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आधार की सिक्‍योरिटी पर ZDNet की रिपोर्ट ने उठाए सवाल, UIDAI ने किया खारिज

आधार डेटा की सिक्‍योरिटी को लेकर भारत सरकार के दावों को जानी-मानी बिज़नेस टेक्नॉलजी वेबसाइट ZDNet ने खारिज कर दिया है।

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नई दिल्‍ली. आधार डेटा की सिक्‍योरिटी को लेकर भारत सरकार के दावों को जानी-मानी बिजनेस टेक्नॉलजी वेबसाइट ZDNet ने खारिज कर दिया है। ZDNet की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि आधार कार्ड यूजर्स की सभी जानकारियां आसानी से डाउनलोड किया जा सकता है। वहीं, यूनीक आइडेंटीफिकेश अथॉरिटी ऑफ इंडिया (आधार अथॉरिटी- UIDAI) ने कहा है कि आधारधारकों की जानकारी लीक होने की खबरों में कोई सच्चाई नहीं है। डाटाबेस पूरी तरह सेफ है। आधार अथॉरिटी ने डाटा लीक का दावा करने वाली कंपनी पर कानूनी कार्रवाई करने की भी बात कही है। 22 मार्च को आधार अथॉरिटी ने सुप्रीम कोर्ट में पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के जरिए दलीलें पेश की थीं।  

 


क्‍या किया गया है दावा 

रिपोर्ट में रिसर्चर करण सैनी के हवाले से ये दावा किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली स्थित सिक्योरिटी रिसर्चर सैनी ने एक पब्‍लिक सेक्‍टर की कंपनी, जिसके पास आधार डाटाबेस का एक्सेस है, के सिस्टम में पाया कि यहां से सभी आधार कार्ड यूजर्स की निजी जानकारियों को डाउनलोड किया जा सकता है। सैनी के मुताबिक इस सिस्टम से आधार कार्ड यूजर्स का नाम, उसका 12 अंकों वाला आधार नंबर और उसका आधार जिन सेवाओं से लिंक है समेत अन्य निजी जानाकारियां डाउनलोड करने के लिए उपलब्ध हैं।

 

20 मिनट से भी कम समय में लीक 

सैनी के मुताबिक इन जानकारियों को लीक करने के लिए 20 मिनट से भी कम का समय चाहिए। सैनी ने रायटर्स को बताया, यूजर्स के डिटेल्‍स को एक्सेस करना आसान है। इसके लिए आपको यूनिफ़ॉर्म रिसोर्स लोकेटर की आवश्यकता है जहां एप्‍लीकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफ़ेस स्थित है। इसके बाद सिर्फ 20 मिनट से कम समय में सारी जानकारियां पाई जा सकती हैं। 

 

सुपरकंम्यूटर भी नहीं कर सकता लीक 

ये रिपोर्ट यूआईडीआई के सीआईओ, अजय भूषण के सुप्रीम कोर्ट में उस बयान के बाद आई है जिसमें उन्होंने कहा था कि आधार डाटा को इस तरह से सुरक्षित करके रखा गया है कि अगर एक सुपरकंम्यूटर की मदद से भी उसे हासिल करने की कोशिश की जाए तो उसे 13 लाख साल लग जाएंगे। हालांकि इस रिपोर्ट में उस पब्‍लिक सेक्‍टर वाली कंपनी का नाम नहीं बताया गया है जिसके सिस्टम में ये डाटा लीक पाया गया है।  लेकिन रिपोर्ट में कहा गया है कि ये कंपनी अपनी सर्विसेज को देने से पहले API प्रोग्रामिंग के जरिए लोगों के आधार की सत्यता जांच करती है और यहीं ये खामी सामने आई है। 

 

यूआईडीआई ने किया खारिज 

यूआईडीआई ने इस रिसर्चर के दावे को सिरे से खारिज कर दिया है। यूआईडीआई ने इस खबर पर टिप्पणी करते हुए कहा कि एक वेबसाइट में किसी सिक्योरिटी रिसर्टर के हवाले से आधार डाटा लीक की जो खबर छापी वो बिल्कुल गलत है। आधार सुरक्षित है।

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