बिज़नेस न्यूज़ » Personal Finance » Income Tax » Updateयुवाओं को नहीं भा रही मोदी की बात, वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट में खुलासा

युवाओं को नहीं भा रही मोदी की बात, वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट में खुलासा

देश की कमान नरेंद्र मोदी के हाथों में आई तो उन्‍होंने लोगों को बैंकिंग सिस्‍टम से जोड़ने के लिए तमाम प्रयास किए।

1 of

नई दिल्‍ली। 2014 में जब देश की कमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों में आई तो उन्‍होंने लोगों को बैंकिंग सिस्‍टम से जोड़ने के लिए तमाम प्रयास किए। इन्‍हीं प्रयासों में से एक जन-धन योजना खोलना था। मोदी सरकार के जनधन योजना के तहत 31 करोड़ भारतीय बैंकिंग सिस्‍टम से जुड़ चुके हैं।  लेकिन इसके बावजूद 15 करोड़ से भी ज्‍यादा युवाओं के पास बैंक अकाउंट नहीं है। यही नहीं, जिन लोगों के निजी बैंक अकाउंट हैं उनमें आधे से भी ज्‍यादा लोगों का अकाउंट पिछले एक साल से इन्‍एक्टिव हैं।  यह खुलासा वर्ल्‍ड बैंक की रिपोर्ट में हुआ है। रिपोर्ट में इसके अलावा और भी कई हैरान करने वाले खुलासे किए गए हैं। तो आइए, जानते हैं कि आखिर क्‍या है रिपोर्ट में। 

 

 

क्‍या है रिपोर्ट में
वर्ल्‍ड बैंक द्वारा जारी ग्‍लोबल फिंडेक्‍स डाटाबेस के मुताबिक इंटरनेशनल मॉनेटरिंग फंड और वर्ल्‍ड बैंक के एनुअल  स्प्रिंग मीटिंग के दौरान विश्‍व के 11 फीसदी युवा भारतीय हैं, जिनका निजी बैंक अकाउंट नहीं है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत की युवा आबादी 2011 से 80 फीसदी तक बढ़ी है।
 
ग्‍लोबली आई तेजी
रिपोर्ट के मुताबिक ग्‍लोबली 65 फीसदी युवाओं के पास बैंक अकाउंट या मोबाइल मनी प्रोवाइडर है। यह आंकड़ा 2014 की तुलना में 3 फीसदी ज्‍यादा है। 2014 में 62 फीसदी युवाओं के बैंक अकाउंट थे। जबकि 2011 में यह आंकड़ा 51 फीसदी के करीब था। रिपोर्ट के मुताबिक 2014 से 2017 के बीच 51 करोड़ से ज्‍यादा युवाओं के बैंक अकाउंट खुले।आगे पढ़ें - इस मामले में भारत से आगे कौन 

 

टॉप पर है चीन 
बैंक ने कहा कि चीन और भारत में जनसंख्‍या के हिसाब से लोग बैंकिंग सिस्‍टम से अभी नहीं जुड़े हैं। इसके मुताबिक चीन में 22 करोड़ से ज्‍यादा युवाओं के पास निजी बैंक अकाउंट नहीं है। वहीं भारत के 19 करोड़ युवा अभी भी बिना बैंक अकाउंट के हैं। इस मामले में तीसरे और चौथे स्‍थान पर पाकिस्‍तान (10 करोड़ ) और इंडोनेशिया (9.5 करोड़) है।  
 
सरकार की बढ़ेगी चिंता
वर्ल्‍ड बैंक ने कहा कि मोदी सरकार ने 2014 में सत्‍ता में आने के बाद से ही जनधन योजना के तहत लोगों के बैंक अकाउंट खोलने के प्रयास कर रही है। लेकिन इसके बावजूद बीते 1 साल से आधे से अधिक अकाउंट एक्टिव नहीं हैं। यह सरकार के लिए चिंता का विषय है।   
 

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट