूदा इनकम टैक्‍स एक्‍ट की जगह लेगा। टॉस्‍क फोर्स अगले 6 माह में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।  सात सदस्‍यीय टास्‍क फोर्स का संयोजक अरविंद मोदी को बनाया गया है। अरविंद मोदी सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्‍ट टैक्‍स (सीबीडीटी) के मेंबर हैं। इसके अलावा चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर पैनल में स्‍पेशल इनवाइटी हैं। 

 

 

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देश की आर्थिक जरूरतों के हिसाब से कानून का मसौदा बनाएगी टास्‍क फोर्स 

 

टास्‍कफोर्स को दुनिया के तमाम देशों में लागू टैक्‍स सिस्‍टम, इंटरनेशनल बेस्‍ट प्रैक्टिसेज और देश की आर्थिक जरूरतों को ध्‍यान में रखते हुए डायरेक्‍ट टैक्‍स कानून का मसौदा तैया करने की जिम्‍मेदारी दी गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुछ समय पहले इनकम टैक्‍स एक्‍ट की समीक्षा किए जाने की जरूरत पर जोर दिया था। 

 

टैक्‍स नियमों को आसान बनाएगी सरकार 

बजट से पहले इस कदम से सरकार ने संकेत दिया था कि वह डायरेक्‍ट टैक्‍स से जुड़े नियमों को आसान बनाना चाहती है। इससे सरकार निवेशकों को संदेश देना चाहती है कि इनकम टैक्‍स के मोर्चे पर भी अब उनके लिए भारत में कारोबार करना आसान होगा। 

 

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आया था डायरेक्‍ट टैक्‍स कोड का प्रस्‍ताव 

पूर्व वित्‍त मंत्री पी चिंदबरम ने जटिल इनकम टैक्‍स नियमों की जगह लेने के लिए डायरेक्‍ट टैक्‍स कोड का प्रस्‍ताव तैयार किया था। इसमें टैक्‍स दर को कम रखने और टैक्‍स छूट खत्‍म करने की बात कही गई थी। अरविंद मोदी ने डायरेक्‍ट टैक्‍स कोड तैयार करने में पूर्व वित्‍त मंत्री की मदद की थी। हालांकि तत्‍कालीन सरकार उस बिल को पारित नहीं कर पाई थी। 

 

डायरेक्‍ट टैक्‍स कोड में थे ये प्रावधान 

 

यूपीए सरकार के समय संसद में रखे डायरेक्‍ट टैक्‍स कोड में Income Tax छूट की सालाना लिमिट 2 लाख रुपए रखने, 2 से 5 लाख रुपए इनकम पर 10 फीसदी टैक्‍स, 5 से 10 लाखा इनकम पर 20 फीसदी और 10 लाख से अधिक इनकम पर 30 फीसदी टैक्‍स लगाने का प्रस्‍ताव किया गया था। इसके अलावा घरेलू कंपनियों की बिजनेस इनकम पर 30 फीसदी टैक्‍स लगाने का प्रस्‍ताव किया गया था। 

 

1 जुलाई से लागू हुआ जीएसटी 

 

मोदी सरकार ने 1 जुलाई से देश में गुडस एंड सर्विस टैक्‍स यानी GST लागू किया है। इसे इनडायरेक्‍ट टैक्‍स के इतिहास में देश का सबसे बड़ा सुधार माना जा रहा है। सरकार का दावा है कि जीएसटी लागू होने से देश में कारोबार करना आसान हुआ है। 

 

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